27 जून 2026
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विकसित भारत-जी रामजी स्कीम: AAP सरकार के यू-टर्न पर कांग्रेस का सवाल — 'BJP से क्या डील हुई?'

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विकसित भारत-जी रामजी स्कीम: AAP सरकार के यू-टर्न पर कांग्रेस का सवाल — 'BJP से क्या डील हुई?'

सारांश

पंजाब विधानसभा ने दिसंबर 2025 में जिस स्कीम को सर्वसम्मति से नकारा, उसे मान सरकार ने 1 जुलाई से लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। कांग्रेस का सीधा सवाल है — BJP से क्या डील हुई? और केजरीवाल की चुप्पी इस विवाद को और गहरा कर रही है।

मुख्य बातें

भगवंत मान सरकार ने विकसित भारत-जी रामजी स्कीम को 1 जुलाई से पंजाब में लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया।
पंजाब विधानसभा ने 30 दिसंबर 2025 के विशेष सत्र में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इस स्कीम को खारिज किया था।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने BJP के साथ 'डील' का आरोप लगाते हुए मान सरकार की 'नीयत' पर सवाल उठाए।
वडिंग ने AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल से इस फैसले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की माँग की।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले ही पंजाब विधानसभा के प्रस्ताव को 'अलोकतांत्रिक' बता चुके हैं।

कांग्रेस ने पंजाब की भगवंत मान सरकार के विकसित भारत-जी रामजी स्कीम को लागू करने के फैसले पर तीखे सवाल उठाए हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने शनिवार, 27 जून को आरोप लगाया कि मान सरकार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के साथ किसी 'डील' के तहत यह कदम उठाया है — जबकि पंजाब विधानसभा ने महज छह महीने पहले इसी स्कीम को सर्वसम्मति से नकार दिया था।

मुख्य घटनाक्रम

भगवंत मान सरकार ने 'विकसित भारत — रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAMJI)' को अधिसूचित करते हुए 1 जुलाई से पंजाब में केंद्र के ग्रामीण रोज़गार कानून को लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया। यह नोटिफिकेशन शुक्रवार को जारी हुआ।

गौरतलब है कि इससे पहले 30 दिसंबर 2025 को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था, जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इस स्कीम को खारिज किया गया था। अब राज्य सरकार के नए नोटिफिकेशन ने उसी प्रस्ताव को व्यावहारिक रूप से निरर्थक बना दिया है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

वडिंग ने सीधे पूछा, 'आखिर डील क्या है?' उन्होंने कहा कि जब विधानसभा ने सर्वसम्मति से इस स्कीम को अस्वीकार कर दिया था, तो इसे लागू करने का कोई औचित्य नहीं बनता। उनके अनुसार, इस स्कीम को लागू करने का समय 'जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही हैरान करने वाला भी है।'

उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह अचानक का फैसला मुख्यमंत्री से जुड़े मौजूदा विवाद से संबंधित है, और क्या पार्टी के भीतर और बाहर दबाव में आकर मान सरकार ने BJP के साथ समझौता करने की कोशिश की है।

केजरीवाल पर निशाना

वडिंग ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से भी इस फैसले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की माँग की। उन्होंने कहा, 'केजरीवाल को चुप्पी तोड़नी चाहिए और अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। नहीं तो यह बात पक्की हो जाएगी कि AAP ने असल में BJP के साथ कोई मौकापरस्त डील की है।'

केंद्र का पक्ष

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान इससे पहले ही पंजाब विधानसभा के उस प्रस्ताव को 'अलोकतांत्रिक' और संविधान की मूल भावना के विरुद्ध बता चुके हैं। उन्होंने इसे 'अंध विरोध' की राजनीति करार दिया था।

आगे क्या

स्कीम 1 जुलाई से प्रभावी होनी है और राजनीतिक विवाद इसके क्रियान्वयन को घेरे रहने की संभावना है। कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर AAP और मान सरकार की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, जो आने वाले दिनों में इस विवाद की दिशा तय करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकसित भारत-जी रामजी स्कीम क्या है?
यह केंद्र सरकार की 'विकसित भारत — रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' योजना है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए बनाया गया है। पंजाब सरकार ने इसे 1 जुलाई से लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया है।
पंजाब विधानसभा ने इस स्कीम को पहले क्यों खारिज किया था?
30 दिसंबर 2025 को बुलाए गए विशेष विधानसभा सत्र में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इस स्कीम को अस्वीकार किया गया था। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ने मिलकर इस केंद्रीय स्कीम का विरोध किया था।
कांग्रेस का 'BJP डील' वाला आरोप क्या है?
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष वडिंग का आरोप है कि मान सरकार ने BJP के साथ किसी अघोषित 'डील' के तहत यह यू-टर्न लिया है। उनके अनुसार, स्कीम लागू करने का समय मुख्यमंत्री से जुड़े मौजूदा विवाद और राजनीतिक दबाव के संदर्भ में संदिग्ध है।
केजरीवाल से कांग्रेस ने क्या माँग की है?
वडिंग ने AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से इस फैसले पर अपनी स्थिति सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की माँग की है। उनका कहना है कि केजरीवाल की चुप्पी इस आशंका को पुष्ट करती है कि AAP ने BJP के साथ मौकापरस्त समझौता किया है।
केंद्र सरकार का इस मामले में क्या रुख रहा है?
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब विधानसभा के उस प्रस्ताव को 'अलोकतांत्रिक' और संविधान की मूल भावना के विरुद्ध बताया था, जिसमें इस स्कीम को खारिज किया गया था। उन्होंने इसे 'अंध विरोध' की राजनीति करार दिया था।
राष्ट्र प्रेस
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