तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा दक्षिण कोलकाता के अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा दक्षिण कोलकाता के अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर

सारांश

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक मदन मित्रा को सोमवार शाम दक्षिण कोलकाता के एक अस्पताल में यूरिन संबंधी समस्या के चलते भर्ती कराया गया। 2026 चुनाव में कामरहाटी से जीत दर्ज करने वाले मित्रा की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और परिवार को जल्द छुट्टी की उम्मीद है।

मुख्य बातें

मदन मित्रा को सोमवार शाम दक्षिण कोलकाता के एक अस्पताल में यूरिन संबंधी समस्या के कारण भर्ती कराया गया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और दवाइयों का असर हो रहा है।
करीबी सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद वे मानसिक दबाव में भी थे।
परिवार को अगले कुछ दिनों में उनके अस्पताल से छुट्टी मिलने की उम्मीद है।
2026 के विधानसभा चुनाव में वे कामरहाटी से जीते थे, भले ही TMC को राज्य में हार का सामना करना पड़ा।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ विधायक मदन मित्रा को सोमवार शाम दक्षिण कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उन्हें यूरिन से जुड़ी समस्या है और फिलहाल वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। सूत्रों ने बताया कि दवाइयों का असर उनकी सेहत पर पड़ रहा है और उनकी हालत स्थिर है।

अस्पताल में भर्ती होने की वजह

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मदन मित्रा को मुख्य रूप से यूरिन से जुड़ी तकलीफ के कारण भर्ती किया गया है। उनके करीबी लोगों का कहना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद वे मानसिक दबाव में भी थे। हालाँकि, चिकित्सकीय रूप से यूरिन संबंधी समस्या ही अस्पताल में भर्ती होने का प्रमुख कारण बताई गई है।

परिवार और समर्थकों की प्रतिक्रिया

परिवार के सूत्रों के अनुसार, यदि स्वास्थ्य में सुधार जारी रहा तो मदन मित्रा को अगले कुछ दिनों में अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। उनके समर्थक अचानक हुई इस बीमारी से चिंतित हैं और अस्पताल के बाहर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

चुनावी सफर और राजनीतिक पृष्ठभूमि

मदन मित्रा ने 2026 के विधानसभा चुनाव में कामरहाटी क्षेत्र से जीत दर्ज की, भले ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस को चुनावी हार का सामना करना पड़ा। चुनाव प्रचार के दौरान वे अपनी अनूठी शैली के लिए चर्चा में रहे — कभी गाना गाते हुए, कभी रंग-बिरंगे कपड़ों में, तो कभी झालमुड़ी बेचकर मतदाताओं से जुड़ते नज़र आए।

गौरतलब है कि 2011 में उन्होंने पहली बार कामरहाटी से जीत हासिल की थी, जब TMC ने 34 साल से सत्ता में रही लेफ्ट फ्रंट सरकार को सत्ता से बाहर किया था। 2021 में भी वे कामरहाटी से विजयी रहे थे।

सारधा चिट फंड मामले की पृष्ठभूमि

2014 में मदन मित्रा को सारधा चिट फंड घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। करीब 21 महीने जेल में रहने के बाद उन्हें सितंबर 2016 में जमानत मिली। जमानत के बाद 2016 के विधानसभा चुनाव में वे कामरहाटी से हार गए और 2019 के भाटपाड़ा उपचुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

आगे क्या

फिलहाल मदन मित्रा डॉक्टरों की देखरेख में हैं और उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार बताया जा रहा है। परिवार अगले कुछ दिनों में उनके स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद जता रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जेल, हार और फिर वापसी — यह दर्शाता है कि बंगाल की राजनीति में उतार-चढ़ाव कितने तीखे होते हैं। उनके स्वास्थ्य से जुड़ी इस खबर पर जनता की नज़र इसलिए भी है क्योंकि वे TMC के उन चुनिंदा नेताओं में हैं जो पार्टी के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपनी सीट बचाने में सफल रहे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मदन मित्रा को अस्पताल में क्यों भर्ती किया गया?
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा को यूरिन से जुड़ी समस्या के कारण सोमवार शाम दक्षिण कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके करीबी लोगों ने यह भी बताया कि पार्टी की चुनावी हार के बाद वे मानसिक दबाव में भी थे।
मदन मित्रा की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति कैसी है?
अस्पताल सूत्रों के अनुसार मदन मित्रा की हालत फिलहाल स्थिर है और दवाइयों का असर उनकी सेहत पर पड़ रहा है। परिवार को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।
मदन मित्रा 2026 के विधानसभा चुनाव में कहाँ से जीते?
मदन मित्रा ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कामरहाटी क्षेत्र से जीत दर्ज की। यह उनकी उल्लेखनीय जीत थी क्योंकि राज्य में तृणमूल कांग्रेस को समग्र रूप से हार का सामना करना पड़ा था।
मदन मित्रा का सारधा चिट फंड मामले से क्या संबंध है?
2014 में मदन मित्रा को सारधा चिट फंड घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। करीब 21 महीने जेल में रहने के बाद उन्हें सितंबर 2016 में जमानत मिली थी।
मदन मित्रा का राजनीतिक सफर कैसा रहा है?
मदन मित्रा ने 2011 में पहली बार कामरहाटी से जीत दर्ज की थी जब TMC ने लेफ्ट फ्रंट को सत्ता से बाहर किया था। सारधा मामले में गिरफ्तारी और 2016 व 2019 में हार के बाद उन्होंने 2021 और 2026 में कामरहाटी से जीत हासिल की।
राष्ट्र प्रेस