14 अगस्त 2026
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गुटखा प्रतिबंध से सुपारी किसानों को खतरा: कर्नाटक BJP अध्यक्ष विजयेंद्र का कांग्रेस सरकार पर हमला

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गुटखा प्रतिबंध से सुपारी किसानों को खतरा: कर्नाटक BJP अध्यक्ष विजयेंद्र का कांग्रेस सरकार पर हमला

सारांश

कर्नाटक में गुटखा प्रतिबंध ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है। BJP अध्यक्ष विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर 10 लाख सुपारी किसान परिवारों की आजीविका से खिलवाड़ का आरोप लगाया। खुद CM शिवकुमार ने आदेश पर नाराजगी जताई और वापसी के संकेत दिए — यह सरकार के भीतर की दरार भी उजागर करता है।

मुख्य बातें

कर्नाटक BJP अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 14 अगस्त को आरोप लगाया कि गुटखा प्रतिबंध से सुपारी किसानों की आजीविका खतरे में है।
देश की कुल सुपारी खेती का 76% यानी 6.76 लाख हेक्टेयर क्षेत्र अकेले कर्नाटक में है।
राज्य के 145 तालुकों में 10 लाख से अधिक किसान परिवार सुपारी की फसल पर निर्भर हैं।
प्रतिबंध की अधिसूचना के बाद से ही सुपारी की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, CM डीके शिवकुमार ने अधिकारियों को गुटखा प्रतिबंध आदेश वापस लेने के निर्देश दिए हैं।
किसान संगठनों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार या मंगलवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा।

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 14 अगस्त को बेंगलुरु में आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार गुटखा पर प्रतिबंध लगाकर सुपारी उत्पादकों और किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कदम से पूरे कर्नाटक में किसानों के बीच भय और अनिश्चितता का वातावरण बन गया है।

सुपारी खेती का राष्ट्रीय महत्व

विधानसौधा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजयेंद्र ने बताया कि देश में कुल 9.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सुपारी की खेती होती है, जिसमें से 6.76 लाख हेक्टेयर अकेले कर्नाटक में है — यानी देश की कुल सुपारी खेती का करीब 76 प्रतिशत हिस्सा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के तटीय और मलनाड क्षेत्रों में हजारों किसान परिवार इसी फसल पर निर्भर हैं।

विजयेंद्र ने कहा, 'इतनी जानकारी होने के बावजूद सरकार गुटखा प्रतिबंध की घोषणा कर भ्रम फैला रही है। इससे सुपारी उत्पादकों में डर का माहौल बन रहा है। सुपारी उत्पादकों को आशंका है कि कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री उनके हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।'

किसान संगठनों की मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी

विजयेंद्र ने बताया कि सेंट्रल अरेका नट एंड कोको मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग को-ऑपरेटिव लिमिटेड और अन्य किसान संगठनों के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री से मिलने का कार्यक्रम बना रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने सोमवार या मंगलवार को बैठक तय करने का अनुरोध किया है। हम मुख्यमंत्री से मिलकर आग्रह करेंगे कि सुपारी उत्पादकों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई निर्णय न लिया जाए।'

भाजपा विधायक का आंकड़ों से वार

पूर्व गृह मंत्री और भाजपा विधायक अरगा ज्ञानेंद्र ने कहा कि राज्य के करीब 145 तालुकों में सुपारी की खेती होती है और 10 लाख से अधिक किसान परिवार इस फसल पर निर्भर हैं। उन्होंने बताया कि गुटखा और पान मसाला पर प्रस्तावित प्रतिबंध की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही सुपारी की कीमतों में गिरावट आने लगी है। ज्ञानेंद्र ने कहा, 'सुपारी उत्पादकों की रक्षा करना कर्नाटक सरकार की जिम्मेदारी है।'

सरकार के भीतर भी उठे सवाल

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक सरकार स्वयं गुटखा प्रतिबंध के आदेश को लागू होने के कुछ ही दिनों बाद वापस लेने पर विचार कर रही है। विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों ने इसका विरोध किया है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अधिकारियों को यह आदेश वापस लेने के निर्देश दे दिए हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि इतना महत्वपूर्ण आदेश उनकी जानकारी के बिना कैसे जारी कर दिया गया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सचिव से इस फैसले पर जवाब मांगा और पूछा कि आदेश जारी करने से पहले उनसे चर्चा क्यों नहीं की गई।

आगे क्या होगा

सुपारी उत्पादकों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल सोमवार या मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवकुमार से मिलने की तैयारी में है। यदि सरकार प्रतिबंध वापस लेती है, तो यह कर्नाटक में कृषि हितों के आगे नीतिगत फैसलों के पलटने का एक और उदाहरण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। प्रतिबंध वापसी यदि होती है, तो यह जनदबाव में नीति-पलटी की मिसाल बनेगी — स्वास्थ्य नीति की जीत नहीं।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में गुटखा प्रतिबंध से सुपारी किसानों को क्यों नुकसान होगा?
गुटखा और पान मसाला में सुपारी एक प्रमुख कच्चा माल है। प्रतिबंध की अधिसूचना जारी होते ही सुपारी की माँग और कीमतों में गिरावट शुरू हो गई, जिससे कर्नाटक के 10 लाख से अधिक किसान परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
कर्नाटक में सुपारी की खेती कितनी बड़ी है?
देश में कुल 9.49 लाख हेक्टेयर में सुपारी की खेती होती है, जिसमें से 6.76 लाख हेक्टेयर यानी करीब 76 प्रतिशत हिस्सा अकेले कर्नाटक में है। राज्य के 145 तालुकों में यह फसल उगाई जाती है।
क्या कर्नाटक सरकार गुटखा प्रतिबंध वापस लेगी?
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अधिकारियों को गुटखा प्रतिबंध आदेश वापस लेने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई और CM ने स्वास्थ्य विभाग से जवाब माँगा कि बिना उनकी जानकारी के यह आदेश कैसे जारी हुआ।
BJP अध्यक्ष विजयेंद्र ने इस मुद्दे पर क्या माँग की है?
कर्नाटक BJP अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने सरकार से अपील की है कि सुपारी उत्पादकों के हितों को प्रभावित करने वाला कोई भी फैसला न लिया जाए। उन्होंने किसान संगठनों के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात का कार्यक्रम भी बनाया है।
सुपारी उत्पादक किसान मुख्यमंत्री से कब मिलेंगे?
सेंट्रल अरेका नट एंड कोको मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग को-ऑपरेटिव लिमिटेड समेत किसान संगठनों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार या मंगलवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात करेगा और किसानों के हितों की रक्षा की माँग रखेगा।
राष्ट्र प्रेस
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