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महुआ मोइत्रा पर अंडे-गोबर हमले की सीपीआई(एम) नेता विकास रंजन भट्टाचार्य ने की कड़ी निंदा

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महुआ मोइत्रा पर अंडे-गोबर हमले की सीपीआई(एम) नेता विकास रंजन भट्टाचार्य ने की कड़ी निंदा

सारांश

राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की सीमाएँ तब धुंधली हो गईं जब सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता विकास रंजन भट्टाचार्य ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर हुए अंडे-गोबर हमले की निंदा की — पुलिस की मौजूदगी में हुई इस घटना ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और TMC की आंतरिक गुटबाजी, दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर बुधवार, 2 जुलाई को नादिया जिले के कालिगंज में पुलिस की मौजूदगी में भीड़ ने अंडे और गोबर फेंके।
सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य विकास रंजन भट्टाचार्य ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद हमले की निंदा की।
TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने BJP पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने पार्टी की संलिप्तता से इनकार करते हुए कहा — 'TMC के असंतुष्ट कार्यकर्ता' जिम्मेदार हैं।
मोइत्रा ने घटना के बाद पार्टी कार्यालय की दूसरी मंजिल से फेसबुक लाइव कर अपनी ही पार्टी के एक वर्ग पर नाराज़गी जाहिर की।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा पर बुधवार, 2 जुलाई 2026 को नादिया जिले के कालिगंज में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद भीड़ द्वारा अंडे और गोबर फेंके जाने की घटना ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। सबसे चौंकाने वाला समर्थन TMC के कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई(एम) की ओर से आया है।

सीपीआई(एम) नेता का अप्रत्याशित समर्थन

सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस हमले की कड़ी निंदा की। भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया, 'महुआ मोइत्रा मेरी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हो सकती हैं, लेकिन वह लोकसभा की निर्वाचित सदस्य हैं। जहाँ तक मुझे पता है, उनके खिलाफ जबरन वसूली और भ्रष्टाचार की कोई शिकायत नहीं है। बुधवार को जिस तरह से उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, वह एक सभ्य और लोकतांत्रिक समाज के लिए शर्मनाक है। एक सभ्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को ऐसी बर्बरता के खिलाफ विरोध करना चाहिए।' यह बयान उल्लेखनीय है क्योंकि TMC और सीपीआई(एम) पश्चिम बंगाल में दशकों से कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं।

घटना का विवरण

बुधवार दोपहर महुआ मोइत्रा नादिया जिले के कालिगंज में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 के निकट स्थित तृणमूल पार्टी कार्यालय में आंतरिक बैठक कर रही थीं। इसी दौरान कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ कार्यालय के बाहर जमा हो गई और बाहर से अंडे तथा गोबर फेंकने लगी। प्रदर्शनकारियों द्वारा मोइत्रा के विरुद्ध अपशब्दों का प्रयोग भी किया गया।

घटना के बाद मोइत्रा ने पार्टी कार्यालय की दूसरी मंजिल से फेसबुक पर लाइव प्रसारण शुरू किया, जिसमें उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक वर्ग के खिलाफ खुलकर नाराज़गी जाहिर की। गौरतलब है कि यह पूरी घटना पुलिस की उपस्थिति में हुई, जो इसे और अधिक गंभीर बनाती है।

TMC और भाजपा की प्रतिक्रिया

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट में अपने संसदीय सहयोगी पर हुए हमले की निंदा की। बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मोइत्रा के विरुद्ध इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया।

हालाँकि, पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने पार्टी की किसी भी संलिप्तता से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे 'तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट कार्यकर्ता' थे।

राजनीतिक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में TMC की आंतरिक गुटबाजी की चर्चाएँ तेज हो रही हैं। महुआ मोइत्रा पहले भी अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाती हैं और उनका पार्टी नेतृत्व के साथ कई मुद्दों पर मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है। विपक्षी दलों की ओर से TMC सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया जा रहा है, क्योंकि यह हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ।

आगे क्या

इस घटना की जाँच की माँग विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से उठाई जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पश्चिम बंगाल पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्या मोइत्रा औपचारिक शिकायत दर्ज कराती हैं। इस पूरे प्रकरण ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हिंसा और सांसदों की सुरक्षा पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे विपक्ष भुनाने की कोशिश कर रहा है। असली सवाल यह है कि पुलिस की मौजूदगी में एक निर्वाचित सांसद पर हमला कैसे हो सकता है — यह राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। BJP और TMC दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन मोइत्रा का खुद अपनी पार्टी के एक वर्ग पर सार्वजनिक रूप से नाराज़ होना यह बताता है कि यह मामला केवल बाहरी राजनीति नहीं, बल्कि TMC की अंदरूनी कलह का भी प्रतिबिंब है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महुआ मोइत्रा पर अंडे-गोबर हमला कहाँ और कब हुआ?
यह हमला बुधवार, 2 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के कालिगंज में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 के निकट स्थित तृणमूल पार्टी कार्यालय के बाहर हुआ। उस समय मोइत्रा वहाँ पार्टी की आंतरिक बैठक में थीं और पुलिस भी मौजूद थी।
सीपीआई(एम) ने महुआ मोइत्रा का समर्थन क्यों किया?
सीपीआई(एम) नेता विकास रंजन भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एक निर्वाचित सांसद के साथ ऐसा दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने इसे 'सभ्य समाज के लिए शर्मनाक' बताया और कहा कि ऐसी बर्बरता का विरोध हर नागरिक का कर्तव्य है।
TMC ने इस हमले के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया?
TMC महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने BJP पर इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया। हालाँकि, भाजपा ने इससे इनकार करते हुए कहा कि यह TMC के ही असंतुष्ट कार्यकर्ताओं का काम है।
महुआ मोइत्रा ने हमले के बाद क्या किया?
हमले के बाद मोइत्रा ने पार्टी कार्यालय की दूसरी मंजिल से फेसबुक पर लाइव प्रसारण शुरू किया। इस लाइव वीडियो में उन्होंने अपनी ही पार्टी TMC के एक वर्ग के खिलाफ खुलकर नाराज़गी जाहिर की।
क्या इस घटना से TMC की आंतरिक गुटबाजी उजागर होती है?
मोइत्रा का फेसबुक लाइव पर अपनी ही पार्टी के एक वर्ग पर आरोप लगाना और राज्य भाजपा का दावा कि हमलावर TMC के असंतुष्ट कार्यकर्ता थे — दोनों मिलकर यह संकेत देते हैं कि TMC में आंतरिक मतभेद हैं। हालाँकि, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इसे BJP की साजिश बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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