10 अगस्त 2026
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सब्यसाची के घर 3.5 किलो सोना मिलने पर दिलीप घोष का वार: 'टीएमसी नेताओं को कानून का सामना करना पड़ेगा'

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सब्यसाची के घर 3.5 किलो सोना मिलने पर दिलीप घोष का वार: 'टीएमसी नेताओं को कानून का सामना करना पड़ेगा'

सारांश

BJP नेता दिलीप घोष ने टीएमसी पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता के घर से 3.5 किलो सोना मिलने को पार्टी की व्यापक लूट का प्रतीक बताया। उनका दावा है कि इस लूट ने पश्चिम बंगाल पर ₹8.50 लाख करोड़ का कर्ज लाद दिया और राज्य का विकास रोक दिया।

मुख्य बातें

BJP नेता दिलीप घोष ने 24 जून 2026 को टीएमसी पर तीखा हमला बोला।
टीएमसी के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता के घर से लगभग 3.5 किलो सोना बरामद हुआ।
घोष ने कहा कि टीएमसी नेताओं की लूट से पश्चिम बंगाल पर ₹8.50 लाख करोड़ का कर्ज है।
घोष ने दावा किया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को तृणमूल सदस्यों ने पद से हटा दिया है।
चुनाव आयोग और विधानसभा अध्यक्ष टीएमसी के आंतरिक नेतृत्व विवाद की जांच करेंगे।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और मंत्री दिलीप घोष ने 24 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता के आवास से लगभग 3.5 किलो सोना बरामद होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। घोष ने कहा कि टीएमसी के अनेक नेताओं के पास अकूत संपत्ति है और कानून की जद में आना अब उनकी नियति है।

सोने की बरामदगी पर घोष का हमला

दिलीप घोष ने कहा, 'टीएमसी के कई नेताओं के पास बहुत ज़्यादा संपत्ति है — पैसे, फ्लैट, ज़मीन और यहाँ तक कि जंगल की बड़ी ज़मीनें भी, जिनमें से कुछ कथित तौर पर जबरदस्ती हासिल की गई थीं।' उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं के घरों में अभी भी बड़ी मात्रा में सोना, कीमती सामान और नकदी छुपी हुई है जिसे वे कहीं और नहीं ले जा पाए, और अब यह सब सामने आ रहा है।

घोष ने यह भी कहा कि टीएमसी नेताओं की लूट के कारण पश्चिम बंगाल पर ₹8.50 लाख करोड़ का कर्ज चढ़ गया है, जिसकी वजह से राज्य में विकास ठप पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट कहा, 'कानून उन तक पहुंचेगा और सभी को कानूनी जांच का सामना करना पड़ेगा।'

टीएमसी की आंतरिक उथल-पुथल पर प्रतिक्रिया

पार्टी के भीतर जारी खींचतान पर घोष ने कहा कि यह टीएमसी का अंदरूनी मामला है। उन्होंने कहा कि नेताओं की भूमिका, उनका गुट और उनकी पहचान — इन सब पर चुनाव आयोग (ECI) गौर करेगा और विधानसभा अध्यक्ष भी इस विषय की जांच करेंगे। घोष ने यह भी जोड़ा कि जनता इन अंदरूनी विवादों से परे है और उनकी राय में लोग चाहते हैं कि यह पार्टी जितनी जल्दी हो सके समाप्त हो जाए।

ममता बनर्जी द्वारा निलंबन पर तंज

टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी द्वारा पार्टी नेताओं के निलंबन के सवाल पर घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि पहले यह तय हो कि पार्टी में किसका क्या पद है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल के सदस्यों ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को उनके पद से हटा दिया है, ऐसे में यह सवाल उठता है कि 'दीदी' अब किसे हटाएंगी। फिरहाद हकीम के पार्टी पद को लेकर चल रही अटकलों पर भी घोष ने इशारों में सवाल उठाए।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और अनुशासन को लेकर तनाव बढ़ता दिख रहा है। गौरतलब है कि सब्यसाची दत्ता टीएमसी के पूर्व मेयर रह चुके हैं और उनके आवास से सोने की बरामदगी ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया अवसर दे दिया है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं राज्य की प्रशासनिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और विधानसभा में इस मुद्दे पर होने वाली चर्चा राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राज्य की वित्तीय स्थिति वाकई चिंताजनक रही है — यह तथ्य मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर दब जाता है। टीएमसी की आंतरिक उथल-पुथल — ममता और अभिषेक बनर्जी के पद पर अटकलें — पार्टी की संगठनात्मक कमज़ोरी को उजागर करती हैं, जिसे विपक्ष चुनावी हथियार के रूप में भुनाने की कोशिश कर रहा है। असली सवाल यह है कि जांच एजेंसियां इन मामलों में कितनी स्वतंत्र रूप से काम कर पाती हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सब्यसाची दत्ता के घर से कितना सोना मिला और वे कौन हैं?
सब्यसाची दत्ता तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व मेयर हैं। उनके आवास से कथित तौर पर लगभग 3.5 किलो सोना बरामद हुआ है, जिसके बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।
दिलीप घोष ने टीएमसी पर क्या आरोप लगाए?
BJP नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि टीएमसी के कई नेताओं के पास अकूत संपत्ति है — जिसमें नकदी, फ्लैट, ज़मीन और कथित तौर पर जबरदस्ती हासिल की गई जंगल की ज़मीनें भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस लूट के कारण पश्चिम बंगाल पर ₹8.50 लाख करोड़ का कर्ज है।
टीएमसी में आंतरिक उथल-पुथल किस बात को लेकर है?
घोष के अनुसार, टीएमसी में नेतृत्व और पदों को लेकर खींचतान चल रही है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल सदस्यों ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को उनके पद से हटा दिया है। फिरहाद हकीम के पार्टी पद को लेकर भी अटकलें जारी हैं।
ममता बनर्जी द्वारा टीएमसी नेताओं के निलंबन पर घोष की क्या प्रतिक्रिया थी?
घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जब तृणमूल सदस्य खुद ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को पद से हटा चुके हैं, तो यह सवाल उठता है कि 'दीदी' अब किसे निलंबित करेंगी। उनका कहना था कि पार्टी में किसका क्या पद है, यह पहले स्पष्ट होना चाहिए।
इन मामलों की जांच कौन करेगा?
दिलीप घोष के अनुसार, नेताओं की पहचान और पार्टी पदों के विवाद पर चुनाव आयोग (ECI) गौर करेगा और विधानसभा अध्यक्ष भी इस मुद्दे की जांच करेंगे। संपत्ति से जुड़े मामलों में कानूनी जांच की बात घोष ने कही है।
राष्ट्र प्रेस
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