भाजपा के खात्मे की बात कहने वाले विपक्ष को जनता नहीं लेती गंभीरता से: मनन कुमार मिश्रा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने 14 जून 2026 को विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला — तृणमूल कांग्रेस (TMC) में कथित संगठनात्मक उथल-पुथल, शिवसेना (यूबीटी) की राजनीतिक सक्रियता और राम जन्मभूमि दान विवाद को निशाना बनाते हुए। मिश्रा ने दावा किया कि जनता का बदलता राजनीतिक रुझान विपक्षी नेताओं को भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है, और इसी कारण राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं।
टीएमसी में बगावत और संगठनात्मक संकट
टीएमसी के भीतर बागी सांसदों और संगठनात्मक बदलावों पर मिश्रा ने कहा कि यदि कोई नेता पहले ही पार्टी नेतृत्व से दूरी बनाने का निर्णय ले चुका हो, तो उसे औपचारिक रूप से निष्कासित करने का कोई विशेष अर्थ नहीं रह जाता। उनके अनुसार, कुछ नेता टीएमसी और उसके शीर्ष नेतृत्व से अलग होकर या तो भाजपा में शामिल होना चाहते हैं या स्वतंत्र राजनीतिक राह चुनने की सोच रहे हैं।
मिश्रा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जनता का मूड तेज़ी से बदल रहा है। राज्य की जनता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी से नाराज़ है, जिसके चलते कई नेताओं के लिए जनता के बीच जाना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में आना चाहते हैं, उसे सकारात्मक राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जाना चाहिए।
उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र की राजनीति
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा पार्टी सांसदों की बैठक बुलाए जाने के सवाल पर मिश्रा ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता पहले ही उद्धव ठाकरे और उनके सहयोगियों से निराश हो चुकी है। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य के हालिया चुनावी परिणाम इस जन-भावना को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना
मिश्रा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब कांग्रेस के नेतृत्व पर भरोसा नहीं करती। उनके अनुसार, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के चुनावी परिणामों में यह अविश्वास साफ़ झलकता है। गौरतलब है कि इन तीनों राज्यों में विपक्षी गठबंधन को हाल के वर्षों में उल्लेखनीय झटके लगे हैं।
संजय राउत के बयान पर पलटवार
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष के सत्ता में आने पर भाजपा का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा, मिश्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय तक देश की राजनीति में प्रभावी भूमिका निभाती रहेगी। मिश्रा के अनुसार, जनता विपक्ष के ऐसे बयानों को गंभीरता से नहीं लेती और इस प्रकार के राजनीतिक वक्तव्यों की असलियत को भली-भाँति समझती है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो रही हैं और टीएमसी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। भाजपा की रणनीति स्पष्ट है — विपक्षी खेमे की दरारों को उजागर करना और अपनी राजनीतिक पकड़ मज़बूत करना। आने वाले महीनों में टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं की आवाजाही राजनीतिक परिदृश्य को और आकार देगी।