10 अगस्त 2026
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ममता बनर्जी के काफिले पर हमला: तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर साजिश का आरोप लगाया

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ममता बनर्जी के काफिले पर हमला: तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर साजिश का आरोप लगाया

सारांश

ममता बनर्जी के काफिले पर पत्थर और ईंट फेंके जाने की घटना बंगाल की सियासत में नया तूफान लाई है। TMC ने इसे BJP की सुनियोजित साजिश बताया है, जबकि वीडियो और तस्वीरों के आधार पर पार्टी ने पहचान के दावे भी किए हैं। यह घटना चुनाव बाद के राजनीतिक बदले के माहौल की ओर इशारा करती है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी के काफिले पर 10 अगस्त 2026 को पत्थर, ईंट और कीचड़ फेंके जाने की घटना हुई।
TMC सांसद ममता बाला ठाकुर ने कहा — कार की खिड़की बंद थी, वरना हमला जानलेवा हो सकता था।
TMC विधायक कुणाल घोष ने BJP पर आरोप लगाया; वीडियो में हमलावर कथित तौर पर 'जय श्री राम' के नारे लगाते दिखे।
TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने घटना को 'साजिश' बताया, लेकिन जाँच पूरी होने तक किसी का नाम लेने से इनकार किया।
अभिषेक बनर्जी , कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा सहित अन्य TMC नेताओं के साथ भी कथित घटनाओं का उल्लेख किया गया।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर 10 अगस्त 2026 को पत्थर, ईंट और कीचड़ फेंके जाने की घटना के बाद राजनीतिक तनाव तेज़ हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस घटना को 'सुनियोजित साजिश' करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी को जानबूझकर निशाना बनाया गया।

घटना का विवरण

बताया गया है कि ममता बनर्जी एक मृत TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं, जब सड़क से गुज़रते वक्त उनके काफिले पर पथराव किया गया। TMC सांसद ममता बाला ठाकुर ने कहा कि उस समय कार की खिड़की का शीशा बंद था, जिसके कारण ममता बनर्जी गंभीर चोट से बच गईं। उन्होंने आगाह किया कि यदि खिड़की खुली होती, तो यह हमला जानलेवा साबित हो सकता था।

ठाकुर ने ज़ोर देकर कहा कि ममता बनर्जी तीन बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और सात बार सांसद रह चुकी हैं, और केंद्र में मंत्री पद भी संभाल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक मतभेद का जवाब इस तरह की हिंसा से देना अस्वीकार्य है।

TMC का BJP पर सीधा आरोप

TMC विधायक कुणाल घोष ने BJP पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने अपने लोगों के ज़रिए इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के उस कथित बयान को 'बेबुनियाद' बताया, जिसमें इस घटना को जनता के गुस्से का परिणाम कहा गया था।

घोष ने दावा किया कि घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कथित तौर पर हमलावर 'जय श्री राम' के नारे लगाते दिख रहे हैं। TMC ने इन लोगों की पहचान से जुड़े दावे पहले ही सार्वजनिक किए हैं और उन्हें BJP से जुड़ा बताया है।

शत्रुघ्न सिन्हा की प्रतिक्रिया

TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी इस घटना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह घटना उन्हें सामान्य विरोध नहीं, बल्कि एक 'साजिश' जैसी लगती है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि वह अभी किसी का नाम नहीं लेंगे और जाँच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

सिन्हा ने यह भी आरोप लगाया कि हाल के चुनावों के बाद राजनीतिक माहौल में बदले की भावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा, 'राजनीति में बदलाव के नारे के साथ सत्ता में आने वालों को बदलाव की राजनीति करनी चाहिए, न कि बदले की भावना से।' उन्होंने अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा सहित अन्य TMC नेताओं के साथ भी कथित तौर पर हुई घटनाओं का उल्लेख किया।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक टकराव पहले से ही तीखा है। सिन्हा ने एसआईआर (SIR) से जुड़ी कथित विसंगतियों और चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। गौरतलब है कि बंगाल में चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा के आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला नया नहीं है, लेकिन किसी पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले पर इस तरह का कथित हमला विवाद को नई ऊँचाई पर ले गया है।

आगे क्या होगा

TMC ने इस मामले में जाँच की माँग की है। शत्रुघ्न सिन्हा के अनुसार, जाँच पूरी होने के बाद ज़िम्मेदारी और स्पष्ट होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आने वाले दिनों में बंगाल की सियासत को और गरमा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ हर घटना तुरंत दलीय रंग ले लेती है। TMC के दावे वीडियो और तस्वीरों पर आधारित बताए जा रहे हैं, लेकिन स्वतंत्र जाँच के बिना इनकी पुष्टि संभव नहीं। चिंताजनक यह है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले पर इस तरह की कथित घटना लोकतांत्रिक मर्यादा के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है — चाहे ज़िम्मेदारी किसी की भी हो। SIR विवाद और चुनाव बाद के तनाव के बीच यह घटना बंगाल में राजनीतिक हिंसा के दीर्घकालिक चक्र को और गहरा कर सकती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी के काफिले पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह घटना 10 अगस्त 2026 को हुई, जब ममता बनर्जी एक मृत TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं। सड़क से गुज़रते वक्त उनके काफिले पर पत्थर, ईंट और कीचड़ फेंके गए।
TMC ने इस हमले के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया है?
तृणमूल कांग्रेस ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है। TMC विधायक कुणाल घोष ने दावा किया कि वीडियो में दिखने वाले लोग BJP से जुड़े हैं और 'जय श्री राम' के नारे लगाते दिखे।
क्या ममता बनर्जी इस हमले में घायल हुईं?
TMC सांसद ममता बाला ठाकुर के अनुसार, उस समय कार की खिड़की का शीशा बंद था, जिससे ममता बनर्जी बड़ी चोट से बच गईं। ठाकुर ने कहा कि खिड़की खुली होती तो हमला जानलेवा हो सकता था।
BJP ने इस घटना पर क्या कहा?
नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कथित तौर पर इस घटना को जनता के गुस्से का परिणाम बताया। TMC ने इस दावे को पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया है।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
TMC ने स्वतंत्र जाँच की माँग की है। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जाँच पूरी होने के बाद ज़िम्मेदारी और स्पष्ट होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना बंगाल की सियासत को और तनावपूर्ण बना सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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