3 अगस्त 2026
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रांची आरएसएस कार्यालय पेट्रोल बम हमला: एटीएस को सौंपी जांच, तीन गिरफ्तार, एक आरोपी के पैर में गोली

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रांची आरएसएस कार्यालय पेट्रोल बम हमला: एटीएस को सौंपी जांच, तीन गिरफ्तार, एक आरोपी के पैर में गोली

सारांश

रांची के आरएसएस प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले ने झारखंड पुलिस को हरकत में ला दिया — यूएपीए दर्ज, तीन गिरफ्तार, एक आरोपी हिरासत तोड़कर भागा और मुठभेड़ में घायल। अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल की आशंका के बाद एटीएस को जांच सौंपी गई।

मुख्य बातें

16 जून की रात रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस के झारखंड प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला हुआ।
मामले में यूएपीए और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज।
तीनों आरोपी — सैफ अंसारी , अमन अंसारी उर्फ गोलू और सायम सुजान — लोहरदगा के रहने वाले हैं।
सैफ अंसारी कोतवाली थाना से फरार हुआ, मांडर में पुनः पकड़ा गया, मुठभेड़ में पैर में गोली लगी।
अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से संभावित संबंध की आशंका के चलते जांच झारखंड एटीएस को सौंपी गई।
घटना के समय पहने कपड़े, एक कार और चार मोबाइल फोन जब्त।

रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के झारखंड प्रांतीय कार्यालय पर 16 जून की रात पेट्रोल बम से हुए हमले की जांच अब झारखंड एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) के हाथों में आ गई है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक हिरासत से फरार होने के बाद मुठभेड़ में घायल हो गया।

मुख्य घटनाक्रम

16 जून की रात हमले के तुरंत बाद चुटिया थाना में यूएपीए और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद नगर और ग्रामीण पुलिस अधीक्षकों के संयुक्त नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पहचान करते हुए पुलिस ने बोकारो और कोडरमा पुलिस के सहयोग से कोडरमा जिले के गझंडी रेलवे स्टेशन के पास से सैफ अंसारी और अमन अंसारी उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया — दोनों दूसरे राज्य भागने की कोशिश में थे। इन दोनों की निशानदेही पर तीसरे आरोपी सायम सुजान को भी पकड़ा गया। तीनों झारखंड के लोहरदगा के रहने वाले हैं।

हिरासत से फरार और मुठभेड़

गुरुवार को गिरफ्तार आरोपी सैफ अंसारी को कोतवाली थाना परिसर के शौचालय ले जाया गया, जहाँ उसने वेंटिलेशन की ग्रिल और शीशा तोड़कर पुलिस हिरासत से भागने में सफलता पाई। जिलेभर में अलर्ट जारी किया गया।

पुलिस के अनुसार, मांडर थाना क्षेत्र के चामा मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान उसे दोबारा पकड़ा गया। थाने ले जाने के क्रम में उसने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर पुनः भागने का प्रयास किया, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल अंसारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

साक्ष्य और स्वीकारोक्ति

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने पूछताछ में घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उनकी निशानदेही पर घटना के समय पहने गए कपड़े, एक कार और चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

एटीएस को जांच क्यों सौंपी गई

वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने गुरुवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रारंभिक जांच और पूछताछ में आरोपियों के किसी अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से जुड़े होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी गंभीरता को देखते हुए मामला एटीएस को सौंपने का अनुरोध किया गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है।

गौरतलब है कि यूएपीए के तहत दर्ज मामलों की जांच सामान्यतः विशेष एजेंसियों को सौंपी जाती है, और यह झारखंड में किसी प्रमुख संगठन के कार्यालय पर इस तरह के हमले का असामान्य मामला है। आगे की जांच में आरोपियों के नेटवर्क और संभावित साजिश की परतें खुलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब तक ठोस साक्ष्य सामने न आएँ। उतनी ही चिंताजनक है पुलिस हिरासत से आरोपी का फरार होना — यह प्रक्रियागत चूक है जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। एटीएस की जांच से उम्मीद है कि नेटवर्क की असली गहराई सामने आएगी, न कि केवल तीन निचले स्तर के कार्यकर्ता।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में आरएसएस कार्यालय पर हमला कब और कैसे हुआ?
16 जून की रात रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस के झारखंड प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका गया। इस घटना के बाद चुटिया थाना में यूएपीए और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित कई धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
इस मामले में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं — सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू और सायम सुजान। तीनों झारखंड के लोहरदगा के निवासी हैं और कोडरमा जिले से पकड़े गए।
सैफ अंसारी पुलिस हिरासत से कैसे फरार हुआ और उसे कैसे पकड़ा गया?
सैफ अंसारी कोतवाली थाना परिसर के शौचालय की वेंटिलेशन ग्रिल और शीशा तोड़कर भाग गया। मांडर थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान उसे दोबारा पकड़ा गया, जहाँ एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने के प्रयास में आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।
जांच एटीएस को क्यों सौंपी गई?
वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों के किसी अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से जुड़े होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले की इसी गंभीरता को देखते हुए झारखंड एटीएस को आगे की जांच सौंपी गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ क्या साक्ष्य जुटाए हैं?
आरोपियों ने पूछताछ में घटना में संलिप्तता स्वीकार की है। उनकी निशानदेही पर घटना के समय पहने कपड़े, एक कार और चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य भी जांच का आधार बने हैं।
राष्ट्र प्रेस
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