मदन मित्रा की गाड़ी पर हमला: BJP का दावा — सुरक्षा पाने के लिए खुद कराई घटना
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता मदन मित्रा की गाड़ी पर शनिवार, 7 जून 2026 को उत्तर 24 परगना जिले के कामरहाटी विधानसभा क्षेत्र में कथित हमले के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को आरोप लगाया कि यह हमला मित्रा के अपने लोगों ने उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा दिलाने के मकसद से खुद कराया। मित्रा ने इस घटना के लिए "BJP समर्थित असामाजिक तत्वों" को जिम्मेदार ठहराया है।
घटना का ब्यौरा
कथित तौर पर शनिवार को कामरहाटी दौरे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मदन मित्रा की गाड़ी पर अंडे फेंके और उसमें तोड़फोड़ की। घटना के वक्त मित्रा गाड़ी में मौजूद नहीं थे, लेकिन उन्हें इलाका छोड़ना पड़ा। बाद में उन्होंने इस हमले की जिम्मेदारी BJP से जुड़े तत्वों पर डाली और हत्या की साजिश का भी आरोप लगाया।
BJP का पलटवार
बंगाल सरकार में मंत्री अर्जुन सिंह ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा, 'मदन मित्रा ने अपनी सुरक्षा बढ़वाने के लिए खुद अपने लोगों से अपनी गाड़ी पर हमला करवाया है। इसके पीछे कोई और कारण नहीं है।' उन्होंने दावा किया कि मित्रा के करीबियों ने पूरी घटना की पटकथा पहले से तैयार की।
BJP विधायक पवन सिंह ने लोगों से हिंसा का रास्ता न अपनाने की अपील करते हुए कहा, 'लोगों ने हमें बड़ी उम्मीदों के साथ सत्ता में बैठाया है। कुछ लोग TMC शासन के दौरान झेले अत्याचार की वजह से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, इसी से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।' उन्होंने BJP कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि उनके साथ पहले अन्याय हुआ है तो वे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस का सहारा लें।
हत्या की साजिश के आरोपों को खारिज करते हुए पवन सिंह ने तंज कसा, 'अगर कोई वास्तव में उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहता, तो पहले से इसकी सूचना नहीं देता।'
माकपा का रुख
माकपा नेता हनान मोल्ला ने कहा कि TMC नेताओं पर हमले की ऐसी घटनाएं आगे भी देखने को मिल सकती हैं, क्योंकि TMC ने अपने शासनकाल में 'नफरत और हिंसा की राजनीति' को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा, 'पिछले 15 वर्षों में राज्य में सैकड़ों लोगों की हत्या हुई, हजारों लोगों के साथ मारपीट हुई, घरों पर हमले हुए और भ्रष्टाचार के आरोप लगे — इसी वजह से लोगों में नाराजगी है।' हालांकि, मोल्ला ने स्पष्ट किया, 'मैं किसी भी राजनीतिक नेता पर हमले की कोशिश की निंदा करता हूं। अपराधी को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए, न कि भीड़ द्वारा निशाना बनाया जाना चाहिए।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच सत्ता-संघर्ष चरम पर है। गौरतलब है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से विपक्षी नेताओं पर हमले और जवाबी आरोपों का सिलसिला जारी है। मदन मित्रा कामरहाटी से वरिष्ठ TMC नेता हैं और इस इलाके में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
आगे क्या
फिलहाल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावों के बीच यह देखना अहम होगा कि जांच में कौन-से तथ्य सामने आते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना बंगाल की बदलती राजनीतिक जमीन पर तनाव का संकेत है।