रांची RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: चार हिरासत में, SIT और NIA जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम से हुए हमले की जांच में पुलिस ने अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया है — जिनमें घटना में इस्तेमाल किराए की कार का चालक और दो हमलावर शामिल हैं। यह हमला मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात हुआ था और पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गई। दोनों हमलावरों को दिल्ली की ओर जाती ट्रेन से बिहार के एक रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया।
मुख्य घटनाक्रम
सीसीटीवी फुटेज में दो युवक RSS कार्यालय परिसर को निशाना बनाते हुए पेट्रोल बम फेंकते दिखे। एक पेट्रोल बम परिसर के निकट फटा, जबकि दूसरा निष्क्रिय रह गया। हमलावर एक किराए की कार से आए थे और वारदात के बाद फरार हो गए थे। पुलिस ने सबसे पहले कार चालक को हिरासत में लिया, इसके बाद तकनीकी निगरानी के आधार पर दोनों हमलावरों को बिहार में ट्रेन से उतारा गया।
SIT गठन और जांच का दायरा
झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा के निर्देश पर घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। SIT ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सूचनाओं के आधार पर शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की है। फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है।
NIA की दस्तक
बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। यह इस बात का संकेत है कि जांच एजेंसियां इस हमले के संभावित राष्ट्रीय या संगठित आपराधिक कोण की पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
साजिश के पहलुओं की पड़ताल
पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि हमले में शामिल लोगों की अलग-अलग भूमिका क्या थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित योजना काम कर रही थी। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
हमले के बाद RSS कार्यालय और आसपास के इलाके में पुलिस की निगरानी काफी बढ़ा दी गई है। घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं और राजनीतिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है। जांच एजेंसियों की यह संयुक्त सक्रियता बताती है कि प्रशासन इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है।