सिंधु जल संधि पर धमकी की भाषा अनुचित, ममता पर अंडा फेंकना लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान: मनोज झा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद मनोज झा ने 9 जुलाई 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत में सिंधु जल संधि, ईरान-अमेरिका तनाव, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की रैली में कथित अंडा-फेंकने की घटना और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कई मोर्चों पर सवाल उठाए।
सिंधु जल संधि: कूटनीतिक संयम की दरकार
सिंधु जल संधि को लेकर मनोज झा ने स्पष्ट कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच इस जैसे संवेदनशील द्विपक्षीय मामलों पर धमकी भरी भाषा का प्रयोग न केवल अनुचित है, बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी प्रतिकूल है। उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों पर निर्णय लेने का अधिकार उन्हीं संवैधानिक और कूटनीतिक संस्थाओं को है, जिन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
झा ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी का भी समर्थन करते हुए कहा कि उनका भी यही आशय था कि ऐसे मामलों का समाधान संबंधित सक्षम प्राधिकरणों के माध्यम से ही होना चाहिए, न कि सार्वजनिक बयानबाजी से।
ईरान-अमेरिका विवाद: वैश्विक स्थिरता पर खतरा
ईरान-अमेरिका तनाव पर मनोज झा ने कहा कि इस संघर्ष को महज दो देशों के बीच का विवाद बताना पूरी तस्वीर को सामने नहीं रखता। उन्होंने आरोप लगाया कि युद्धविराम उल्लंघन के मामलों में अमेरिका और इजरायल की भूमिका भी रही है।
झा ने कहा कि यदि फरवरी के अंतिम सप्ताह से घटनाक्रम का अध्ययन किया जाए तो एक स्पष्ट पैटर्न उभरता है। उनके अनुसार, इस तरह की घटनाएं वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं और इससे उत्पन्न होने वाली अस्थिरता किसी भी सरकार के लिए प्रबंधित करना आसान नहीं होगा।
ममता की रैली में अंडा फेंकना: लोकतंत्र के लिए शर्मनाक
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली में कथित तौर पर अंडे फेंके जाने की घटना को मनोज झा ने भारतीय लोकतांत्रिक संस्कृति के लिए चिंताजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में इस तरह की घटनाएं पहले सामान्य नहीं थीं और इन्हें किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
झा ने उन लोगों को आगाह किया जो इसे 'जनता का आक्रोश' बता रहे हैं — उनके अनुसार, दिशाहीन आक्रोश कभी भी किसी के भी विरुद्ध पलट सकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई चुनाव देखे हैं, जीत और हार दोनों, लेकिन लोकतंत्र में इस तरह की तस्वीरें लोकतांत्रिक मूल्यों को शर्मसार करती हैं।
ईडी की कार्रवाई और निष्पक्षता पर सवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खातों में कथित तौर पर लगभग ₹440 करोड़ फ्रीज करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर मनोज झा ने केंद्रीय एजेंसियों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई पहले बहुत कम देखने को मिली है।
झा ने आरोप लगाया कि ईडी एक स्वतंत्र एजेंसी की तरह नहीं, बल्कि BJP के राजनीतिक हितों के अनुरूप काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की दल-बदल की राजनीति को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे लोकतांत्रिक जनादेश प्रभावित हो रहा है।
आने वाले समय में बड़े खुलासों का दावा
मनोज झा ने दावा किया कि हाल के समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिन पर गंभीर सवाल उठे हैं और आने वाले समय में अयोध्या से जुड़े भूमि मामलों का भी खुलासा होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सार्वजनिक विमर्श को जानबूझकर छोटे मुद्दों की ओर मोड़ा जा रहा है, जबकि बड़े और महत्वपूर्ण मामलों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही। समय आने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे, ऐसा उन्होंने दावा किया।