7 अगस्त 2026
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तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता हाई कोर्ट में PIL दायर की, नेताओं पर अंडे फेंकने की घटनाओं पर रोक की मांग

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तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता हाई कोर्ट में PIL दायर की, नेताओं पर अंडे फेंकने की घटनाओं पर रोक की मांग

सारांश

सत्ता परिवर्तन के बाद पश्चिम बंगाल में तृणमूल नेताओं पर हमलों का सिलसिला जारी है — अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, कुणाल घोष समेत पाँच नेताओं पर अंडे फेंके गए। TMC ने अब इन घटनाओं के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है और मंगलवार को सुनवाई संभावित है।

मुख्य बातें

तृणमूल कांग्रेस ने 22 जून 2026 को कलकत्ता हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की।
याचिका कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तापब्रता चक्रवर्ती की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत, सुनवाई मंगलवार को संभावित।
सांसद अभिषेक बनर्जी ( सोनारपुर ), कल्याण बनर्जी ( चांदीतला ), डेरेक ओ'ब्रायन और विधायक कुणाल घोष , मदन मित्रा पर कथित सुनियोजित हमले।
पार्टी ने गिरफ्तार नेताओं को कमर में रस्सी बाँधकर और अंडरवियर में घुमाने के पुलिस के तरीके पर भी आपत्ति जताई।
BJP के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गिरफ्तारियों के दौरान आरोपियों पर अंडे फेंकने का आरोप।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 22 जून 2026 को कलकत्ता हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हो रहे अंडे फेंकने के हमलों पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। यह याचिका कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तापब्रता चक्रवर्ती की खंडपीठ के समक्ष वकील प्रभान्या बनर्जी द्वारा प्रस्तुत की गई है, और मामले की सुनवाई मंगलवार को होने की संभावना है।

मुख्य घटनाक्रम

याचिका में पाँच वरिष्ठ तृणमूल नेताओं पर हुए कथित सुनियोजित हमलों का विशेष उल्लेख किया गया है। डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी पर दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर दौरे के दौरान हमला हुआ। श्रीरामपुर से सांसद कल्याण बनर्जी पर हुगली जिले के चांदीतला इलाके में हमला किया गया। इसके अलावा, राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन पर भी हमले का आरोप लगाया गया है।

विधायकों में बेलघाटा से तृणमूल विधायक कुणाल घोष पर दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर अंडे फेंके गए। वहीं, विधायक मदन मित्रा पर उत्तर 24 परगना जिले के उनके विधानसभा क्षेत्र कमरहटी में हमला हुआ, जहाँ उनकी कार में भी तोड़फोड़ की गई।

गिरफ्तारी के तरीके पर आपत्ति

तृणमूल कांग्रेस ने याचिका में पुलिस द्वारा गिरफ्तार नेताओं के साथ बर्ताव पर भी गंभीर आपत्ति जताई है। पार्टी का आरोप है कि गिरफ्तार तृणमूल नेताओं को कमर में रस्सी बाँधकर और केवल अंडरवियर में सड़कों पर घुमाया गया। इस तरह के बर्ताव को पार्टी ने मानवीय गरिमा का उल्लंघन बताया है। हालाँकि, पुलिस ने बाद में गिरफ्तार नेताओं के सिर पर हेलमेट लगाकर उन्हें अंडों से बचाने की कोशिश की।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से तृणमूल नेताओं को विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया जा रहा है। गिरफ्तारियों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं, कार्यकर्ताओं और कुछ स्थानीय लोगों द्वारा आरोपियों पर अंडे फेंकने की घटनाएँ सामने आई हैं। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि राज्य भर में पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले जारी हैं और पार्टी कार्यालयों को ध्वस्त किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है।

आगे क्या होगा

कलकत्ता हाई कोर्ट में दायर इस PIL पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है। न्यायालय का रुख तय करेगा कि क्या इन घटनाओं पर तत्काल रोक के लिए कोई अंतरिम आदेश जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि यह मामला राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा के व्यापक सवाल को न्यायिक मंच पर ले आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है — कि सत्ता से बेदखल होने के बाद पार्टी न्यायपालिका को अपनी ढाल बनाने की कोशिश कर रही है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या गिरफ्तारियों के दौरान हुई ये घटनाएँ सुनियोजित राजनीतिक हिंसा थीं, या भीड़ की सहज प्रतिक्रिया — और इसका उत्तर न्यायालय के लिए भी आसान नहीं होगा। पश्चिम बंगाल में सत्ता-परिवर्तन के बाद राजनीतिक हिंसा का यह पैटर्न नया नहीं है, लेकिन इस बार इसे न्यायिक दायरे में लाया गया है, जो दीर्घकालिक जवाबदेही की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता हाई कोर्ट में किस बारे में PIL दायर की है?
तृणमूल कांग्रेस ने 22 जून 2026 को कलकत्ता हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंकने की घटनाओं पर रोक लगाने और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। याचिका में पाँच वरिष्ठ नेताओं पर हुए कथित सुनियोजित हमलों का विशेष उल्लेख है।
किन तृणमूल नेताओं पर हमले हुए हैं?
सांसद अभिषेक बनर्जी (सोनारपुर, दक्षिण 24 परगना), कल्याण बनर्जी (चांदीतला, हुगली), डेरेक ओ'ब्रायन, और विधायक कुणाल घोष (कालीघाट, कोलकाता) व मदन मित्रा (कमरहटी, उत्तर 24 परगना) पर कथित हमले हुए हैं। मदन मित्रा की कार में भी तोड़फोड़ की गई।
कलकत्ता हाई कोर्ट में इस PIL की सुनवाई कब होगी?
याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है। यह याचिका कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तापब्रता चक्रवर्ती की खंडपीठ के समक्ष दायर की गई है और वकील प्रभान्या बनर्जी ने तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया है।
तृणमूल ने पुलिस के किस बर्ताव पर आपत्ति जताई है?
तृणमूल का आरोप है कि गिरफ्तार नेताओं को कमर में रस्सी बाँधकर और केवल अंडरवियर में सड़कों पर घुमाया गया, जिसे पार्टी ने मानवीय गरिमा का उल्लंघन बताया है। बाद में पुलिस ने अंडों से बचाने के लिए गिरफ्तार नेताओं के सिर पर हेलमेट लगाए।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल नेताओं पर हमलों की पृष्ठभूमि क्या है?
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल नेताओं को विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया जा रहा है। गिरफ्तारियों के दौरान BJP नेताओं, कार्यकर्ताओं और कुछ स्थानीय लोगों द्वारा आरोपियों पर अंडे फेंके जाने की घटनाएँ सामने आई हैं, और तृणमूल का दावा है कि राज्य भर में पार्टी कार्यालय भी ध्वस्त किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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