सब्यसाची के घर 3.5 किलो सोना मिलने पर दिलीप घोष का वार: 'टीएमसी नेताओं को कानून का सामना करना पड़ेगा'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और मंत्री दिलीप घोष ने 24 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता के आवास से लगभग 3.5 किलो सोना बरामद होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। घोष ने कहा कि टीएमसी के अनेक नेताओं के पास अकूत संपत्ति है और कानून की जद में आना अब उनकी नियति है।
सोने की बरामदगी पर घोष का हमला
दिलीप घोष ने कहा, 'टीएमसी के कई नेताओं के पास बहुत ज़्यादा संपत्ति है — पैसे, फ्लैट, ज़मीन और यहाँ तक कि जंगल की बड़ी ज़मीनें भी, जिनमें से कुछ कथित तौर पर जबरदस्ती हासिल की गई थीं।' उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं के घरों में अभी भी बड़ी मात्रा में सोना, कीमती सामान और नकदी छुपी हुई है जिसे वे कहीं और नहीं ले जा पाए, और अब यह सब सामने आ रहा है।
घोष ने यह भी कहा कि टीएमसी नेताओं की लूट के कारण पश्चिम बंगाल पर ₹8.50 लाख करोड़ का कर्ज चढ़ गया है, जिसकी वजह से राज्य में विकास ठप पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट कहा, 'कानून उन तक पहुंचेगा और सभी को कानूनी जांच का सामना करना पड़ेगा।'
टीएमसी की आंतरिक उथल-पुथल पर प्रतिक्रिया
पार्टी के भीतर जारी खींचतान पर घोष ने कहा कि यह टीएमसी का अंदरूनी मामला है। उन्होंने कहा कि नेताओं की भूमिका, उनका गुट और उनकी पहचान — इन सब पर चुनाव आयोग (ECI) गौर करेगा और विधानसभा अध्यक्ष भी इस विषय की जांच करेंगे। घोष ने यह भी जोड़ा कि जनता इन अंदरूनी विवादों से परे है और उनकी राय में लोग चाहते हैं कि यह पार्टी जितनी जल्दी हो सके समाप्त हो जाए।
ममता बनर्जी द्वारा निलंबन पर तंज
टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी द्वारा पार्टी नेताओं के निलंबन के सवाल पर घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि पहले यह तय हो कि पार्टी में किसका क्या पद है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल के सदस्यों ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को उनके पद से हटा दिया है, ऐसे में यह सवाल उठता है कि 'दीदी' अब किसे हटाएंगी। फिरहाद हकीम के पार्टी पद को लेकर चल रही अटकलों पर भी घोष ने इशारों में सवाल उठाए।
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और अनुशासन को लेकर तनाव बढ़ता दिख रहा है। गौरतलब है कि सब्यसाची दत्ता टीएमसी के पूर्व मेयर रह चुके हैं और उनके आवास से सोने की बरामदगी ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया अवसर दे दिया है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं राज्य की प्रशासनिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और विधानसभा में इस मुद्दे पर होने वाली चर्चा राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगी।