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'वीबी-जी राम जी' योजना पर AAP का यूटर्न: BJP ने पंजाब सरकार से माँगा जवाब

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'वीबी-जी राम जी' योजना पर AAP का यूटर्न: BJP ने पंजाब सरकार से माँगा जवाब

सारांश

जिस 'वीबी-जी राम जी' योजना को AAP ने दिसंबर 2025 में विधानसभा में 'जनविरोधी' बताकर नकारा था, उसे ही पंजाब सरकार ने 1 जुलाई 2026 से लागू कर दिया। BJP ने इसे राजनीतिक पलटी बताते हुए सवाल उठाया है कि छह महीने में क्या बदला।

मुख्य बातें

BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने 1 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब सरकार पर 'वीबी-जी राम जी' योजना पर यूटर्न का आरोप लगाया।
AAP सरकार ने 30 दिसंबर 2025 के विधानसभा विशेष सत्र में इसी योजना के विरुद्ध प्रस्ताव पारित किया था।
योजना पर पंजाब में प्रतिवर्ष ₹1,200–₹1,300 करोड़ खर्च अनुमानित; केंद्र का हिस्सा ₹750–₹800 करोड़ ।
सरकारी परिपत्र में योजना का उद्देश्य ग्रामीण रोज़गार और 'विकसित भारत 2047' विजन बताया गया।
BJP ने AAP से जनता को इस नीतिगत बदलाव का कारण स्पष्ट करने की माँग की है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने 1 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब की भगवंत मान सरकार पर केंद्र की 'वीबी-जी राम जी' योजना को लेकर नीतिगत यूटर्न लेने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जिस योजना को 30 दिसंबर 2025 के पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में 'जनविरोधी' करार दिया गया था, उसे अब राज्य सरकार ने 1 जुलाई 2026 से लागू कर दिया है।

मुख्य आरोप: छह महीने में पलटा रुख

प्रेम शुक्ला के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व ने विधानसभा के विशेष सत्र में इस योजना के विरुद्ध प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार की आलोचना की थी और इसे गरीब, किसान, दलित एवं मजदूर विरोधी बताया था। अब महज छह महीने बाद वही सरकार इसे ग्रामीण विकास और रोज़गार के माध्यम के रूप में प्रस्तुत कर रही है। BJP ने सवाल उठाया है कि योजना के उद्देश्यों में कोई बदलाव नहीं आया, तो विरोध का आधार क्या था।

योजना का वित्तीय ढाँचा

शुक्ला ने दावा किया कि 'वीबी-जी राम जी' योजना पर पंजाब में प्रतिवर्ष लगभग ₹1,200 से ₹1,300 करोड़ खर्च अनुमानित है, जिसमें केंद्र सरकार का योगदान लगभग ₹750 से ₹800 करोड़ रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सरकारी परिपत्र का हवाला

BJP प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा जारी नए परिपत्र में स्वयं स्वीकार किया गया है कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार उपलब्ध कराना, आजीविका के अवसर मज़बूत करना, विकास कार्यों में तेज़ी लाना और 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय विजन को आगे बढ़ाना है। शुक्ला ने तर्क दिया कि जब योजना के उद्देश्य पहले जैसे ही हैं, तो पहले का विरोध महज राजनीतिक था।

BJP का राजनीतिक विश्लेषण

शुक्ला ने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों में संभावित हार की आशंका को देखते हुए AAP सरकार अब केंद्र की योजनाओं को स्वीकार करने के लिए विवश हो गई है। आलोचकों का कहना है कि राज्य सरकार पहले राजनीतिक कारणों से योजना का विरोध कर रही थी, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों और जनहित के दबाव में उसे अब इसे लागू करना पड़ा। गौरतलब है कि पंजाब में विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही केंद्र-राज्य संबंधों का यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील हो गया है।

आगे क्या होगा

BJP ने माँग की है कि पंजाब सरकार जनता के सामने यह स्पष्ट करे कि छह महीने में उसका रुख क्यों और किन परिस्थितियों में बदला। अभी तक AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में एक अहम मुद्दा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह है कि दिसंबर 2025 के विधानसभा प्रस्ताव और जुलाई 2026 के परिपत्र के बीच AAP ने जनता को क्या स्पष्टीकरण दिया। यदि योजना वाकई ग्रामीण विकास के लिए उपयोगी है, तो पहले का विरोध राजनीतिक अवसरवाद था — और यह स्वीकारोक्ति AAP की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है। BJP के आरोप भले ही राजनीति-प्रेरित हों, लेकिन नीतिगत पारदर्शिता की माँग जायज़ है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'वीबी-जी राम जी' योजना क्या है?
'वीबी-जी राम जी' योजना केंद्र सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार उपलब्ध कराना, आजीविका के अवसर मज़बूत करना और 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय विजन को आगे बढ़ाना है। पंजाब में इस पर प्रतिवर्ष ₹1,200 से ₹1,300 करोड़ खर्च अनुमानित है।
पंजाब सरकार ने पहले इस योजना का विरोध क्यों किया था?
30 दिसंबर 2025 को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में AAP सरकार ने इस योजना को गरीब, किसान, दलित और मजदूर विरोधी बताते हुए इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था। BJP के अनुसार, यह विरोध राजनीतिक कारणों से था।
पंजाब में 'वीबी-जी राम जी' योजना कब से लागू हुई?
पंजाब सरकार ने यह योजना 1 जुलाई 2026 से राज्य में लागू की है। इससे पहले विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने के महज छह महीने बाद यह निर्णय लिया गया।
BJP ने पंजाब सरकार से क्या माँग की है?
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने माँग की है कि पंजाब सरकार जनता को स्पष्ट करे कि छह महीने में उसका रुख क्यों बदला। उन्होंने यह भी पूछा कि जब योजना के उद्देश्य वही हैं, तो पहले विरोध का क्या आधार था।
इस योजना में केंद्र और राज्य का वित्तीय योगदान क्या है?
BJP प्रवक्ता के अनुसार, पंजाब में इस योजना पर प्रतिवर्ष लगभग ₹1,200 से ₹1,300 करोड़ खर्च होंगे। इसमें केंद्र सरकार का योगदान लगभग ₹750 से ₹800 करोड़ रहेगा और शेष राशि राज्य वहन करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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