रांची RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: SIT गठित, दो हिरासत में, CCTV फुटेज से सुराग
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रदेश कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में झारखंड पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दिया है। घटना के सिलसिले में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। 17 जून की देर रात हुई इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक और डॉग स्क्वॉड टीमों को भी जांच में लगाया है।
घटनाक्रम: क्या हुआ उस रात
मंगलवार की देर रात दो युवकों ने RSS के प्रदेश कार्यालय परिसर को निशाना बनाकर पेट्रोल बम फेंके। घटना CCTV कैमरों में कैद हुई, जिसमें दोनों युवक कार्यालय की दिशा में बम फेंकते स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार इनमें से एक बम फटा, जबकि दूसरा निष्क्रिय रह गया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हमले में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ और कार्यालय को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुँचा।
जांच की दिशा और एसआईटी की भूमिका
पुलिस CCTV फुटेज, घटनास्थल से जुटाए गए भौतिक साक्ष्यों और हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्धों के बयानों के आधार पर पूरे षड्यंत्र की कड़ियाँ जोड़ने में लगी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि हमले में और कितने लोग शामिल थे तथा इस घटना के पीछे की मंशा और साजिश क्या थी। SIT के साथ-साथ डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम को भी जांच में सक्रिय रूप से लगाया गया है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया और डीजीपी से मुलाकात
घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेता RSS कार्यालय पहुँचे और हालात का जायजा लिया। नेताओं ने राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा से मुलाकात कर मामले में त्वरित कार्रवाई की माँग की। डीजीपी मिश्रा ने नेताओं को आश्वस्त किया कि जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की माँग
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल हमलावरों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि यदि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है तो उसका भी पूरी तरह खुलासा होना चाहिए। दास ने बताया कि उन्होंने स्वयं डीजीपी से SIT गठन का आग्रह किया था और यह सकारात्मक बात है कि पुलिस ने इस पर तत्काल अमल किया। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब झारखंड में राजनीतिक तनाव का माहौल है, और किसी संगठन के मुख्यालय पर इस तरह का हमला कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जा रही है। आने वाले दिनों में SIT की जांच रिपोर्ट और संदिग्धों की पहचान इस मामले की दिशा तय करेगी।