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जतिंदर पाल मल्होत्रा ने विवादित बयान पर दी सफाई, बोले — संदर्भ काटकर पेश किया गया

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जतिंदर पाल मल्होत्रा ने विवादित बयान पर दी सफाई, बोले — संदर्भ काटकर पेश किया गया

सारांश

चंडीगढ़ BJP अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने अपनी विवादित पंजाबी पहचान टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा कि बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया गया। उन्होंने स्पष्टीकरण वीडियो जारी किया और कांग्रेस पर विकास के मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

चंडीगढ़ BJP अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने 19 जून 2026 को अपनी विवादित टिप्पणी पर सार्वजनिक सफाई दी।
मल्होत्रा ने कहा कि बयान हल्के-फुल्के अंदाज में था और उसे संदर्भ से काटकर प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने स्पष्टीकरण वीडियो जारी कर कहा कि पूरा वीडियो देखने पर मंशा स्पष्ट हो जाएगी।
यदि किसी की भावनाएँ आहत हुई हों तो खेद व्यक्त किया, लेकिन इरादे पर कायम रहे।
कांग्रेस पर आरोप — विपक्ष के पास जनता के मुद्दों पर कोई ठोस एजेंडा नहीं।

चंडीगढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने 19 जून 2026 को अपने हालिया विवादित बयान पर सफाई पेश करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी पंजाब और पंजाबियों की पहचान को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में की गई थी और उसे जानबूझकर संदर्भ से काटकर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका खेद है।

मल्होत्रा का पक्ष: 'पूरा वीडियो देखें'

मल्होत्रा ने कहा कि वे स्वयं पंजाबी हैं और पंजाब की संस्कृति, परंपराओं एवं पहचान को भली-भाँति समझते हैं। उनके अनुसार, उनकी पूरी बात को सामने न रखकर केवल एक पंक्ति को अलग करके दिखाया गया, जिससे गलत संदेश गया। उन्होंने इस संदर्भ में एक स्पष्टीकरण वीडियो भी जारी किया है।

उन्होंने कहा, 'मैं खुद पंजाबी हूँ और इनसे बड़ा पंजाबी हूँ। पंजाबियों के बारे में जो बातें प्रसिद्ध हैं, मैंने उसी संदर्भ में बात की थी। यदि पूरा वीडियो देखा जाए तो यह साफ हो जाएगा कि मैंने किसी समुदाय या व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया था।'

राजनीतिक विरोधियों पर आरोप

मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों — विशेषकर कांग्रेस — ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की भावनाएँ आहत हुई हैं, तो उन्हें दुख है, लेकिन उनका उद्देश्य कभी भी किसी को ठेस पहुँचाना नहीं था।

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब चंडीगढ़ में राजनीतिक सरगर्मियाँ पहले से तेज़ हैं और BJP तथा कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

कांग्रेस पर पलटवार

मल्होत्रा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष के पास जनता से जुड़े ठोस मुद्दों पर बात करने का कोई एजेंडा नहीं है। उन्होंने सवाल किया, 'क्या कांग्रेस ने एक बार भी कहा कि आपने 3,000 बच्चों का टूर्नामेंट कराया है, हम 5,000 बच्चों का कराएँगे? विपक्ष को विकास के मुद्दों पर बात करनी चाहिए।'

आगे क्या

मल्होत्रा द्वारा जारी स्पष्टीकरण वीडियो के बाद यह देखना बाकी है कि विपक्ष इस सफाई को स्वीकार करता है या राजनीतिक दबाव और बढ़ाता है। चंडीगढ़ BJP के लिए यह प्रकरण पार्टी की छवि और स्थानीय राजनीति दोनों दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 'यदि ठेस लगी हो' की शर्तबद्ध खेद। असली सवाल यह नहीं है कि बयान का इरादा क्या था, बल्कि यह है कि एक वरिष्ठ BJP नेता की टिप्पणी इतनी आसानी से गलत संदेश देने योग्य क्यों थी। कांग्रेस पर 'एजेंडा नहीं' का पलटवार ध्यान भटकाने की कोशिश है, लेकिन चंडीगढ़ जैसे संवेदनशील राजनीतिक केंद्र में पंजाबी पहचान से जुड़े बयान हमेशा बड़े जोखिम उठाते हैं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जतिंदर पाल मल्होत्रा की विवादित टिप्पणी क्या थी?
मल्होत्रा ने पंजाब और पंजाबियों की पहचान को लेकर एक टिप्पणी की थी, जिसे उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में बताया। उनके अनुसार, बयान का एक हिस्सा संदर्भ से काटकर प्रस्तुत किया गया, जिससे विवाद खड़ा हुआ।
मल्होत्रा ने सफाई में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वे स्वयं पंजाबी हैं और उनका इरादा किसी समुदाय को आहत करना नहीं था। उन्होंने एक स्पष्टीकरण वीडियो जारी किया और कहा कि यदि किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं तो उन्हें खेद है।
इस विवाद में कांग्रेस की क्या भूमिका है?
मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के पास जनता से जुड़े विकास के मुद्दों पर बात करने का कोई ठोस एजेंडा नहीं है।
क्या मल्होत्रा ने औपचारिक माफी माँगी?
मल्होत्रा ने सीधी माफी नहीं माँगी। उन्होंने शर्तबद्ध खेद व्यक्त किया — 'यदि किसी की भावनाएँ आहत हुई हों तो दुख है' — और अपने इरादे को सही ठहराया।
यह विवाद चंडीगढ़ की राजनीति पर क्या असर डाल सकता है?
चंडीगढ़ में BJP और कांग्रेस के बीच पहले से तनातनी है। इस प्रकरण से BJP को स्थानीय स्तर पर छवि सँभालनी होगी, जबकि कांग्रेस इसे मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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