कांग्रेस जल्द खत्म होगी — भाजपा सांसद तरुण चुघ की 'भविष्यवाणी', आंतरिक गुटबाजी को बताया कारण
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद तरुण चुघ ने 4 जुलाई 2026 को दावा किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) आंतरिक विखंडन के कारण तेज़ी से कमज़ोर हो रही है और बहुत जल्द उसका अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। चुघ के अनुसार, पार्टी अब एक एकजुट राष्ट्रीय संगठन नहीं, बल्कि परस्पर विरोधी गुटों, क्षेत्रीय समूहों और जातीय समीकरणों में बँटी हुई संरचना बन चुकी है।
कांग्रेस की आंतरिक दरारें
चुघ ने कहा कि कांग्रेस में जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका लगातार सिमटती जा रही है और अलग-अलग गुटों के बीच शक्ति प्रदर्शन की राजनीति हावी होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर अनुसूचित जाति (SC) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा, जिससे असंतोष की स्थिति बन रही है।
चुघ ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के भीतर असहमति और नाराज़गी की आवाज़ें स्वयं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से उठ रही हैं, जो संगठनात्मक संकट की गहराई को दर्शाता है।
आतंकवाद पर सरकार का रुख
चुघ ने गुजरात आतंकवादरोधी दस्ते (ATS) द्वारा जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकियों की हालिया गिरफ्तारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आतंकवाद के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है और सुरक्षा एजेंसियाँ आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने में सफल रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों पर आतंकवाद के प्रति नरमी बरतने के आरोप लगते रहे हैं, जबकि वर्तमान सरकार में कठोर रुख अपनाया गया है। उनके अनुसार, देश की सुरक्षा के विरुद्ध काम करने वाले तत्त्व या तो कारागार में हैं या उन्हें समाप्त किया जा चुका है।
इंडी अलायंस और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर टिप्पणी
विपक्षी गठबंधन इंडी अलायंस पर निशाना साधते हुए चुघ ने कहा कि चुनाव आयोग (ECI) जैसी संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर बिना ठोस साक्ष्य के सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करने जैसा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप जनता में भ्रम फैलाते हैं और संस्थाओं की साख को नुकसान पहुँचाते हैं।
चुघ ने मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता का भी उल्लेख किया और कहा कि फर्जी, दोहरे और अवैध मतदाताओं को हटाने के लिए समय-समय पर सुधारात्मक कदम उठाए जाते रहे हैं।
सभी दलों से अपील
चुघ ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास बनाए रखें और जनता को भ्रमित करने वाली राजनीति से बचें। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा की ओर से कांग्रेस के आंतरिक संकट को उजागर करने की यह रणनीति उस समय आई है जब कांग्रेस कई राज्यों में संगठनात्मक चुनौतियों से जूझ रही है।