विकसित भारत-जी रामजी स्कीम: AAP सरकार के यू-टर्न पर कांग्रेस का सवाल — 'BJP से क्या डील हुई?'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस ने पंजाब की भगवंत मान सरकार के विकसित भारत-जी रामजी स्कीम को लागू करने के फैसले पर तीखे सवाल उठाए हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने शनिवार, 27 जून को आरोप लगाया कि मान सरकार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के साथ किसी 'डील' के तहत यह कदम उठाया है — जबकि पंजाब विधानसभा ने महज छह महीने पहले इसी स्कीम को सर्वसम्मति से नकार दिया था।
मुख्य घटनाक्रम
भगवंत मान सरकार ने 'विकसित भारत — रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAMJI)' को अधिसूचित करते हुए 1 जुलाई से पंजाब में केंद्र के ग्रामीण रोज़गार कानून को लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया। यह नोटिफिकेशन शुक्रवार को जारी हुआ।
गौरतलब है कि इससे पहले 30 दिसंबर 2025 को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था, जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इस स्कीम को खारिज किया गया था। अब राज्य सरकार के नए नोटिफिकेशन ने उसी प्रस्ताव को व्यावहारिक रूप से निरर्थक बना दिया है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
वडिंग ने सीधे पूछा, 'आखिर डील क्या है?' उन्होंने कहा कि जब विधानसभा ने सर्वसम्मति से इस स्कीम को अस्वीकार कर दिया था, तो इसे लागू करने का कोई औचित्य नहीं बनता। उनके अनुसार, इस स्कीम को लागू करने का समय 'जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही हैरान करने वाला भी है।'
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह अचानक का फैसला मुख्यमंत्री से जुड़े मौजूदा विवाद से संबंधित है, और क्या पार्टी के भीतर और बाहर दबाव में आकर मान सरकार ने BJP के साथ समझौता करने की कोशिश की है।
केजरीवाल पर निशाना
वडिंग ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से भी इस फैसले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की माँग की। उन्होंने कहा, 'केजरीवाल को चुप्पी तोड़नी चाहिए और अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। नहीं तो यह बात पक्की हो जाएगी कि AAP ने असल में BJP के साथ कोई मौकापरस्त डील की है।'
केंद्र का पक्ष
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान इससे पहले ही पंजाब विधानसभा के उस प्रस्ताव को 'अलोकतांत्रिक' और संविधान की मूल भावना के विरुद्ध बता चुके हैं। उन्होंने इसे 'अंध विरोध' की राजनीति करार दिया था।
आगे क्या
स्कीम 1 जुलाई से प्रभावी होनी है और राजनीतिक विवाद इसके क्रियान्वयन को घेरे रहने की संभावना है। कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर AAP और मान सरकार की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, जो आने वाले दिनों में इस विवाद की दिशा तय करेगी।