11 अगस्त 2026
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रांची आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: शहजाद पूनावाला ने मांगी निष्पक्ष जांच, गायत्री मंत्र विवाद पर कांग्रेस को घेरा

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रांची आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: शहजाद पूनावाला ने मांगी निष्पक्ष जांच, गायत्री मंत्र विवाद पर कांग्रेस को घेरा

सारांश

रांची में RSS कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमले और छत्तीसगढ़ में गायत्री मंत्र विवाद — दोनों मुद्दों पर BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक साथ मोर्चा खोला। झारखंड की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल और कांग्रेस पर 'सांस्कृतिक विरोध' का आरोप — यह बयान दो अलग राज्यों के मुद्दों को एक राजनीतिक धागे में पिरोने की कोशिश है।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 17 जून को रांची में RSS कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमले की गहन जांच की मांग की।
पूनावाला ने झारखंड की कानून-व्यवस्था को 'लगातार खराब' बताया और दो संदिग्धों के पीछे बड़ी साजिश की संभावना जताई।
छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूलों में गायत्री मंत्र और वंदे मातरम् अनिवार्य करने के फैसले का BJP ने समर्थन किया।
पूनावाला ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह भारतीय सांस्कृतिक प्रतीकों का विरोध करती है जबकि सार्वजनिक नमाज की वकालत करती है।
पूनावाला ने स्पष्ट किया कि वे किसी व्यक्ति विशेष को हमले से सीधे नहीं जोड़ रहे, लेकिन 'नफरती माहौल' की जांच जरूरी बताई।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 17 जून को रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमले की कड़ी निंदा करते हुए गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूलों में गायत्री मंत्र और हिंदू प्रार्थनाओं को अनिवार्य करने के फैसले का समर्थन किया और इस मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना की।

रांची हमले पर पूनावाला का रुख

पूनावाला ने कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और RSS कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमला इसी का एक और प्रमाण है। उन्होंने इस घटना को 'बेहद गंभीर और चिंताजनक' बताया। पूनावाला के अनुसार, दो व्यक्तियों द्वारा RSS कार्यालय को निशाना बनाना कोई सामान्य घटना नहीं है और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी विशेष व्यक्ति या बयान को सीधे इस घटना से नहीं जोड़ रहे, लेकिन उनका कहना था कि 'नफरती और भड़काऊ बयानों का माहौल' ऐसी घटनाओं को प्रोत्साहित करने का कारण बन सकता है। उन्होंने जांच एजेंसियों से सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल करने की अपील की।

गायत्री मंत्र विवाद: पूनावाला का समर्थन

छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूलों में गायत्री मंत्र और वंदे मातरम् जैसी प्रार्थनाओं को अनिवार्य करने के फैसले का बचाव करते हुए BJP प्रवक्ता ने कहा कि विद्यालय केवल शैक्षणिक केंद्र नहीं होते — वे नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ाने का माध्यम हैं। उनके अनुसार, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना से जुड़े विषयों के शिक्षण पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

कांग्रेस पर निशाना

पूनावाला ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह भारतीय सांस्कृतिक प्रतीकों का लगातार विरोध करती आई है। उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस सार्वजनिक स्थानों पर नमाज की वकालत करती है, वहीं दूसरी ओर गायत्री मंत्र और वंदे मातरम् जैसे विषयों का विरोध करती है। पूनावाला ने यह भी कहा कि सड़कों के नाम बदलने, राष्ट्रीय प्रतीकों को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े निर्णयों पर भी कांग्रेस 'विरोध की राजनीति' करती दिखती है।

झारखंड की कानून-व्यवस्था पर सवाल

पूनावाला ने झारखंड सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। उनका कहना था कि जांच एजेंसियों को यह भी देखना चाहिए कि क्या RSS के खिलाफ फैलाई जा रही 'झूठी नफरत' का इस कथित हमले से कोई संबंध है। गौरतलब है कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष पर सीधा आरोप नहीं लगाया, बल्कि समग्र 'माहौल' की जांच की मांग की।

आगे क्या

RSS कार्यालय पर कथित हमले की जांच झारखंड पुलिस द्वारा की जा रही है। BJP का यह बयान ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ में स्कूली प्रार्थनाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। दोनों मुद्दे — धार्मिक सुरक्षा और सांस्कृतिक शिक्षा — आने वाले दिनों में राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बने रह सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संविधान के अनुच्छेद 28 के तहत सरकारी स्कूलों में धार्मिक अनुष्ठान की अनिवार्यता की कानूनी वैधता पर मुख्यधारा की कवरेज प्रायः चुप रहती है। असली सवाल यह है कि क्या यह 'सांस्कृतिक शिक्षा' है या संवैधानिक सीमाओं का अतिक्रमण — और इस पर न्यायिक परीक्षण की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में RSS कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमला क्या है?
17 जून को रांची स्थित RSS कार्यालय पर कथित तौर पर दो व्यक्तियों द्वारा पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना सामने आई। मामले की जांच झारखंड पुलिस द्वारा की जा रही है।
शहजाद पूनावाला ने इस हमले पर क्या कहा?
BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने हमले को 'बेहद गंभीर' बताते हुए निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की। उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष पर सीधा आरोप नहीं लगाया, लेकिन RSS के खिलाफ 'नफरती माहौल' की भी जांच करने की अपील की।
छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूलों में गायत्री मंत्र को लेकर क्या फैसला किया है?
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के स्कूलों में गायत्री मंत्र और हिंदू प्रार्थनाओं को अनिवार्य करने का फैसला किया है। BJP ने इसे भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों की शिक्षा का हिस्सा बताते हुए समर्थन दिया है।
कांग्रेस का इस पूरे विवाद पर क्या रुख है?
पूनावाला के अनुसार, कांग्रेस गायत्री मंत्र और वंदे मातरम् जैसे भारतीय सांस्कृतिक प्रतीकों का विरोध करती है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस विशेष बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया स्रोत में उपलब्ध नहीं है।
झारखंड की कानून-व्यवस्था पर BJP की क्या चिंता है?
BJP का कहना है कि झारखंड में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और RSS कार्यालय पर हमला इसी का एक उदाहरण है। पूनावाला ने राज्य सरकार से स्थिति सुधारने और जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने देने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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