तृणमूल के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता के 5 बैंक खाते फ्रीज, ₹1.70 करोड़ जब्त; पत्नी फरार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस ने 17 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता के पाँच बैंक खातों को फ्रीज कर दिया, जिनमें कुल ₹1.70 करोड़ की राशि जमा थी। दत्ता को इसी महीने भ्रष्टाचार और वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, और अब जाँच एजेंसियाँ उनकी फरार पत्नी इंदिरा दत्ता की तलाश में जुटी हैं।
मुख्य घटनाक्रम
जाँच अधिकारियों के अनुसार, सब्यसाची दत्ता और उनकी पत्नी इंदिरा दत्ता के नाम पर कुल पाँच बैंक खाते हैं, जिनमें से एक संयुक्त (ज्वाइंट) खाता है। इन सभी खातों को अब फ्रीज कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, इस दंपति के पास एक सेल्फ डिपॉजिट लॉकर भी है, जिसके बारे में अधिकारियों को आशंका है कि उसमें सोना रखा हो सकता है।
दत्ता के ठिकाने से छापेमारी के दौरान जाँच अधिकारियों ने 50 किलोग्राम सोने की खरीद रसीदें भी बरामद की हैं। इसके साथ ही उनकी पत्नी के नाम पर पंजीकृत एक हाई-एंड एसयूवी भी जब्त की गई है।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
सब्यसाची दत्ता राजरहाट-न्यूटाउन विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं। यह क्षेत्र उत्तर 24 परगना जिले के अंतर्गत आता है। वह बिधाननगर नगर निगम के चेयरपर्सन भी रह चुके हैं और वर्तमान में वार्ड नंबर 31 के पार्षद हैं।
कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके साल्ट लेक में रहने वाले एक व्यवसायी की शिकायत के आधार पर बिधाननगर उत्तर पुलिस स्टेशन ने 8 जून की आधी रात को रायगाछी स्थित दत्ता के आवास पर छापेमारी की। इसके बाद 9 जून को लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले भी दत्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार, वसूली और गुंडागर्दी के मामलों में शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
छापेमारी का विस्तार
पुलिस ने शुक्रवार को दत्ता के ससुराल पक्ष के घर पर भी छापेमारी की, जो उत्तर 24 परगना के गाइघाटा में स्थित है। हालाँकि, इस छापे में कुछ भी बरामद या सीज नहीं किया जा सका। जाँच के दौरान पुलिस को पूर्व विधायक के नाम पर पंजीकृत एक आवासीय फ्लैट की भी जानकारी मिली है।
पत्नी की तलाश और अगली कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, जाँच अधिकारी इंदिरा दत्ता का पता लगाने में जुटे हैं, जो अपने पति की गिरफ्तारी के बाद से फरार हैं। अब पुलिस सब्यसाची दत्ता को बुधवार को बिधाननगर कोर्ट में पेश करेगी, जहाँ उनकी हिरासत की माँग की जाएगी। यह मामला बिधाननगर सिटी पुलिस के क्षेत्राधिकार में आता है।