तुलु मंडल मामला: मदन मित्रा बोले — 'चोरी एक करता है, दाग सबको लगता है'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक मदन मित्रा ने 30 जुलाई को बीरभूम नकद-सोना बरामदगी और तुलु मंडल मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वीकार किया कि जब भी किसी एक नेता पर भ्रष्टाचार का आरोप लगता है, तो उसकी छाया पूरी पार्टी पर पड़ती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जाँच को लेकर सत्तारूढ़ TMC पर राजनीतिक दबाव बढ़ा हुआ है।
मदन मित्रा का बयान: 'स्विमिंग पूल का पानी मुझे नहीं छुआ'
मित्रा ने कहा, 'चोरी एक व्यक्ति करता है और उसका असर सब पर पड़ता है। जो भी सोना और दूसरी चीजें बरामद हुईं, वे सब TMC सरकार के समय में ही हुईं, जब मुख्यमंत्री और मंत्री सभी TMC से थे।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'उस समय मैं भी उसी पार्टी में था, तो मैं यह कैसे कह सकता हूँ कि सब स्विमिंग पूल में कूद गए, जबकि स्विमिंग पूल का पानी मेरे शरीर को नहीं छुआ? मुझ पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।'
उन्होंने यह भी बताया कि ED ने उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में तलब किया था और वे पेश हुए। मित्रा ने कहा, 'मैं गया और जो संभव हो सका, ED के सवालों का जवाब दिया, लेकिन मन दुखी हो जाता है कि हम पर आरोप क्यों लगे — हमने तो कुछ नहीं किया था।'
कुणाल घोष के 'गद्दार' वाले बयान पर पलटवार
TMC नेता कुणाल घोष द्वारा किसी को 'गद्दार' कहे जाने पर मित्रा ने सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन उनका जवाब तीखा था। उन्होंने कहा, 'गद्दार का क्या मतलब है और गद्दार कौन होता है — यह बात कुणाल घोष खुद जानते हैं। उन्हें अपने बारे में बात करनी चाहिए, दूसरों के बारे में नहीं।' मित्रा ने यह भी कहा कि वे कुणाल घोष जैसे नहीं हैं जिन्हें 'हर दिन IT सेल से लड़ना पड़ता है और रोज़ प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ती है।'
सौगत रॉय और जेपी नड्डा से मुलाकात पर सफाई
TMC के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से कथित मुलाकात के सवाल पर मित्रा ने कहा, 'लोगों के साथ बैठक जरूर होगी और बातचीत भी होगी। वे हमारे सीनियर सांसद और मंत्री हैं, इसलिए चर्चा का विषय तो है ही। लेकिन किसी घटना के होने से पहले हम कुछ कैसे कह सकते हैं? हम ज्योतिषी तो नहीं हैं।'
भारतीय हॉकी टीम की वर्दी और भगवा रंग पर राय
भारतीय हॉकी टीम की वर्दी के रंग को लेकर छिड़ी बहस पर मित्रा ने कहा कि भगवा रंग देश का अपना रंग है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का हवाला देते हुए कहा कि वे भी भगवा वस्त्र धारण करते थे। मित्रा के अनुसार, असली सवाल यह है कि कोई रंग या कला समाज का भला करती है या बुरा।
आगे क्या
बीरभूम नकद-सोना बरामदगी मामले में ED की जाँच जारी है और TMC के भीतर इस मुद्दे पर अंदरूनी असहजता सार्वजनिक होती दिख रही है। मदन मित्रा का यह खुला बयान पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठाता है और आने वाले दिनों में राजनीतिक हलचल बढ़ने के संकेत देता है।