टीएमसी के निलंबित नेता रिजु दत्ता का सवाल — फ्रीज़ ₹450 करोड़ पर पार्टी इतनी बेचैन क्यों?
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित नेता रिजु दत्ता ने 30 जून 2026 को कोलकाता में TMC के फ्रीज़ बैंक खातों, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक और प्रिवेंशन डिटेंशन एक्ट — तीनों मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। दत्ता ने सीधे सवाल उठाया कि जिन खातों में जमा राशि की वैधता ही संदिग्ध है, उन्हें अनफ्रीज़ कराने के लिए TMC बार-बार कोलकाता हाईकोर्ट का दरवाज़ा क्यों खटखटा रही है।
फ्रीज़ खातों पर TMC की बेचैनी
रिजु दत्ता ने बताया कि TMC के तीन बैंक खाते — HDFC बैंक के सेंट्रल प्लाज़ा शाखा में — फ्रीज़ हैं, जिनमें कथित तौर पर करीब ₹450 करोड़ जमा हैं। यह मामला अब सक्रिय पुलिस जाँच के दायरे में है।
उन्होंने कहा कि कालीघाट TMC गुट बार-बार हाईकोर्ट से राशि अनफ्रीज़ कराने की माँग कर रहा है, लेकिन कोलकाता हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जल्दबाज़ी की ज़रूरत नहीं — पार्टी नियमित क़ानूनी प्रक्रिया अपनाए। दत्ता के अनुसार, 'यह पैसा किसका है, कहाँ से आया और इस पर कालीघाट TMC का अधिकार है या ऋतब्रत TMC का — यह पुलिस और प्रशासन तय करेगा। इस मामले में TMC की जल्दबाज़ी समझ से परे है।'
UCC विधेयक पर व्यक्तिगत समर्थन
दत्ता ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा में UCC विधेयक लाने की घोषणा की है। उन्होंने इस फ़ैसले का व्यक्तिगत समर्थन करते हुए कहा, 'संविधान का अनुच्छेद-25 हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार देता है — UCC से इस अधिकार पर कोई पाबंदी नहीं आती।'
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि भारत संविधान से चलता है, किसी धर्म-विशेष की किताब से नहीं। इसलिए नागरिक क़ानून भी सबके लिए एक होना चाहिए। दत्ता के मुताबिक़, यह विधेयक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के घोषणापत्र में शामिल था, इसलिए इसे लाना कोई अप्रत्याशित कदम नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं, वे धर्म को राजनीतिक हथियार बना रहे हैं।
प्रिवेंशन डिटेंशन एक्ट पर रुख
प्रिवेंशन डिटेंशन एक्ट के सवाल पर दत्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से बाहुबली और गुंडई संस्कृति हावी रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहाँ इस संस्कृति पर लगाम लगी, वैसा ही बंगाल में भी होना चाहिए।
हालाँकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शुरू में उन्हें आशंका थी कि इस क़ानून का राजनीतिकरण हो सकता है और इसे विपक्ष के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस क़ानून का राजनीतिक दुरुपयोग नहीं होगा। दत्ता ने इस आश्वासन पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
आगे क्या होगा
फ्रीज़ खातों का मामला अभी पुलिस जाँच और न्यायिक प्रक्रिया में है। कोलकाता हाईकोर्ट ने TMC को नियमित क़ानूनी प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया है। UCC विधेयक और प्रिवेंशन डिटेंशन एक्ट पर राजनीतिक बहस आने वाले विधानसभा सत्र में और तेज़ होने की संभावना है।