बटाला में रवनीत बिट्टू के काफिले पर हमला: अंडे-टमाटर फेंके, AAP पर लगाए गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर 18 सितंबर 2026 को पंजाब के बटाला जिले में घासीतपुर गाँव के निकट हमला किया गया, जहाँ कुछ लोगों ने उनके वाहनों पर अंडे और टमाटर फेंके। बिट्टू ने दावा किया कि इस हमले में उनकी गाड़ी के शीशे भी टूटे और कथित हमलावरों में से कुछ के पास हथियार भी थे। घटना के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) पर इस हमले की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया।
घटनाक्रम: क्यों और कहाँ हुआ हमला
रवनीत बिट्टू BJP की ड्रग्स-विरोधी यात्रा में शामिल होने के लिए बटाला जा रहे थे, जब घासीतपुर गाँव के पास उनके काफिले को भीड़ ने घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और बिट्टू के अनुसार, भीड़ ने नारेबाज़ी करते हुए काफिले पर अंडे और टमाटर फेंके। बिट्टू ने यह भी दावा किया कि उनके वाहनों की खिड़कियाँ तोड़ी गईं।
उस समय बिट्टू के साथ उनकी जेड-प्लस सुरक्षा के करीब 100 सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। स्थानीय DSP और SP भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर उपस्थित थे।
बिट्टू के दावे: पकड़े गए हमलावर, फ़ोन में राज़
बिट्टू ने घटनास्थल पर ही पत्रकारों को बताया कि उनके सुरक्षाकर्मियों ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनके मोबाइल फ़ोन जब्त कर लिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन फ़ोनों पर लगातार संदेश आ रहे थे जिनमें कहा जा रहा था, 'उन्हें घेरो, उन्हें मारो, उनकी जान ले लो।'
बिट्टू ने कहा, 'इनके फोन सारे राज़ खोलेंगे। हम जाँच के लिए फ़ोन भेजेंगे।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हमलावर किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता हो सकते हैं, जब उन्होंने कहा — 'इनका कोई कसूर नहीं है, ये अपनी पार्टी के कार्यकर्ता हैं।'
AAP और भगवंत मान पर हमला
बिट्टू ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार और ड्रग तस्करों के बीच सांठगाँठ है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी निशाना साधते हुए कहा, 'भगवंत मान अपनी पत्नी को 5-5 करोड़ रुपये की डील से बचा सकते हैं, लेकिन हमला करने वालों को कौन बचाएगा।' उन्होंने इस हमले को BJP की ड्रग्स-विरोधी यात्रा को दबाने की कोशिश करार दिया।
गौरतलब है कि पंजाब में नशे के मुद्दे पर BJP और AAP के बीच राजनीतिक टकराव लंबे समय से जारी है। यह घटना उसी संघर्ष की नई कड़ी के रूप में देखी जा रही है।
पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप
बिट्टू ने स्थानीय पुलिस पर भी कड़ी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि सुबह 9 बजे से घटनास्थल पर मौजूद होने के बावजूद पौने 11 बजे तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने पुलिस अधिकारियों की कथित निष्क्रियता को आप सरकार के संरक्षण से जोड़ा।
आगे की स्थिति
बिट्टू ने साफ किया कि वह इस तरह के विरोध से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, 'हम बम-गोलियों से नहीं डरे हैं, तो क्या ये अंडे, टमाटर और पत्थर हमें रोक लेंगे।' मामले में आगे की जाँच और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर नज़रें टिकी हैं। जब्त मोबाइल फ़ोनों की फोरेंसिक जाँच यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है कि क्या यह सुनियोजित हमला था।