ममता बनर्जी के काफिले पर हमला: तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर साजिश का आरोप लगाया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर 10 अगस्त 2026 को पत्थर, ईंट और कीचड़ फेंके जाने की घटना के बाद राजनीतिक तनाव तेज़ हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस घटना को 'सुनियोजित साजिश' करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी को जानबूझकर निशाना बनाया गया।
घटना का विवरण
बताया गया है कि ममता बनर्जी एक मृत TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं, जब सड़क से गुज़रते वक्त उनके काफिले पर पथराव किया गया। TMC सांसद ममता बाला ठाकुर ने कहा कि उस समय कार की खिड़की का शीशा बंद था, जिसके कारण ममता बनर्जी गंभीर चोट से बच गईं। उन्होंने आगाह किया कि यदि खिड़की खुली होती, तो यह हमला जानलेवा साबित हो सकता था।
ठाकुर ने ज़ोर देकर कहा कि ममता बनर्जी तीन बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और सात बार सांसद रह चुकी हैं, और केंद्र में मंत्री पद भी संभाल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक मतभेद का जवाब इस तरह की हिंसा से देना अस्वीकार्य है।
TMC का BJP पर सीधा आरोप
TMC विधायक कुणाल घोष ने BJP पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने अपने लोगों के ज़रिए इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के उस कथित बयान को 'बेबुनियाद' बताया, जिसमें इस घटना को जनता के गुस्से का परिणाम कहा गया था।
घोष ने दावा किया कि घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कथित तौर पर हमलावर 'जय श्री राम' के नारे लगाते दिख रहे हैं। TMC ने इन लोगों की पहचान से जुड़े दावे पहले ही सार्वजनिक किए हैं और उन्हें BJP से जुड़ा बताया है।
शत्रुघ्न सिन्हा की प्रतिक्रिया
TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी इस घटना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह घटना उन्हें सामान्य विरोध नहीं, बल्कि एक 'साजिश' जैसी लगती है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि वह अभी किसी का नाम नहीं लेंगे और जाँच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
सिन्हा ने यह भी आरोप लगाया कि हाल के चुनावों के बाद राजनीतिक माहौल में बदले की भावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा, 'राजनीति में बदलाव के नारे के साथ सत्ता में आने वालों को बदलाव की राजनीति करनी चाहिए, न कि बदले की भावना से।' उन्होंने अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा सहित अन्य TMC नेताओं के साथ भी कथित तौर पर हुई घटनाओं का उल्लेख किया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक टकराव पहले से ही तीखा है। सिन्हा ने एसआईआर (SIR) से जुड़ी कथित विसंगतियों और चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। गौरतलब है कि बंगाल में चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा के आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला नया नहीं है, लेकिन किसी पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले पर इस तरह का कथित हमला विवाद को नई ऊँचाई पर ले गया है।
आगे क्या होगा
TMC ने इस मामले में जाँच की माँग की है। शत्रुघ्न सिन्हा के अनुसार, जाँच पूरी होने के बाद ज़िम्मेदारी और स्पष्ट होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आने वाले दिनों में बंगाल की सियासत को और गरमा सकती है।