पश्चिम बंगाल संकट: ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार के बाद राज्यपाल आरएन रवि ने भंग की विधानसभा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार, 7 मई 2026 को राज्य विधानसभा को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। यह ऐतिहासिक कदम तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 2026 विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार करने के बाद उठाया गया। कोलकाता के लोकभवन से जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया कि विधानसभा भंग करने का निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
राज्यपाल की संवैधानिक कार्रवाई
राज्यपाल आरएन रवि ने संविधान के अनुच्छेद 174 (2) (बी) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए विधानसभा भंग करने के साथ-साथ ममता बनर्जी के पूरे मंत्रिमंडल को भी बर्खास्त कर दिया। लोकभवन, कोलकाता की ओर से जारी पत्र में इस आदेश की पुष्टि की गई। यह कदम भारतीय संवैधानिक इतिहास में एक असाधारण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
चुनाव परिणाम और राजनीतिक संकट
2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 293 में से 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जो बहुमत के 148 सीटों के जादुई आँकड़े से कहीं अधिक है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस महज 80 सीटों तक सिमट कर रह गई। गौरतलब है कि एक सीट फाल्टा पर 21 मई को मतदान और 24 मई को परिणाम आने हैं।
सबसे बड़ा झटका ममता बनर्जी को उनकी पारंपरिक सीट भवानीपुर से मिला, जहाँ वह BJP के सुवेंदु अधिकारी से 15,000 से अधिक मतों के अंतर से हार गईं। यह हार उनके लिए व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से बड़ा धक्का मानी जा रही है।
ममता बनर्जी का रुख और आरोप
चुनाव में करारी हार के बावजूद ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर धाँधली की गई और जनता का असली जनादेश उनसे छीन लिया गया। ममता ने कहा,