31 जुलाई 2026
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ईडी की बड़ी कार्रवाई: गिरफ्तार पूर्व TMC विधायक सब्यसाची दत्ता के 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

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ईडी की बड़ी कार्रवाई: गिरफ्तार पूर्व TMC विधायक सब्यसाची दत्ता के 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

सारांश

ईडी ने गिरफ्तार पूर्व TMC विधायक और बिधाननगर के पूर्व महापौर सब्यसाची दत्ता के कोलकाता स्थित 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। पहले बरामद 3.5 किलोग्राम सोना और ₹76 करोड़ की रसीदें इस जाँच की धुरी हैं। पश्चिम बंगाल में नगरपालिका भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।

मुख्य बातें

ईडी ने 31 जुलाई 2026 को कोलकाता में पूर्व TMC विधायक सब्यसाची दत्ता के 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
छापेमारी 3.5 किलोग्राम सोने और ₹76 करोड़ मूल्य की सोने की खरीद रसीदों की बरामदगी के सिलसिले में हुई।
TMC नेता टीना भौमिक के आवास से भी सोने की खेप बरामद की गई।
राज्य पुलिस पहले ही दत्ता और उनकी पत्नी इंद्राणी दत्ता के 5 बैंक खाते फ्रीज कर ₹3.70 करोड़ जब्त कर चुकी है।
दत्ता को 9 जून को जबरन वसूली की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था; उन पर आय से अधिक संपत्ति रखने का भी आरोप है।
2021 में दत्ता को हराने वाले सुजीत बोस भी ईडी द्वारा नगरपालिका नौकरी घोटाले में गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 31 जुलाई 2026 को कोलकाता में गिरफ्तार पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक सब्यसाची दत्ता से जुड़े 12 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह छापेमारी उनके नाम पर पंजीकृत आवास और बैंक लॉकर से बरामद 3.5 किलोग्राम सोने तथा ₹76 करोड़ मूल्य की सोने की खरीद रसीदों के संदर्भ में की जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

शुक्रवार सुबह से चल रहे इस समन्वित तलाशी अभियान का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या जब्त किया गया सोना जबरन वसूली और भ्रष्टाचार से अर्जित धन से खरीदा गया था — ये दोनों दत्ता पर लगाए गए प्रमुख आरोप हैं। जाँच एजेंसी के अनुसार, दत्ता पर अपनी आय के अनुपात से कहीं अधिक संपत्ति रखने का भी आरोप है।

तृणमूल कांग्रेस नेता टीना भौमिक के आवास से भी सोने की खेप बरामद की गई। भौमिक, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल सरकार के दौरान दत्ता की करीबी विश्वासपात्र के रूप में जानी जाती थीं।

पहले की गिरफ्तारी और बैंक खाते फ्रीज

दत्ता को 9 जून की सुबह राज्य पुलिस ने लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी कोलकाता के सॉल्ट लेक में रहने वाले एक व्यवसायी की लिखित शिकायत के बाद हुई, जिसमें दत्ता पर जबरन वसूली का आरोप लगाया गया था।

इससे पहले राज्य पुलिस ने सब्यसाची दत्ता और उनकी पत्नी इंद्राणी दत्ता के पाँच बैंक खाते फ्रीज कर दिए थे। पुलिस के अनुसार, इन खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट और नकदी में कुल ₹3.70 करोड़ जब्त किए गए हैं।

सब्यसाची दत्ता का राजनीतिक सफर

दत्ता 2011 से 2021 तक उत्तर 24 परगना जिले के राजारहाट-न्यूटाउन विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के दो बार विधायक रहे और बिधाननगर नगर निगम (BMC) के महापौर भी रहे। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए और बिधाननगर सीट से चुनाव लड़े, परंतु तृणमूल के सुजीत बोस से हार गए।

चुनाव में हार के बाद दत्ता पुनः तृणमूल कांग्रेस में लौट आए। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में उन्होंने बारासात विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा।

एक और गिरफ्तार नेता से संबंध

उल्लेखनीय है कि जिन सुजीत बोस ने 2021 में दत्ता को हराया था, वे भी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने उन्हें राज्य में नगरपालिका नौकरियों के बदले करोड़ों रुपए के नकद भुगतान के मामले में गिरफ्तार किया था। यह संयोग पश्चिम बंगाल की राजनीति में भ्रष्टाचार के व्यापक पैटर्न की ओर संकेत करता है।

आगे क्या होगा

जाँच एजेंसियाँ बरामद दस्तावेज़ों और संपत्तियों की जाँच जारी रखेंगी। ईडी के अनुसार, इस छापेमारी से प्राप्त साक्ष्य दत्ता के खिलाफ धनशोधन के मामले को और मजबूत कर सकते हैं। पश्चिम बंगाल में नगरपालिका भ्रष्टाचार से जुड़े व्यापक मामले में यह कार्रवाई एक अहम कड़ी मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर राज्य सरकार लंबे समय से पर्दा डालती रही है। यह ऐसे समय में आया है जब उन्हें हराने वाले सुजीत बोस भी उसी ईडी की हिरासत में हैं — यह संयोग नहीं, बल्कि एक व्यवस्थागत समस्या का संकेत है। ₹76 करोड़ की सोने की रसीदें और 3.5 किलोग्राम सोना बताते हैं कि यह केवल व्यक्तिगत भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि संगठित वित्तीय अपराध की ओर इशारा करता है। असली सवाल यह है कि क्या जाँच एजेंसियाँ इस नेटवर्क की जड़ तक पहुँच पाएंगी या यह भी चुनावी राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने सब्यसाची दत्ता के ठिकानों पर छापेमारी क्यों की?
ईडी ने यह जाँचने के लिए छापेमारी की कि क्या दत्ता के बैंक लॉकर और आवास से बरामद 3.5 किलोग्राम सोना और ₹76 करोड़ की खरीद रसीदें जबरन वसूली और भ्रष्टाचार से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। दत्ता पर आय से अधिक संपत्ति रखने का भी आरोप है।
सब्यसाची दत्ता को कब और क्यों गिरफ्तार किया गया था?
दत्ता को 9 जून को राज्य पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी कोलकाता के सॉल्ट लेक निवासी एक व्यवसायी की लिखित शिकायत के बाद हुई, जिसमें दत्ता पर जबरन वसूली का आरोप लगाया गया था। बाद में जाँच में पुख्ता सबूत मिले।
टीना भौमिक इस मामले में कैसे जुड़ी हैं?
TMC नेता टीना भौमिक के आवास से भी सोने की खेप बरामद की गई है। वे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल सरकार के दौरान सब्यसाची दत्ता की करीबी विश्वासपात्र के रूप में जानी जाती थीं।
सब्यसाची दत्ता का राजनीतिक इतिहास क्या है?
दत्ता 2011 से 2021 तक उत्तर 24 परगना के राजारहाट-न्यूटाउन से TMC के दो बार विधायक और बिधाननगर नगर निगम के महापौर रहे। 2021 में वे BJP में शामिल हुए, हारे, फिर TMC में लौटे और हाल के चुनाव में बारासात से पुनः हारे।
इस मामले में सुजीत बोस की क्या भूमिका है?
सुजीत बोस वही नेता हैं जिन्होंने 2021 में बिधाननगर सीट से दत्ता को हराया था। वे भी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं — ईडी ने उन्हें नगरपालिका नौकरियों के बदले करोड़ों रुपए के नकद भुगतान के मामले में गिरफ्तार किया था।
राष्ट्र प्रेस
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