ममता बनर्जी पर FIR: BJP बिहार अध्यक्ष बोले — 'TMC ने 15 साल बंगाल की जनता से किया विश्वासघात'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष संजय सरावगी ने 13 जून 2026 को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ हेट स्पीच मामले में दर्ज एफआईआर पर तीखी प्रतिक्रिया दी। सरावगी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पिछले 15 वर्षों में भ्रष्टाचार और कथित उगाही के ज़रिए बंगाल की जनता के साथ धोखा किया है, और कहा कि 'गलत काम का प्रायश्चित करना ही होगा।'
सरावगी ने क्या कहा
संजय सरावगी ने कहा, 'जिस तरह की सांप्रदायिक भाषा का इस्तेमाल किया गया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। पिछले 15 सालों में TMC ने भ्रष्टाचार और 'कट मनी' के नाम पर कथित उगाही के ज़रिए पश्चिम बंगाल की जनता के साथ धोखा किया है। यह स्वाभाविक है कि कानून अपना काम करेगा।'
उन्होंने आगे कहा कि अभिषेक बनर्जी के आवास पर लगातार पुलिस और सीआईडी की टीमें पूछताछ के लिए जा रही हैं। सरावगी के अनुसार, 'आम जनता ने अपना बदला लिया और TMC को बंगाल से साफ किया है, जिसके कारण पार्टी के जनप्रतिनिधियों में भगदड़ मची है।'
TMC के बागी सांसदों पर BJP का रुख
TMC के बागी सांसदों के मुद्दे पर सरावगी ने कहा कि पार्टी के कुछ सांसद लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर अलग बैठने के लिए सीट की माँग कर चुके हैं और उन्होंने इस आशय का लिखित अनुरोध भी दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि 60 से अधिक विधायक TMC से अलग हो चुके हैं और उनमें से नेता प्रतिपक्ष की घोषणा भी की गई है।
सरावगी ने कहा कि TMC के सांसदों, विधायकों से लेकर पार्षद तक को अब यह महसूस होने लगा है कि वे पार्टी के चुनाव चिह्न पर जीत हासिल नहीं कर सकते। यह पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि का संकेत है।
मध्य प्रदेश राज्यसभा विवाद पर प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर सरावगी ने कहा, 'मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीनों सीटें BJP जीत चुकी है। यदि किसी उम्मीदवार पर कोई मुकदमा चल रहा है और उसे छिपाया जाता है, तो रिटर्निंग अधिकारी को नामांकन खारिज करने का पूरा अधिकार है।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में हाल के विधानसभा चुनावों के बाद TMC की राजनीतिक स्थिति कमज़ोर बताई जा रही है। गौरतलब है कि ममता बनर्जी के खिलाफ हेट स्पीच से जुड़े इस मामले ने राष्ट्रीय राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी है। BJP ने इस मामले को TMC के कथित शासन-विफलताओं से जोड़ते हुए इसे जनता के प्रति जवाबदेही का प्रश्न बताया है।