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रांची RSS कार्यालय पेट्रोल बम हमला: मुख्य आरोपी सैफ हवालात से फरार, मुठभेड़ में गोली लगने के बाद दोबारा गिरफ्तार

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रांची RSS कार्यालय पेट्रोल बम हमला: मुख्य आरोपी सैफ हवालात से फरार, मुठभेड़ में गोली लगने के बाद दोबारा गिरफ्तार

सारांश

रांची के RSS झारखंड प्रांत कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले का मुख्य आरोपी सैफ कोतवाली हवालात से फरार हो गया — और मांडर में मुठभेड़ के बाद गोली लगने पर पकड़ा गया। यूएपीए लगा है, तीन गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं, और साजिश के नेटवर्क की जाँच जारी है।

मुख्य बातें

रांची के निवारणपुर स्थित RSS झारखंड प्रांत कार्यालय पर देर रात पेट्रोल बम से हमला किया गया; सीसीटीवी में दो युवक दिखे।
मुख्य आरोपी सैफ कोतवाली थाना हवालात से गुरुवार दोपहर फरार हो गया।
मांडर क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान सैफ ने कथित तौर पर पुलिसकर्मी का हथियार छीना; पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल होकर पुनः गिरफ्तार।
मामले में यूएपीए की धाराएँ जोड़ी गई हैं; अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार।
RSS प्रांत प्रमुख नरसिंह कुमार की शिकायत पर चुटिया थाना में एफआईआर दर्ज; स्थायी पुलिस पिकेट की माँग।

रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के झारखंड प्रांत कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले का मामला 18 जून 2025 को नाटकीय मोड़ पर पहुँच गया, जब इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सैफ पुलिस हिरासत से फरार हो गया। बाद में मांडर क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में गोली लगने के बाद उसे पुनः गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

हवालात से फरार होने की घटना

पुलिस के अनुसार, सैफ को कोतवाली थाना परिसर के हवालात में रखा गया था। गुरुवार दोपहर वह पुलिस कस्टडी से भाग निकला। इसके तुरंत बाद पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुट गईं। यह घटना उस समय और संवेदनशील हो गई जब आरोपी ने भागने के दौरान कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और फायरिंग शुरू कर दी।

मुठभेड़ और पुनः गिरफ्तारी

मांडर क्षेत्र में आरोपी को घेरने की कोशिश के दौरान पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सैफ घायल हो गया। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया। इस प्रकार मूल हमले के बाद यह मामला एक और गंभीर कानून-व्यवस्था की चुनौती बन गया। गौरतलब है कि यह उस थाने की हिरासत से फरारी है जहाँ आरोपी को सुरक्षित माना जा रहा था।

मूल हमले का घटनाक्रम

चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित RSS झारखंड प्रांत कार्यालय पर देर रात पेट्रोल बम से हमला किया गया था। सीसीटीवी फुटेज में दो युवक कार्यालय परिसर की ओर बम फेंकते दिखाई दिए। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और कार्यालय को भी बड़ा भौतिक नुकसान नहीं पहुँचा, हालाँकि परिसर में मौजूद लोगों की जान को खतरा उत्पन्न हुआ।

एफआईआर और यूएपीए की धाराएँ

RSS के झारखंड प्रांत प्रमुख नरसिंह कुमार की शिकायत पर चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। एफआईआर में इसे एक गंभीर साजिश बताते हुए गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की माँग की गई थी। पुलिस ने मामले में यूएपीए की धाराएँ भी जोड़ी हैं। अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जाँच का दायरा और आगे की राह

जाँच एजेंसियाँ हमले के पीछे की साजिश, आरोपियों के आपसी संपर्क और संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। RSS की ओर से कार्यालय परिसर के आसपास स्थायी पुलिस पिकेट स्थापित करने और सुरक्षा बढ़ाने की माँग की गई है। संगठन का कहना है कि परिसर में नियमित रूप से कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी रहते हैं, इसलिए भविष्य में ऐसी घटनाएँ बड़े खतरे का कारण बन सकती हैं। अधिकारियों के अनुसार मामले की जाँच जारी है और सभी पहलुओं की गहन छानबीन की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक संवेदनशील मामले के आरोपी की हिरासत में लापरवाही, और दूसरी, यूएपीए जैसे कड़े कानून के बावजूद सुरक्षा चूक। हवालात से फरारी महज एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि यह सवाल उठाती है कि उच्च-जोखिम वाले आरोपियों की कस्टडी प्रोटोकॉल कितनी मज़बूत है। RSS जैसे संगठन के कार्यालय पर हमले में यूएपीए लगाना राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है — ऐसे में जाँच की निष्पक्षता और पारदर्शिता दोनों पर नज़र रखनी होगी। साजिश के नेटवर्क की जाँच का दावा तब तक अधूरा है, जब तक आरोपियों के बीच संबंध और फंडिंग स्रोत सार्वजनिक रूप से स्थापित न हों।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची RSS कार्यालय पर हमला कब और कैसे हुआ?
रांची के निवारणपुर स्थित RSS झारखंड प्रांत कार्यालय पर देर रात पेट्रोल बम से हमला किया गया। सीसीटीवी फुटेज में दो युवक कार्यालय परिसर की ओर बम फेंकते दिखे; घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और कार्यालय को बड़ा नुकसान नहीं पहुँचा।
मुख्य आरोपी सैफ हवालात से कैसे भागा?
पुलिस के अनुसार सैफ को कोतवाली थाना परिसर के हवालात में रखा गया था, जहाँ से वह गुरुवार दोपहर फरार हो गया। भागने के दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और फायरिंग की।
मुठभेड़ में क्या हुआ और सैफ को कहाँ पकड़ा गया?
मांडर क्षेत्र में पुलिस ने आरोपी को घेरा; सैफ द्वारा फायरिंग के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया और पुनः गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में यूएपीए क्यों लगाया गया है?
RSS झारखंड प्रांत प्रमुख नरसिंह कुमार की शिकायत में इसे एक गंभीर साजिश बताते हुए गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की माँग की गई थी। पुलिस ने जाँच के दौरान यूएपीए की धाराएँ मामले में जोड़ दी हैं।
अब तक इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और जाँच कहाँ तक पहुँची है?
पुलिस अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जाँच एजेंसियाँ हमले के पीछे की साजिश, आरोपियों के आपसी संपर्क और संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं; अधिकारियों के अनुसार जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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