रांची आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: शहजाद पूनावाला ने मांगी निष्पक्ष जांच, गायत्री मंत्र विवाद पर कांग्रेस को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 17 जून को रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमले की कड़ी निंदा करते हुए गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूलों में गायत्री मंत्र और हिंदू प्रार्थनाओं को अनिवार्य करने के फैसले का समर्थन किया और इस मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना की।
रांची हमले पर पूनावाला का रुख
पूनावाला ने कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और RSS कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमला इसी का एक और प्रमाण है। उन्होंने इस घटना को 'बेहद गंभीर और चिंताजनक' बताया। पूनावाला के अनुसार, दो व्यक्तियों द्वारा RSS कार्यालय को निशाना बनाना कोई सामान्य घटना नहीं है और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी विशेष व्यक्ति या बयान को सीधे इस घटना से नहीं जोड़ रहे, लेकिन उनका कहना था कि 'नफरती और भड़काऊ बयानों का माहौल' ऐसी घटनाओं को प्रोत्साहित करने का कारण बन सकता है। उन्होंने जांच एजेंसियों से सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल करने की अपील की।
गायत्री मंत्र विवाद: पूनावाला का समर्थन
छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूलों में गायत्री मंत्र और वंदे मातरम् जैसी प्रार्थनाओं को अनिवार्य करने के फैसले का बचाव करते हुए BJP प्रवक्ता ने कहा कि विद्यालय केवल शैक्षणिक केंद्र नहीं होते — वे नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ाने का माध्यम हैं। उनके अनुसार, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना से जुड़े विषयों के शिक्षण पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस पर निशाना
पूनावाला ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह भारतीय सांस्कृतिक प्रतीकों का लगातार विरोध करती आई है। उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस सार्वजनिक स्थानों पर नमाज की वकालत करती है, वहीं दूसरी ओर गायत्री मंत्र और वंदे मातरम् जैसे विषयों का विरोध करती है। पूनावाला ने यह भी कहा कि सड़कों के नाम बदलने, राष्ट्रीय प्रतीकों को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े निर्णयों पर भी कांग्रेस 'विरोध की राजनीति' करती दिखती है।
झारखंड की कानून-व्यवस्था पर सवाल
पूनावाला ने झारखंड सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। उनका कहना था कि जांच एजेंसियों को यह भी देखना चाहिए कि क्या RSS के खिलाफ फैलाई जा रही 'झूठी नफरत' का इस कथित हमले से कोई संबंध है। गौरतलब है कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष पर सीधा आरोप नहीं लगाया, बल्कि समग्र 'माहौल' की जांच की मांग की।
आगे क्या
RSS कार्यालय पर कथित हमले की जांच झारखंड पुलिस द्वारा की जा रही है। BJP का यह बयान ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ में स्कूली प्रार्थनाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। दोनों मुद्दे — धार्मिक सुरक्षा और सांस्कृतिक शिक्षा — आने वाले दिनों में राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बने रह सकते हैं।