आर.एन. रवि आज पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के रूप में लेंगे शपथ
सारांश
Key Takeaways
- आर.एन. रवि का राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण
- पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर असर
- शपथ समारोह में महत्वपूर्ण नेता शामिल होंगे
- सीवी आनंद बोस का अचानक इस्तीफा
- राजनीतिक विश्लेषकों की प्रतिक्रियाएं
कोलकाता, 12 मार्च (आईएएनएस): पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी और तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल आर.एन. रवि को आज पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के तौर पर शपथ दिलाई जाएगी।
आर.एन. रवि बुधवार देर रात कोलकाता पहुंचे और उनका शपथ ग्रहण समारोह आज सुबह 11:30 बजे लोक भवन में आयोजित किया जाएगा। शपथ कोलकाता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल द्वारा दिलाई जाएगी।
इस समारोह में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी भी शामिल होंगे।
आर.एन. रवि पिछले डेढ़ दशक में इंटेलिजेंस ब्यूरो के दूसरे सुपर-कॉप हैं जिन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इससे पहले, 2011 में पूर्व आईबी प्रमुख और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन को राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाई गई थी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह महज संयोग हो सकता है कि रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है, जबकि राज्य में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।
रवि की नियुक्ति से पहले उनके पूर्ववर्ती सीवी आनंद बोस ने 5 मार्च की शाम को अचानक इस्तीफा दे दिया था, जिसने राज्य के राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।
तृणमूल कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार के दबाव का परिणाम बताया है। हालांकि, बोस ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनका इस्तीफा उनकी व्यक्तिगत इच्छा से लिया गया निर्णय था।
बोस के इस्तीफे के बाद, ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें उनके अचानक इस्तीफे से आश्चर्य हुआ और उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय पर आरोप लगाया कि रवि को उनके उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किए जाने की घोषणा उनसे बिना परामर्श किए की गई।
ममता ने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री ने मुझे केवल सूचित किया कि आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है। इस संदर्भ में स्थापित परंपरा के अनुसार उनसे कोई परामर्श नहीं किया गया।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई भारत के संविधान की भावना को कमजोर करती है और देश के संघीय ढांचे की नींव को प्रभावित करती है।