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एशियन गेम्स 2026: हिमांशु ढिल्लों ने 10 मीटर एयर राइफल में जीता सिल्वर, रुद्रांक्ष पाटिल को ब्रॉन्ज

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एशियन गेम्स 2026: हिमांशु ढिल्लों ने 10 मीटर एयर राइफल में जीता सिल्वर, रुद्रांक्ष पाटिल को ब्रॉन्ज

सारांश

नागोया में एशियन गेम्स 2026 की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा भारत के लिए यादगार रही — हिमांशु ढिल्लों ने अपने करियर का पहला सीनियर सिल्वर जीता और रुद्रांक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज। कोच पूजा घाटकर और साइकोलॉजिस्ट शिवम द्विवेदी को दिया श्रेय बताता है कि यह जीत सिर्फ निशाने की नहीं, मानसिक मजबूती की भी है।

मुख्य बातें

हिमांशु ढिल्लों ने एशियन गेम्स 2026 में 10 मीटर एयर राइफल में 252.4 प्वाइंट्स के साथ सिल्वर मेडल जीता — सीनियर स्तर पर उनका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक।
रुद्रांक्ष पाटिल ने 230.9 प्वाइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतकर एक ही इवेंट में भारत को दोहरी खुशी दी।
चीन के शेंग लिहाओ ने 254.2 प्वाइंट्स के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता।
हिमांशु ने सफलता का श्रेय कोच पूजा घाटकर और साइकोलॉजिस्ट शिवम द्विवेदी को दिया।
हिमांशु के शूटिंग रोल मॉडल अभिनव बिंद्रा हैं; वह विराट कोहली को भी प्रेरणास्रोत मानते हैं।

भारतीय निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों ने एशियन गेम्स 2026 में 21 सितंबर को नागोया में पुरुषों के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में 252.4 प्वाइंट्स के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह सीनियर स्तर पर उनका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। भारत के लिए एक और खुशखबरी तब आई जब रुद्रांक्ष पाटिल ने 230.9 प्वाइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

मुख्य घटनाक्रम

इस इवेंट में चीन के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन शेंग लिहाओ ने 254.2 प्वाइंट्स के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता। हिमांशु ढिल्लों ने 252.4 प्वाइंट्स के साथ सिल्वर और रुद्रांक्ष पाटिल ने 230.9 प्वाइंट्स के साथ ब्रॉन्ज हासिल किया। यह इवेंट भारत के लिए दोहरी खुशी लेकर आया, क्योंकि एक ही स्पर्धा में भारत के दो निशानेबाज पोडियम पर रहे।

हिमांशु की प्रतिक्रिया

पदक जीतने के बाद हिमांशु ढिल्लों ने कहा, "यह मेरे लिए बहुत गर्व का पल है। मैं बहुत खुश हूं, क्योंकि यह मेरा पहला सीनियर मेडल है। मैं अपने मेडल बॉक्स में एक और पदक जोड़कर बहुत खुश हूं। मैंने अपने देश के लिए सिल्वर मेडल जीता है। यह बहुत खुशी की बात है।"

उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपनी पूरी टीम को देते हुए कहा, "मैं यह मेडल अपने परिवार को समर्पित करता हूं। मैं अपने माता पिता को नहीं भूल सकता। मैं यह मेडल अपनी कोच, पूजा घाटकर को समर्पित करता हूं। मैं यह मेडल अपने साइकोलॉजिस्ट, शिवम द्विवेदी को समर्पित करता हूं। मेरी कोच बहुत निष्ठावान हैं। उन्होंने मुझे बहुत प्रोत्साहित किया।"

कोच और साइकोलॉजिस्ट की भूमिका

हिमांशु ने खुलासा किया कि उनकी सफलता के पीछे कोच पूजा घाटकर और साइकोलॉजिस्ट शिवम द्विवेदी की अहम भूमिका रही। उन्होंने बताया, "उन्होंने मुझे फोकस बनाए रखने में मदद की और हर तरह के भटकाव से दूर रखा।" शूटिंग जैसे एकाग्रता प्रधान खेल में मानसिक प्रशिक्षण की यह स्वीकृति भारतीय खेलों में एक नई परिपक्वता को दर्शाती है।

रोल मॉडल और परिवार का साथ

हिमांशु ढिल्लों ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा को अपना शूटिंग रोल मॉडल मानते हैं, जबकि अन्य खेलों में वह विराट कोहली से प्रेरणा लेते हैं। इवेंट के तुरंत बाद वह अपने पिता से संपर्क नहीं कर सके, क्योंकि वह उस समय विदेश यात्रा पर थे, लेकिन उन्होंने अपनी माँ से बात की। उन्होंने बताया, "वह बहुत गर्व महसूस कर रही थीं। वह बहुत खुश हैं। होटल वापस जाने पर मैं उनसे विस्तार से बात करूंगा।"

भारतीय निशानेबाजी का बड़ा दिन

गौरतलब है कि एशियन गेम्स की एकल स्पर्धा में भारत के दो निशानेबाजों का एक साथ पोडियम पर आना, देश की शूटिंग अकादमियों और प्रशिक्षण प्रणाली की गहराती ताकत का संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद भारतीय शूटिंग ने नई पीढ़ी को तराशने पर जोर दिया है। आने वाले ओलंपिक क्वालिफिकेशन चक्र में इन दोनों निशानेबाजों का प्रदर्शन भारत की उम्मीदों का केंद्र बनेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि हथियार मानने लगे हैं। हालांकि, चीन के शेंग लिहाओ ने जो गेम्स रिकॉर्ड स्कोर किया, वह यह भी याद दिलाता है कि ओलंपिक स्वर्ण की राह अभी लंबी है। असली परीक्षा ओलंपिक क्वालिफिकेशन में होगी, जहाँ इस सिल्वर की चमक को स्थायित्व में बदलना होगा।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में 10 मीटर एयर राइफल का परिणाम क्या रहा?
चीन के शेंग लिहाओ ने 254.2 प्वाइंट्स के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। भारत के हिमांशु ढिल्लों ने 252.4 प्वाइंट्स के साथ सिल्वर और रुद्रांक्ष पाटिल ने 230.9 प्वाइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
हिमांशु ढिल्लों का यह पदक उनके करियर में कितना अहम है?
यह सीनियर स्तर पर हिमांशु ढिल्लों का पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है और उन्होंने इसे अपने करियर का 'गर्व भरा पल' बताया है। एशियन गेम्स जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पहला सीनियर पदक किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ा मील का पत्थर होता है।
हिमांशु ढिल्लों ने अपनी सफलता का श्रेय किसे दिया?
हिमांशु ने अपना सिल्वर मेडल अपने माता पिता, कोच पूजा घाटकर और साइकोलॉजिस्ट शिवम द्विवेदी को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि उनकी कोच ने उन्हें फोकस बनाए रखने में और साइकोलॉजिस्ट ने मानसिक भटकाव से दूर रखने में अहम भूमिका निभाई।
हिमांशु ढिल्लों के शूटिंग रोल मॉडल कौन हैं?
हिमांशु ढिल्लों ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा को अपना शूटिंग रोल मॉडल मानते हैं। अन्य खेलों में वह विराट कोहली से प्रेरणा लेते हैं।
रुद्रांक्ष पाटिल ने एशियन गेम्स 2026 में क्या हासिल किया?
रुद्रांक्ष पाटिल ने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में 230.9 प्वाइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसी स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों के सिल्वर के साथ, भारत ने एक ही इवेंट में दो पदक जीते।
राष्ट्र प्रेस
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