जालंधर के 6 स्कूलों को बम धमकी भरे ई-मेल, CM भगवंत मान और रवनीत बिट्टू भी निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के जालंधर में 7 मई 2026 को करीब 6 स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल मिले, जिनमें बम धमाके, आत्मघाती कार आईईडी हमले और ग्रेनेड अटैक जैसी गंभीर चेतावनियाँ दी गई हैं। इतना ही नहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी मिलते ही स्कूल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियाँ तत्काल अलर्ट मोड पर आ गईं।
मुख्य घटनाक्रम
ई-मेल मिलने के बाद एपीजे स्कूल ने एहतियात के तौर पर बच्चों को तत्काल छुट्टी दे दी, जबकि बीएसएफ स्कूल को भी खाली करवाया गया। स्कूल प्रबंधन के अनुसार बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसीलिए यह कदम उठाया गया। हालाँकि कुछ स्कूलों ने सीधे तौर पर किसी ठोस खतरे की पुष्टि नहीं की, फिर भी सतर्कता कड़ी कर दी गई।
ई-मेल में क्या लिखा था
धमकी भरे ई-मेल में बीएसएफ और आर्मी कैंट पर ग्रेनेड अटैक का स्पष्ट उल्लेख किया गया। मेल में यह भी लिखा गया कि 7 से 9 मई के बीच बच्चे स्कूल और कॉलेज न जाएँ। आत्मघाती कार आईईडी हमले की चेतावनी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी। इसके अलावा जालंधर के साथ-साथ आदमपुर, बाबा बकाला, अमृतसर, जीरा, संगरूर और फतेहगढ़ साहिब जैसे इलाकों के नाम भी मेल में शामिल थे।
राजनीतिक हस्तियों पर आरोप
ई-मेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का भी उल्लेख किया गया। इन पर कनाडा में हरदीप निज्जर की हत्या करवाने का आरोप लगाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-कनाडा संबंध पहले से ही तनावपूर्ण दौर से गुज़र रहे हैं और निज्जर हत्याकांड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद का विषय बना हुआ है।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
धमकी के बाद पूरे पंजाब में सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं। पुलिस और जाँच एजेंसियों ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। साइबर सेल ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है। स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा कई इलाकों में चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में देश के कई शहरों में स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल मिलने की घटनाएँ सामने आई हैं, जिनमें से अधिकांश फ़र्ज़ी साबित हुई हैं, लेकिन जाँच एजेंसियाँ हर मामले को गंभीरता से लेती हैं।
आगे क्या होगा
साइबर सेल और खुफिया एजेंसियाँ ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में लगी हैं। अधिकारियों के अनुसार स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था तब तक बनाए रखी जाएगी जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती। अभिभावकों को सतर्क रहने और स्कूल प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।