संगरूर BJP कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: अनिल सरीन बोले — पंजाब में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, कोई सुरक्षित नहीं
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भाजपा के महासचिव अनिल सरीन ने 27 जुलाई को संगरूर स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और आम नागरिक भी सुरक्षित नहीं हैं। सरीन ने पंजाब सरकार पर कथित पेपर लीक और कर्मचारियों की हड़ताल के मुद्दों पर भी तीखा प्रहार किया।
हमले का घटनाक्रम
सरीन के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 2:47 बजे संगरूर स्थित BJP कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका गया। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने पहले से कार्यालय की रेकी की थी और बम को कार्यालय के किचन में फेंकने का प्रयास किया गया। सौभाग्यवश बम किचन के बाहर गिरा — अन्यथा वहाँ रखे गैस सिलेंडरों के कारण बड़ा हादसा हो सकता था।
सरीन ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि घटना में कथित तौर पर एक कार का इस्तेमाल किया गया और सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं। पुलिस जाँच कर रही है और आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
हमलों की बढ़ती श्रृंखला
सरीन ने इस घटना को अलग-थलग नहीं, बल्कि एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में पुलिस थानों पर कई ग्रेनेड हमले हो चुके हैं, चंडीगढ़ स्थित BJP कार्यालय को पहले निशाना बनाया जा चुका है और वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया के आवास पर भी ग्रेनेड हमला हो चुका है। उनके अनुसार, ये घटनाएँ साबित करती हैं कि पंजाब सरकार कमज़ोर है। BJP ने स्पष्ट किया कि ऐसे हमलों से पार्टी कार्यकर्ता न डरेंगे, न झुकेंगे।
पेपर लीक विवाद पर BJP का रुख
कथित पेपर लीक मामले पर सरीन ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र के अंदर हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पहुँचना अपने आप में गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उनके अनुसार, परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र को परीक्षा केंद्र से स्कैन कर बाहर भेजा गया, जहाँ कथित मास्टरमाइंड ने उत्तर तैयार कर ब्लूटूथ के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुँचाए।
सरीन ने दावा किया कि ब्लूटूथ की सीमित रेंज को देखते हुए एक दूसरा मास्टरमाइंड परीक्षा परिसर के भीतर ही मौजूद रहा होगा। उन्होंने उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो इसे महज 'चीटिंग' बता रहे हैं — कहा कि जिन्हें चीटिंग और पेपर लीक का अंतर नहीं पता, उन्हें पहले पढ़ाई करनी चाहिए।
कर्मचारियों की हड़ताल और वेतन संकट
सरीन ने बताया कि सफाई कर्मचारी, शिक्षक, संविदा कर्मचारी, मनरेगा कर्मी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता — सभी आठ महीने से अधिक के बकाया वेतन की माँग को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और कई को गंभीर चोटें आई हैं।
सरीन ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के पास कर्मचारियों का वेतन देने के लिए धन नहीं है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों पर खर्च के लिए संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने इसे सरकार की 'दमनकारी और जनविरोधी नीति' करार दिया।
आगे की राह
BJP ने स्पष्ट किया है कि पार्टी इन हमलों और मुद्दों पर जनता के बीच और मज़बूती से काम करती रहेगी। पुलिस जाँच जारी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये मुद्दे पंजाब में विपक्ष को आगामी समय में सरकार को घेरने का अवसर देंगे।