एशियन गेम्स 2026: दो दिन में 5 मेडल, NRAI अध्यक्ष कलिकेश बोले — 'यह तो बस शुरुआत है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शूटिंग टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार आगाज़ किया है। नागोया में जारी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के तीसरे दिन यानी 21 सितंबर 2026 को पुरुषों के 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने के साथ साथ व्यक्तिगत स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर और रुद्राक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। भारतीय शूटिंग टीम महज दो दिनों में कुल 5 मेडल अपने नाम कर चुकी है।
अब तक का मेडल ताल
रविवार को महिला टीम ने 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि स्टार निशानेबाज़ इलावेनिल वलारिवन ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी सिल्वर पर कब्जा किया था। सोमवार को हिमांशु और रुद्राक्ष के पदकों के साथ टीम का सिल्वर भी जुड़ा, जिससे दो दिनों में 5 पदक का आँकड़ा पूरा हुआ।
NRAI अध्यक्ष कलिकेश का बयान
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अध्यक्ष कलिकेश सिंह ने टीम के प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए कहा, "भारतीय शूटिंग में हमारी शुरुआत अच्छी रही है। कल महिलाओं के 10 मीटर इवेंट में इलावेनिल ने सिल्वर मेडल जीता और टीम ने भी सिल्वर मेडल हासिल किया। आज रुद्राक्ष ने ब्रॉन्ज मेडल जीता, हिमांशु ने सिल्वर मेडल जीता और टीम ने फिर से सिल्वर मेडल जीता। तो दो दिनों में इंडियन शूटिंग में पाँच मेडल मिल चुके हैं और आगे भी कई मेडल आने की उम्मीद है। मुझे लगता है कि यह तो बस शुरुआत है।"
युवा निशानेबाज़ों की मानसिक मज़बूती
कलिकेश ने भारतीय शूटर्स की मानसिक दृढ़ता की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि शूटर बहुत मज़बूत इरादे वाले लोग हैं। वे युवा हैं, उनमें आगे बढ़ने का जुनून है और वे अपनी मानसिक मज़बूती से किसी भी मुश्किल का सामना कर सकते हैं। वे बहुत मज़बूत हैं और उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं — भारतीय शूटिंग के लिए यह एक अच्छी शुरुआत है और हम दुनिया की बेहतरीन टीमों में से एक हैं।"
साइंस और टेक्नोलॉजी का योगदान
NRAI अध्यक्ष ने खुलासा किया कि शूटर्स को हाई प्रेशर परिस्थितियों के लिए विशेष तैयारी कराई जाती है। उनके अनुसार, "हमने शूटर्स के साथ काफी समय बिताया है और उन्हें फाइनल के सिमुलेशन विश्लेषण और हाई प्रेशर वाली स्थितियों के लिए तैयार किया है। साइंस, टेक्नोलॉजी और हाई परफॉर्मेंस टीम की मदद से हम उन्हें काफी फीडबैक देते हैं ताकि वे मानसिक, शारीरिक और तकनीकी रूप से खुद को बेहतर बना सकें। सरकार से भी हमें बहुत सहयोग मिला है।"
आगे और मेडल की उम्मीद
एशियन गेम्स में शेष इवेंट्स को लेकर कलिकेश ने आशावादी रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "लगभग हर इवेंट में हमारे पास भारत के लिए मेडल जीतने की क्षमता है। अभी सिर्फ दो दिन हुए हैं और पाँच मेडल मिल चुके हैं। मुझे लगता है कि आगे और भी मेडल आएंगे।" यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय शूटिंग ओलंपिक के बाद एशियाई मंच पर भी अपनी श्रेष्ठता साबित करने में जुटी है।