मुजफ्फरपुर पुलिस का स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ा अभियान: 342 गिरफ्तार, 190 न्यायिक हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मुजफ्फरपुर पुलिस ने 14 अगस्त 2026 को जिले भर में वांछित अपराधियों और फरार संदिग्धों के खिलाफ व्यापक विशेष अभियान चलाया, जिसमें 342 लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनमें से 190 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एसएसपी के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 15 अगस्त से पहले कानून-व्यवस्था को मजबूत करना था।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस टीमों ने जिले के कई थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी और चेकिंग अभियान चलाए। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने पुलिस लाइंस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह अभियान अपराध नियंत्रण, वांछित व्यक्तियों की धरपकड़ और स्वतंत्रता दिवस से पूर्व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया।
पुलिस के आँकड़ों के अनुसार, ईस्ट-1 सब-डिवीज़न में सर्वाधिक 72 गिरफ्तारियाँ हुईं, जिनमें से 43 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। टाउन-1 और टाउन-2 सब-डिवीज़न क्षेत्रों में 40 गिरफ्तारियाँ दर्ज की गईं।
एसएसपी का औचक निरीक्षण
अभियान के दौरान एसएसपी ने ब्रह्मपुरा और सकरा पुलिस स्टेशनों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने थानों के कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों व कर्मियों को आपराधिक गतिविधियों पर निरंतर निगरानी और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
अहियापुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र सहित कई स्थानों पर ऑपरेशन के दौरान कुछ सामग्री बरामद की गई। पुलिस के अनुसार बरामद सामान का विवरण अलग से जारी किया जाएगा।
आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच जारी
पुलिस अधिकारी अब गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों के आपराधिक पूर्ववृत्त की जाँच कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि उनमें से कितने पुराने लंबित मामलों में वांछित हैं और कितने नए दर्ज प्रकरणों से संबद्ध हैं।
एसपी सिटी मोहिबुल्लाह अंसारी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों और फरार संदिग्धों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा व्यवस्था के तहत मुजफ्फरपुर में सुरक्षा जाँच और निगरानी को और कड़ा कर दिया गया है।
साइबर अपराध पर बिहार पुलिस का कड़ा रुख
इस अभियान से इतर, बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने राज्य में बढ़ते साइबर अपराध के खतरे पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक ही पहचान पत्र से निर्धारित सीमा से अधिक सिम कार्ड लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
DGP विनय कुमार ने यह भी कहा कि नकली आधार कार्ड बनाने में संलिप्त व्यक्तियों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। उनके अनुसार, बिहार में साइबर अपराध से जुड़ी 7,000 से अधिक एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और पुलिस तथा अन्य एजेंसियाँ साइबर अपराधियों के नेटवर्क के विरुद्ध सक्रिय कार्रवाई कर रही हैं।
आगे क्या
गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के आसपास इस प्रकार के निवारक अभियान बिहार पुलिस की स्थापित कार्यप्रणाली का हिस्सा रहे हैं। यह अभियान ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और साइबर अपराध दोनों मोर्चों पर पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। आने वाले दिनों में गिरफ्तार व्यक्तियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच के नतीजे और बरामद सामान का विवरण सामने आने की उम्मीद है।