मदन मित्रा की कार पर अंडा फेंकने पर BJP का पलटवार: 'खुद ही करवाया हमला, सुरक्षा पाने के लिए'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर 24 परगना में तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक मदन मित्रा की कार पर 7 जून 2026 को अंडे फेंके जाने की घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि मित्रा ने यह सब अपनी सुरक्षा बढ़वाने के लिए खुद ही करवाया है।
BJP का सीधा आरोप
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा कि मदन मित्रा ने सुरक्षा हासिल करने के लिए अपनी गाड़ी पर हमला करवाया है। उन्होंने कहा, 'अनवर किसका आदमी है, पहले उसको साबित करें। अनवर एक अंतरजातीय अपराधी है — यह झारखंड, बिहार और बंगाल में आर्म्स सप्लाई का धंधा करता है। शहबाज नाम का लड़का उसका फ्रंट मैन है।'
अर्जुन सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि अनवर ने हिंदुओं की जमीनों पर कब्जा किया है और पूरा मामला मदन मित्रा ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से रचा है।
संदेशखाली में अवैध हथियारों का मामला
संदेशखाली में कथित तौर पर एक तालाब से अवैध हथियार बरामद होने पर अर्जुन सिंह ने कहा कि वहाँ हजारों की संख्या में ऐसे अवैध हथियार मिलेंगे। उनके अनुसार, वहाँ बम और बारूद की फैक्ट्री है और TMC नेताओं की तलाशी लेने पर बड़ी मात्रा में हथियार बरामद होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब संदेशखाली पहले से ही जमीन कब्जे और महिला उत्पीड़न के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय चर्चा में है।
STF की कार्रवाई पर BJP विधायक का बयान
BJP विधायक पवन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ओर से एक STF (स्पेशल टास्क फोर्स) टीम का गठन किया गया है, जो सख्ती से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर इलाके में भारी मात्रा में अवैध हथियार मिलते हैं और STF का गठन इन्हीं की खोज के लिए किया गया है।
जनता के गुस्से की व्याख्या
मदन मित्रा की कार पर अंडे फेंके जाने की घटना पर पवन सिंह ने कहा कि TMC के शासनकाल में जो अत्याचार हुए, उनका गुस्सा अब आम जनता में है। उन्होंने कहा, 'जनता ने बड़ी उम्मीदों से वोट देकर हमारी सरकार बनाई है — ऐसी घटनाएँ BJP शासन में न हों, यही अपेक्षा है।' गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और प्रतिशोध की घटनाएँ सत्ता परिवर्तन के बाद से लगातार सुर्खियों में रही हैं।
आगे क्या होगा
STF की जाँच जारी है और संदेशखाली में हथियार बरामदगी का मामला अदालत तक पहुँच सकता है। TMC की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक खंडन अभी तक सामने नहीं आया है। आने वाले दिनों में यह मामला विधानसभा और राज्य की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है।