महुआ मोइत्रा का कलकत्ता हाईकोर्ट में अंडा-हमला मामला, तत्काल सुनवाई से इनकार
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की कृष्णानगर लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के तेहट्टा में उन पर हुए कथित अंडे के हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों को नदिया जिला पुलिस गिरफ्तार करने में विफल रही है। न्यायालय ने याचिका तो स्वीकार कर ली, लेकिन शीघ्र सुनवाई की अपील ठुकरा दी।
क्या है पूरा मामला
यह कथित घटना पिछले सप्ताह तेहट्टा, नदिया जिले में हुई बताई जाती है। मोइत्रा एक पार्टी बैठक में शामिल होने गई थीं और लौटते समय उनके काफिले पर कथित तौर पर अंडे फेंके गए। सांसद ने घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पदाधिकारियों ने बैठक स्थल को घेर लिया था और उनके बाहर निकलते ही हमला किया।
मोइत्रा ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा, 'भाजपा पदाधिकारियों ने मेरी बैठक वाली जगह को घेर लिया और मेरे निकलते ही अंडे फेंके। हमारे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए धन्यवाद, माय लॉर्ड।'
हाईकोर्ट का रुख
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने मोइत्रा की याचिका स्वीकार कर ली, परंतु शीघ्र अथवा प्राथमिकता-आधार पर सुनवाई की माँग अस्वीकार कर दी। जस्टिस भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई नियमित 'कॉज लिस्ट' के अनुसार ही होगी।
गौरतलब है कि नदिया पुलिस ने इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है, जो मोइत्रा की याचिका का मूल आधार है।
BJP का खंडन, TMC पर पलटवार
तेहट्टा से BJP विधायक सुब्रत कोबिराज ने पार्टी कार्यकर्ताओं की किसी भी भूमिका से साफ इनकार किया। उन्होंने दावा किया, 'यह तृणमूल कांग्रेस के अंदर गुटीय संघर्ष का नतीजा था। नदिया में TMC अब दो गुटों में बंट गई है — एक मोइत्रा का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा उनके खिलाफ है। मोइत्रा-विरोधी गुट ने उन पर हमला किया; भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं।'
आलोचकों का कहना है कि BJP और TMC के बीच यह आरोप-प्रत्यारोप पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव की एक और कड़ी है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
महुआ मोइत्रा पहले भी विवादों में रही हैं — 'कैश फॉर क्वेरी' मामले में लोकसभा से निष्कासन और बाद में 2024 में कृष्णानगर से पुनर्निर्वाचन उनके राजनीतिक सफर के उल्लेखनीय अध्याय रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नदिया जिले में तृणमूल कांग्रेस के भीतर आंतरिक खींचतान की खबरें लंबे समय से आती रही हैं।
मामले की अगली सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट की नियमित तारीख पर होगी, जो अभी तय की जानी है।