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आरएन रवि के राज्यपाल बनने से बंगाल में कानून-व्यवस्था में सुधार की आशा: दिलीप घोष

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आरएन रवि के राज्यपाल बनने से बंगाल में कानून-व्यवस्था में सुधार की आशा: दिलीप घोष

सारांश

मिदनापुर में दिलीप घोष ने कहा कि आरएन रवि के राज्यपाल बनने से पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। उनका स्वागत करते हुए उन्होंने वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई है।

मुख्य बातें

आरएन रवि का राज्यपाल बनना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव है।
बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
भाजपा नेता दिलीप घोष ने सुधार की उम्मीद जताई है।
ममता बनर्जी और राज्यपाल के बीच विवाद जारी है।
राष्ट्रपति शासन की संभावना पर चर्चा हो रही है।

मिदनापुर, ६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में सीवी आनंद बोस के इस्तीफे के बाद आरएन रवि को नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दिलीप घोष ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि आरएन रवि के राज्यपाल बनने से बंगाल की कानून-व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

भाजपा नेता दिलीप घोष ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा, "नए राज्यपाल आ रहे हैं और हम उनका स्वागत करते हैं। हमें खुशी है कि एक आईपीएस अधिकारी बंगाल में राज्यपाल के पद पर हैं। यहाँ की कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत गंभीर है। हमें उम्मीद है कि उनकी देखरेख में इसमें सुधार होगा।"

यह ध्यान देने योग्य है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार और पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी रही है। विशेषकर कानून व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार और राज्यपाल के बीच विवाद अक्सर देखने को मिले हैं। विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को अपना इस्तीफा दे दिया। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया और तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया।

दिलीप घोष ने कहा, "बंगाल में लोग सही चिकित्सा न मिलने के कारण मर रहे हैं। यहाँ से कुछ ही मरीजों को इलाज के लिए भेजा जाता है। सड़कों की स्थिति भी चिंताजनक है। यदि किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाया जाता है, तो संभव है कि वह रास्ते में ही दम तोड़ दे। यहाँ की अव्यवस्था के कारण लोग परेशान हैं।"

भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की चर्चाओं पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा, "यदि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू होने की आवश्यकता है, तो ममता बनर्जी इसे रोक नहीं सकतीं। लेकिन राज्यपाल के बदलने का मतलब यह नहीं है कि राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है।"

उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी के कारण ही राष्ट्रपति शासन लग सकता है, क्योंकि एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी और देरी हो रही है। जब तक अंतिम मतदाता सूची नहीं आएगी, तब तक राज्य में चुनाव नहीं होंगे। यदि स्थिति इसी तरह बनी रही, तो राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ सकता है और इसके लिए सभी को तैयार रहना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां नए राज्यपाल की नियुक्ति से पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार की संभावनाएं जताई जा रही हैं। भाजपा ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, जबकि ममता बनर्जी की सरकार को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति कैसी है?
पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को गंभीर माना जा रहा है, जिसके लिए भाजपा नेता दिलीप घोष ने चिंता जताई है।
ममता बनर्जी का राज्यपाल के साथ विवाद क्यों है?
ममता बनर्जी की सरकार और पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के बीच कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर कई बार टकराव हुआ है।
क्या राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है?
भाजपा नेता दिलीप घोष का कहना है कि यदि स्थिति बनी रही, तो राष्ट्रपति शासन लगाने की संभावना है।
आरएन रवि के आने से क्या बदलाव आ सकता है?
उनके आने से कानून-व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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