3 जुलाई 2026
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मनीष तिवारी की अनदेखी पर भाजपा का हमला: तरुण चुघ बोले — कांग्रेस में वंशवाद और तानाशाही हावी

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मनीष तिवारी की अनदेखी पर भाजपा का हमला: तरुण चुघ बोले — कांग्रेस में वंशवाद और तानाशाही हावी

सारांश

भाजपा सांसद तरुण चुघ ने एक साथ तीन मोर्चों पर हमला बोला — कांग्रेस की आंतरिक गुटबाज़ी और मनीष तिवारी की अनदेखी, उमर अब्दुल्ला का पाकिस्तान-प्रेम, और PM मोदी के अमरनाथ पत्र की तारीफ। उनका बयान कांग्रेस के संगठनात्मक संकट को राष्ट्रीय बहस में लाने की BJP की रणनीति का हिस्सा लगता है।

मुख्य बातें

तरुण चुघ ने 3 जुलाई 2026 को कांग्रेस पर वंशवाद, अहंकार और तानाशाही के आरोप लगाए।
मनीष तिवारी को कांग्रेस की चुनावी समितियों और नई संगठनात्मक टीम में जगह नहीं मिली।
पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी ने खुद कांग्रेस पर SC समाज के साथ भेदभाव का आरोप लगाया।
चुघ ने उमर अब्दुल्ला को पाकिस्तान के बजाय भारत को सलाह देने से बचने की नसीहत दी।
PM मोदी के अमरनाथ यात्रियों को लिखे पत्र को चुघ ने 'स्वागत योग्य' बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद तरुण चुघ ने 3 जुलाई 2026 को कांग्रेस नेता मनीष तिवारी को पार्टी की चुनावी समितियों और नई संगठनात्मक टीम में जगह न मिलने के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर वंशवाद, अहंकार और तानाशाही को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी की आंतरिक स्थिति दिन-ब-दिन कमज़ोर होती जा रही है।

कांग्रेस पर तरुण चुघ का हमला

चुघ ने कांग्रेस पार्टी की तुलना एक 'एक्सपायर इंजेक्शन' से करते हुए कहा कि इसे लगाने से भी कोई फायदा नहीं और छोड़ने से भी नहीं। उनके अनुसार, देश के हर राज्य में कांग्रेस के भीतर आंतरिक खींचतान जारी है, क्योंकि जो नेता सक्षम थे, वे पार्टी छोड़ चुके हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में 'चमचा युग' चल रहा है और पार्टी का नेतृत्व वंशवाद की जड़ों पर टिका है। उनका इशारा था कि जो पार्टी अपने संगठन को संभाल नहीं पा रही, वह पंजाब में सरकार बनाने के सपने देख रही है।

दलित उपेक्षा पर चन्नी का हवाला

चुघ ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें चन्नी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि कांग्रेस पार्टी के भीतर अनुसूचित जाति (SC) समाज के साथ भेदभाव हो रहा है और दलित नेतृत्व को पीछे धकेला जा रहा है। चुघ ने इसे कांग्रेस का 'घिनौना चेहरा' बताया, जो अब जनता के सामने उजागर हो रहा है।

उमर अब्दुल्ला के पाकिस्तान बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा भारत-पाकिस्तान संबंध सुधारने की वकालत पर चुघ ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि उमर अब्दुल्ला वास्तव में शांति चाहते हैं, तो उन्हें पाकिस्तान को सलाह देनी चाहिए कि वह आतंकी शिविर बंद करे, हिंदू-सिख अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रोके, मंदिरों और गुरुद्वारों के ध्वंस को बंद करे तथा जबरन धर्मांतरण पर मुखर हो।

चुघ ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति यह है कि जब तक पाकिस्तान आतंकी गतिविधियाँ बंद नहीं करता, तब तक कोई वार्ता संभव नहीं। उन्होंने उमर अब्दुल्ला को चेताया कि वे 'पड़ोसी देश के पीआरओ' की भूमिका न निभाएँ।

अमरनाथ यात्रा और PM मोदी के पत्र का स्वागत

चुघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमरनाथ यात्रियों को लिखे पत्र को 'स्वागत योग्य' बताया। उन्होंने कहा कि बाबा अमरनाथ यात्रा देश की सनातन आस्था, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता का जीवंत प्रतीक है। यात्रा न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि जम्मू-कश्मीर की शांति, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला राष्ट्रीय अभियान भी बन चुकी है।

इस प्रकार तरुण चुघ ने एक साथ कांग्रेस के आंतरिक संकट, पाकिस्तान नीति और अमरनाथ यात्रा — तीनों मुद्दों पर BJP का पक्ष रखा। आने वाले दिनों में इन बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि BJP की उस सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है जो कांग्रेस के आंतरिक विरोधाभासों को राष्ट्रीय मंच पर उजागर करती है। मनीष तिवारी जैसे वरिष्ठ नेता की अनदेखी कांग्रेस के 'समावेशी' होने के दावे पर सवाल खड़ा करती है। चन्नी का दलित-उपेक्षा वाला बयान पार्टी के लिए और भी असहज करने वाला है, क्योंकि यह विपक्षी आरोप नहीं, बल्कि अंदर की आवाज़ है। उमर अब्दुल्ला के पाकिस्तान-वार्ता वाले बयान को BJP ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद की राष्ट्रीय भावनाओं के विपरीत खड़ा कर एक और राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तरुण चुघ ने मनीष तिवारी की अनदेखी पर क्या कहा?
तरुण चुघ ने कहा कि मनीष तिवारी को कांग्रेस की चुनावी समितियों और नई संगठनात्मक टीम में जगह न मिलना कांग्रेस में वंशवाद और तानाशाही का प्रमाण है। उन्होंने पार्टी को 'एक्सपायर इंजेक्शन' की संज्ञा दी।
चरणजीत सिंह चन्नी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए हैं?
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कांग्रेस पार्टी के भीतर अनुसूचित जाति (SC) समाज के साथ भेदभाव हो रहा है और दलित नेतृत्व को पीछे धकेला जा रहा है। तरुण चुघ ने इस बयान को कांग्रेस के 'घिनौने चेहरे' का प्रमाण बताया।
उमर अब्दुल्ला के पाकिस्तान बयान पर BJP की क्या प्रतिक्रिया है?
BJP सांसद तरुण चुघ ने उमर अब्दुल्ला को नसीहत दी कि यदि वे शांति चाहते हैं तो पाकिस्तान को आतंकी शिविर बंद करने, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रोकने और जबरन धर्मांतरण समाप्त करने की सलाह दें। उन्होंने कहा कि आतंक और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते।
PM मोदी के अमरनाथ यात्रियों को लिखे पत्र पर BJP का क्या रुख है?
तरुण चुघ ने प्रधानमंत्री मोदी के अमरनाथ यात्रियों को लिखे पत्र को 'स्वागत योग्य' बताया। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा देश की सनातन आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक होने के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को गति देने वाला राष्ट्रीय अभियान भी है।
कांग्रेस में आंतरिक संकट क्यों गहरा रहा है?
BJP के अनुसार, कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं जैसे मनीष तिवारी को संगठन में हाशिये पर रखा जा रहा है, जबकि चन्नी जैसे नेता खुद पार्टी पर दलित-उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि पार्टी में परिवार-केंद्रित नेतृत्व के कारण अनुभवी नेताओं को उचित स्थान नहीं मिल रहा।
राष्ट्र प्रेस
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