10 अगस्त 2026
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ईडी की छापेमारी: सब्यसाची दत्ता के 15 ठिकानों पर तलाशी, ₹13.9 करोड़ के खाते फ्रीज

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ईडी की छापेमारी: सब्यसाची दत्ता के 15 ठिकानों पर तलाशी, ₹13.9 करोड़ के खाते फ्रीज

सारांश

ईडी ने TMC पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता के 15 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा — कोलकाता से गुरुग्राम तक। ₹13.9 करोड़ के 150 खाते फ्रीज, शेल कंपनियों का जाल उजागर। PMLA के तहत जांच जारी है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 31 जुलाई 2026 को कोलकाता और गुरुग्राम में 15 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली।
TMC के पूर्व विधायक और विधाननगर नगर निगम के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता तथा उनके सहयोगियों के लगभग 150 बैंक/डीमैट खाते फ्रीज किए गए, जिनमें ₹13.9 करोड़ का बैलेंस था।
तलाशी में ₹40.50 लाख नकद और 17,200 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा जब्त।
कथित तौर पर प्रिसिजन बिल्डकॉम , सॉफ्टलाइन मीडिया नेटवर्क और अवम रियल्टी जैसी शेल कंपनियों के जरिए धन को सोने, एफडी और अचल संपत्ति में बदला गया।
ईडी ने 23 जून 2026 को PMLA, 2002 के तहत ECIR दर्ज की, जो विधाननगर पुलिस की FIR पर आधारित है।
मामले में आगे की जांच और संभावित संपत्ति कुर्की की कार्रवाई जारी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने 31 जुलाई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और विधाननगर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता तथा उनके सहयोगियों के खिलाफ जबरन वसूली के आरोपों में 15 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में कोलकाता और उसके आसपास के साथ-साथ गुरुग्राम में भी एक जगह शामिल थी।

छापेमारी में क्या मिला

ईडी की तलाशी के दौरान सब्यसाची दत्ता के आवास, उनसे जुड़ी कंपनियों के कार्यालय और उनके सहयोगियों के घर-दफ्तर खंगाले गए। जांच में लेजर बुक्स, डिजिटल डिवाइस और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए, जो कथित तौर पर जबरन वसूली की कमाई के इस्तेमाल से जुड़े हैं।

इसके अलावा, दत्ता और उनके साथियों से संबंधित लगभग 150 बैंक और डीमैट खाते फ्रीज किए गए। ईडी के अनुसार, 9 अगस्त 2026 तक इन खातों में कम से कम ₹13.9 करोड़ का बैलेंस था। इसके साथ ही ₹40.50 लाख नकद और 17,200 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा भी जब्त की गई।

शेल कंपनियों का जाल

ईडी की जांच के अनुसार, सब्यसाची दत्ता और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर प्रिसिजन बिल्डकॉम प्राइवेट लिमिटेड, सॉफ्टलाइन मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड और अवम रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड जैसी शेल कंपनियों के जरिए धन को इधर-उधर घुमाया। इस धन को बाद में सोना, एफडी, म्यूचुअल फंड और अचल संपत्ति जैसी परिसंपत्तियों में निवेश किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में धन-शोधन से जुड़े कई मामलों में ईडी की जांच तेज हो रही है।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने इस मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत जांच शुरू की है। इसके लिए 23 जून 2026 को एक प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की गई, जो विधाननगर पुलिस स्टेशन (नॉर्थ) में दर्ज प्राथमिकी (FIR) पर आधारित है।

उक्त FIR में आरोप लगाया गया था कि सब्यसाची दत्ता और उनके साथियों ने अपने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए स्थानीय व्यापारियों से डरा-धमकाकर, मारपीट करके और आपराधिक साजिश के जरिए जबरन वसूली का रैकेट चलाया। गौरतलब है कि दत्ता TMC के पूर्व विधायक रह चुके हैं और विधाननगर नगर निगम में मेयर का पद भी संभाल चुके हैं।

आगे की कार्रवाई

ईडी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रीज खातों और जब्त दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद एजेंसी संपत्ति कुर्की की दिशा में भी आगे बढ़ सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सब्यसाची दत्ता के खिलाफ ईडी की कार्रवाई क्या है?
प्रवर्तन निदेशालय ने 31 जुलाई 2026 को TMC के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता और उनके सहयोगियों के खिलाफ जबरन वसूली और धन-शोधन के आरोपों में कोलकाता व गुरुग्राम में 15 ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में ₹13.9 करोड़ के 150 बैंक खाते फ्रीज किए गए और ₹40.50 लाख नकद जब्त किए गए।
सब्यसाची दत्ता पर क्या आरोप हैं?
विधाननगर पुलिस स्टेशन (नॉर्थ) में दर्ज FIR के अनुसार, दत्ता और उनके साथियों ने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग कर स्थानीय व्यापारियों से डरा-धमकाकर और मारपीट करके जबरन वसूली की। इस कमाई को शेल कंपनियों के जरिए सोने, एफडी, म्यूचुअल फंड और अचल संपत्ति में बदला गया।
ईडी ने यह मामला कब और किस आधार पर दर्ज किया?
ईडी ने 23 जून 2026 को PMLA, 2002 के तहत एक ECIR दर्ज की, जो विधाननगर पुलिस की FIR पर आधारित है। इसके बाद 31 जुलाई को 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
किन शेल कंपनियों के जरिए धन घुमाया गया?
ईडी के अनुसार, कथित तौर पर प्रिसिजन बिल्डकॉम प्राइवेट लिमिटेड, सॉफ्टलाइन मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड और अवम रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड के नेटवर्क के जरिए वसूली की रकम को वैध संपत्तियों में बदला गया।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ईडी ने स्पष्ट किया है कि जांच जारी है। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस के विश्लेषण के बाद एजेंसी PMLA के तहत संपत्ति कुर्की की दिशा में भी कदम उठा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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