रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला, भाजपा नेता संजय सेठ बोले — 'बड़ी साजिश, तुरंत हो कार्रवाई'
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रधान कार्यालय पर 17 जून की देर रात नकाबपोश हमलावरों ने पेट्रोल बम फेंके। इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं में तीव्र आक्रोश है और उन्होंने पुलिस-प्रशासन से बिना देरी कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
हमले का घटनाक्रम
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बताया कि देर रात दो नकाबपोश युवकों ने आरएसएस कार्यालय पर दो पेट्रोल बम फेंके। हमलावर एक अलग वाहन से आए थे और उन्होंने अपने चेहरे ढक रखे थे। सेठ के अनुसार, उस समय कार्यालय में 18 प्रचारक मौजूद थे। उन्होंने कहा, 'अगर आग फैलती और गाड़ियाँ चपेट में आतीं तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।'
यह घटना ऐसे समय हुई जब गर्मी का मौसम चल रहा है और आसपास के लोग फुटबॉल मैच देखने के लिए एकत्रित होते हैं। सेठ ने कहा कि हमले का तरीका किसी बड़ी पूर्वनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
सेठ ने कहा, 'यह कोई साधारण घटना नहीं है। अगर आग फैलती तो माहौल अशांत हो जाता। हम किसी भी कीमत पर रांची को अशांत नहीं होने देंगे।' उन्होंने यह भी बताया कि डीजीपी और डिप्टी कमिश्नर से बात कर तथ्यों को जल्द से जल्द सामने रखने को कहा गया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने लिखा, 'रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पर हमला अत्यंत ही खेदजनक और निंदनीय है। इस प्रकार की घटनाएँ सामाजिक सौहार्द, शांति और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमज़ोर करती हैं।'
भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि निवारणपुर स्थित यह आरएसएस कार्यालय झारखंड का प्रधान कार्यालय है, जो वर्षों से यहाँ स्थापित है। उनके अनुसार, 'इस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला करना बड़ी साजिश थी, जो भगवान की कृपा से असफल रही।' सिंह ने यह भी कहा कि यह केवल आरएसएस कार्यालय को जलाने का नहीं, बल्कि 'पूरे झारखंड को जलाने का प्रयास' था।
प्रशासन से माँग
भाजपा नेताओं ने जिला प्रशासन से माँग की है कि घटना की गहन जाँच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। संजय सेठ ने स्पष्ट किया कि इस हमले को पार्टी ने अत्यंत गंभीरता से लिया है और पुलिस-प्रशासन को बिना देरी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या
पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान और उनके पीछे की साजिश का खुलासा करना अब जाँच एजेंसियों की प्राथमिकता है। गौरतलब है कि रांची में सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।