मनीष तिवारी की अनदेखी पर भाजपा का हमला: तरुण चुघ बोले — कांग्रेस में वंशवाद और तानाशाही हावी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद तरुण चुघ ने 3 जुलाई 2026 को कांग्रेस नेता मनीष तिवारी को पार्टी की चुनावी समितियों और नई संगठनात्मक टीम में जगह न मिलने के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर वंशवाद, अहंकार और तानाशाही को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी की आंतरिक स्थिति दिन-ब-दिन कमज़ोर होती जा रही है।
कांग्रेस पर तरुण चुघ का हमला
चुघ ने कांग्रेस पार्टी की तुलना एक 'एक्सपायर इंजेक्शन' से करते हुए कहा कि इसे लगाने से भी कोई फायदा नहीं और छोड़ने से भी नहीं। उनके अनुसार, देश के हर राज्य में कांग्रेस के भीतर आंतरिक खींचतान जारी है, क्योंकि जो नेता सक्षम थे, वे पार्टी छोड़ चुके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में 'चमचा युग' चल रहा है और पार्टी का नेतृत्व वंशवाद की जड़ों पर टिका है। उनका इशारा था कि जो पार्टी अपने संगठन को संभाल नहीं पा रही, वह पंजाब में सरकार बनाने के सपने देख रही है।
दलित उपेक्षा पर चन्नी का हवाला
चुघ ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें चन्नी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि कांग्रेस पार्टी के भीतर अनुसूचित जाति (SC) समाज के साथ भेदभाव हो रहा है और दलित नेतृत्व को पीछे धकेला जा रहा है। चुघ ने इसे कांग्रेस का 'घिनौना चेहरा' बताया, जो अब जनता के सामने उजागर हो रहा है।
उमर अब्दुल्ला के पाकिस्तान बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा भारत-पाकिस्तान संबंध सुधारने की वकालत पर चुघ ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि उमर अब्दुल्ला वास्तव में शांति चाहते हैं, तो उन्हें पाकिस्तान को सलाह देनी चाहिए कि वह आतंकी शिविर बंद करे, हिंदू-सिख अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रोके, मंदिरों और गुरुद्वारों के ध्वंस को बंद करे तथा जबरन धर्मांतरण पर मुखर हो।
चुघ ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति यह है कि जब तक पाकिस्तान आतंकी गतिविधियाँ बंद नहीं करता, तब तक कोई वार्ता संभव नहीं। उन्होंने उमर अब्दुल्ला को चेताया कि वे 'पड़ोसी देश के पीआरओ' की भूमिका न निभाएँ।
अमरनाथ यात्रा और PM मोदी के पत्र का स्वागत
चुघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमरनाथ यात्रियों को लिखे पत्र को 'स्वागत योग्य' बताया। उन्होंने कहा कि बाबा अमरनाथ यात्रा देश की सनातन आस्था, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता का जीवंत प्रतीक है। यात्रा न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि जम्मू-कश्मीर की शांति, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला राष्ट्रीय अभियान भी बन चुकी है।
इस प्रकार तरुण चुघ ने एक साथ कांग्रेस के आंतरिक संकट, पाकिस्तान नीति और अमरनाथ यात्रा — तीनों मुद्दों पर BJP का पक्ष रखा। आने वाले दिनों में इन बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और तेज़ होने की संभावना है।