TMC पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार: उगाही और भ्रष्टाचार के आरोप, राजारहाट से हुई कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और बिधाननगर नगर निगम के पूर्व चेयरमैन सब्यसाची दत्ता को मंगलवार, 9 जून की तड़के राजारहाट स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। उत्तर 24 परगना जिले के राजारहाट-न्यूटाउन विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे दत्ता पर भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और अपने इलाके के निवासियों को धमकाने के गंभीर आरोप हैं। यह गिरफ्तारी सॉल्ट लेक के एक व्यापारी की लिखित शिकायत के बाद हुई।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
बिधाननगर नॉर्थ पुलिस स्टेशन की एक टीम ने सोमवार आधी रात के बाद राजारहाट के रायगाची इलाके में दत्ता के घर पर छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, घर पर लंबी पूछताछ के बाद मंगलवार सुबह उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। यह पूरा इलाका बिधाननगर सिटी पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है।
शिकायत दर्ज कराने वाले व्यापारी कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके सॉल्ट लेक के निवासी हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दत्ता के खिलाफ यह पहली शिकायत नहीं है — इससे पहले भी भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और गुंडागर्दी में कथित संलिप्तता को लेकर कई शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं।
सब्यसाची दत्ता की राजनीतिक पृष्ठभूमि
दत्ता 2011 से 2021 तक उत्तर 24 परगना जिले की राजारहाट-न्यूटाउन विधानसभा सीट से TMC के टिकट पर लगातार दो बार विधायक रहे। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पूर्व उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया और बिधाननगर सीट से BJP उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे।
उस चुनाव में उन्हें TMC के तीन बार के विधायक और पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस ने पराजित किया। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में दत्ता ने एक बार फिर TMC की टिकट पर उसी जिले की बारासात विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, परंतु वे इस बार भी जीत हासिल नहीं कर सके। फिलहाल वे बिधाननगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 31 के पार्षद के रूप में कार्यरत थे।
सुजीत बोस का संदर्भ: एक और गिरफ्तारी
उल्लेखनीय है कि जिन सुजीत बोस ने दत्ता को 2021 में हराया था, वे स्वयं भी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिछले महीने उन्हें राज्य में नगर पालिकाओं में नौकरी के बदले पैसे लेने के मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह संयोग पश्चिम बंगाल की स्थानीय राजनीति में भ्रष्टाचार के व्यापक पैटर्न की ओर ध्यान दिलाता है।
आगे की कानूनी कार्रवाई
बिधाननगर सिटी पुलिस के सूत्रों के अनुसार, दत्ता को पहले चिकित्सा जाँच के लिए ले जाया जाएगा और उसके बाद उत्तर 24 परगना जिला अदालत में पेश किया जाएगा। सरकारी वकील अदालत से उनकी न्यायिक हिरासत की माँग करेंगे। यह मामला आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।