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भाजपा नेता संजय सरावगी बोले — 'भाजपा पार्टियां नहीं तोड़ती', TMC-शिवसेना UBT बगावत पर दिया जवाब

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भाजपा नेता संजय सरावगी बोले — 'भाजपा पार्टियां नहीं तोड़ती', TMC-शिवसेना UBT बगावत पर दिया जवाब

सारांश

TMC के 20 और शिवसेना-UBT के 6 सांसदों की कथित बगावत के बीच बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने साफ कहा — 'भाजपा पार्टियां नहीं तोड़ती।' उनका तर्क है कि ममता विरोधी जनभावना और बालासाहेब की विचारधारा से UBT के विचलन के कारण नेता खुद पार्टी छोड़ रहे हैं।

मुख्य बातें

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने 17 जून 2026 को पटना में कहा कि भाजपा पार्टियां नहीं तोड़ती।
TMC के करीब 20 सांसद ममता बनर्जी से बगावत की स्थिति में; शिवसेना-UBT से 6 सांसदों के अलग होने की अटकलें।
कथित बागी सांसदों ने दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की बताई जा रही है।
सरावगी ने नीट पेपर लीक पर कहा — केंद्र सरकार ने कड़ी कार्रवाई की, संबंधित एप बंद किए।
बिहार के सभी प्रखंडों में महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहायता शिविर; 30 दिन में निष्पादन अनिवार्य, अन्यथा अधिकारी 31वें दिन स्वतः निलंबित।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने 17 जून 2026 को पटना में स्पष्ट किया कि भाजपा पर दूसरे दलों को तोड़ने के जो आरोप लग रहे हैं, वे निराधार हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के करीब 20 सांसदों की बगावत और महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) से 6 सांसदों के अलग होने की अटकलें तेज हैं।

TMC बगावत पर भाजपा का रुख

सरावगी ने कहा, "भाजपा पार्टियां नहीं तोड़ती। पश्चिम बंगाल में जो हुआ, उसे देखिए — ममता बनर्जी की जन-विरोधी नीतियों के 15 साल बाद कई सांसदों को लगता है कि वे TMC के चुनाव चिह्न पर दोबारा नहीं जीत सकते।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि ममता बनर्जी और TMC के खिलाफ जनता में गहरी नाराजगी है, इसीलिए नेता खुद पार्टी छोड़ रहे हैं। उनके अनुसार, यदि ये नेता NDA के सहयोगियों के साथ आते हैं तो इससे NDA सरकार और मजबूत होगी।

शिवसेना UBT पर सरावगी का तर्क

महाराष्ट्र की स्थिति पर सरावगी ने कहा कि शिवसेना (UBT) ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर वह विचारधारा छोड़ दी है जो बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व की नींव पर खड़ी थी। उन्होंने कहा, "बालासाहेब ठाकरे कांग्रेस और उसकी नीतियों के कड़े विरोधी थे। नतीजतन, वहाँ भी असंतोष और नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला दिख रहा है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि NDA में शामिल होने वाले नेताओं का पार्टी स्वागत करती है।

बागी सांसदों की गतिविधियाँ

गौरतलब है कि TMC के करीब 20 सांसद ममता बनर्जी से बगावत की स्थिति में बताए जा रहे हैं। वहीं, महाराष्ट्र में शिवसेना-UBT से 6 सांसदों के अलग होने की चर्चा है। रिपोर्टों के अनुसार, बागी सांसदों ने दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष से भी मुलाकात की है — जो इस राजनीतिक हलचल को और गहरा बनाती है।

पटना विवाद और नीट पेपर लीक पर प्रतिक्रिया

सरावगी ने पटना में फैजल खान (खान सर) और रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद पर कहा कि कानून तोड़ने वाले किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। नीट पेपर लीक मामले पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है और संभावित लीक को रोकने के लिए संबंधित एप बंद किए गए हैं।

बिहार में सहायता शिविर और आगे की योजना

बिहार भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि राज्य के सभी प्रखंडों में प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को दो-तीन पंचायतों में सहायता शिविर लगाए जाएँगे। इन शिविरों में लिखित आवेदन देने पर 30 दिनों के भीतर अधिकारियों को निष्पादन अनिवार्य होगा — अन्यथा 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित हो जाएंगे। इसके अलावा, केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्यभर के प्रखंडों में दो दिवसीय शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें केंद्र और राज्य की योजनाओं के लिए आवेदन किया जा सकता है। सरावगी ने कहा कि यह सभी पहल बिहार की आम जनता के हित में हैं और आने वाले समय में इनका विस्तार किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सवाल को नहीं टालता कि NDA में विलय की यह प्रक्रिया कितनी 'स्वैच्छिक' है। TMC के 20 और शिवसेना-UBT के 6 सांसदों का एक साथ बागी होना और लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात — यह संयोग नहीं, एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति के संकेत हैं। विपक्षी दलों का यह कमजोर होना 2029 के आम चुनाव से पहले NDA की संख्यात्मक ताकत बढ़ाने का स्पष्ट प्रयास दिखता है। असली परीक्षा यह है कि क्या ये 'विचारधारा-प्रेरित' दलबदल जनता की नजर में वैध माने जाएंगे, या दल-बदल विरोधी कानून के दायरे में आएंगे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय सरावगी ने TMC और शिवसेना-UBT बगावत पर क्या कहा?
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि भाजपा पार्टियां नहीं तोड़ती — नेता खुद ममता बनर्जी की जन-विरोधी नीतियों और शिवसेना-UBT के कांग्रेस से गठबंधन के कारण पार्टी छोड़ रहे हैं। उन्होंने NDA में शामिल होने वाले नेताओं का स्वागत किया।
TMC और शिवसेना-UBT में कितने सांसदों के बागी होने की बात है?
रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में TMC के करीब 20 सांसद और महाराष्ट्र में शिवसेना-UBT के 6 सांसद बगावत की स्थिति में बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इन बागी सांसदों ने दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष से भी मुलाकात की है।
भाजपा पर पार्टी तोड़ने के आरोप क्यों लग रहे हैं?
विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा सत्ता के बल पर अन्य दलों के सांसदों को अपनी ओर खींचती है। TMC और शिवसेना-UBT में एक साथ बड़े पैमाने पर हुई कथित बगावत ने इन आरोपों को और हवा दी है। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे नेताओं का स्वैच्छिक निर्णय बताया है।
नीट पेपर लीक पर संजय सरावगी ने क्या कहा?
सरावगी ने कहा कि नीट पेपर लीक को लेकर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की गई है और लीक की संभावनाओं को देखते हुए संबंधित एप बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सही ढंग से परीक्षा कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बिहार में सहायता शिविर कैसे काम करेंगे?
बिहार के सभी प्रखंडों में हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को दो-तीन पंचायतों में सहायता शिविर लगाए जाएंगे। लिखित आवेदन पर 30 दिनों में निष्पादन अनिवार्य होगा, और 31वें दिन भी कार्रवाई न होने पर संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित हो जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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