कुशल दास के निधन से भारतीय फुटबॉल में शोक की लहर

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कुशल दास के निधन से भारतीय फुटबॉल में शोक की लहर

सारांश

कुशल दास के निधन से ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन में शोक की लहर है। उन्होंने भारतीय फुटबॉल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जानिए उनके कार्यकाल की विशेषताएँ और उनकी उपलब्धियाँ।

मुख्य बातें

कुशल दास का निधन भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ा नुकसान है।
उन्होंने 2017 फीफा अंडर-17 विश्व कप की सफल मेज़बानी की।
उनका कार्यकाल 12 वर्ष लंबा था।
कुशल ने महिला फुटबॉल के विकास में भी योगदान दिया।
उनका अनुभव खेल प्रशासन में महत्वपूर्ण था।

नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) के पूर्व महासचिव कुशल दास का शुक्रवार को 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया। दास ने फेडरेशन में 12 वर्षों तक कार्य किया। उन्होंने नवंबर 2010 में ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन में महासचिव का पद ग्रहण किया था। कुशल दास ने दुबई में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में भी कार्य किया।

कुशल दास ने कई महत्वपूर्ण आयोजनों और ढांचागत सुधारों का संचालन किया, जिससे भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता में वृद्ध‍ि हुई। उनके नेतृत्व में देश ने 2017 में फीफा अंडर-17 विश्व कप की सफलतापूर्वक मेज़बानी की। उनके कार्यकाल में महिला फुटबॉल में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई, जिसमें 2017 में भारतीय महिला लीग की शुरुआत शामिल है। उनके कार्यकाल के दौरान, भारत ने 2022 एएफसी महिला एशियाई कप जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की सफल मेज़बानी की। महत्वपूर्ण है कि 2022 में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था।

एआईएफएफ के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, "कुशल दास ने महासचिव के रूप में भारतीय फुटबॉल के प्रशासन और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा। इस कठिन समय में, मैं उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।"

एआईएफएफ के उप महासचिव एम सत्यनारायण ने कहा, "कुशल दास के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। वह एआईएफएफ के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले महासचिवों में से एक थे। उनके कार्यकाल में कई नए विभागों की स्थापना की गई। उनके निधन से खेल प्रशासन में एक बड़ा खालीपन आ गया है।"

कुशल दास, जो पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट थे, भारतीय फुटबॉल में प्रबंधन और प्रशासन का व्यापक अनुभव लेकर आए। उन्होंने अपने करियर के प्रारंभ में पीडब्ल्यूसी, जीएसके जैसे कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ काम किया। 1996 में, जब वैश्विक खेल विपणन और टेलीविजन उत्पादन कंपनी आईएमजी ने भारतीय बाजार में प्रवेश किया, तब कुशल दास कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) के रूप में जुड़े।

एआईएफएफ के पूर्व प्रमुख और फीफा परिषद के पूर्व सदस्य प्रफुल्ल पटेल ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा, "ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) के पूर्व महासचिव कुशल दास के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ। उनके एक दशक लंबे कार्यकाल ने भारतीय फुटबॉल को पेशेवर बनाने और ऐतिहासिक 2017 अंडर-17 फीफा विश्व कप की सफल मेज़बानी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुशल दास का कार्यकाल कब तक था?
कुशल दास का कार्यकाल ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन में 12 वर्षों तक रहा।
कुशल दास ने किन महत्वपूर्ण आयोजनों का संचालन किया?
उन्होंने 2017 में फीफा अंडर-17 विश्व कप और 2022 एएफसी महिला एशियाई कप का सफलतापूर्वक संचालन किया।
कुशल दास ने किस भूमिका में कार्य किया?
कुशल दास ने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के महासचिव के रूप में कार्य किया।
कुशल दास का पेशा क्या था?
वह पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट थे।
कुशल दास का निधन कब हुआ?
उनका निधन 13 मार्च 2023 को हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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