महुआ मोइत्रा ने तेहट्टा अंडा हमले पर 8 BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की कृष्णानगर लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने 18 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के तेहट्टा पुलिस स्टेशन में आठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि 16 सितंबर को तेहट्टा में आयोजित एक पार्टी सभा में भाग लेने के दौरान उन पर अंडे फेंके गए थे।
मुख्य घटनाक्रम
शिकायत में नामजद आठ BJP कार्यकर्ताओं में तेहट्टा-प्रथम ब्लॉक के पंचायत समिति प्रमुख और उप प्रमुख भी शामिल हैं। एक जिला पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि सांसद की शिकायत के आधार पर जाँच शुरू कर दी गई है। अधिकारी के अनुसार घटनास्थल के सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की गहन जाँच की जा रही है।
मोइत्रा ने बुधवार को ही घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए थे और दावा किया था कि BJP पदाधिकारियों ने उनकी पार्टी की बैठक स्थल को घेर लिया और उनके प्रस्थान के दौरान उनके काफिले को निशाना बनाया।
BJP का खंडन
BJP के नदिया जिला नेतृत्व ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। तेहट्टा विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक सुब्रता कोबिराज ने कहा कि इस घटना में कोई भी BJP कार्यकर्ता या समर्थक शामिल नहीं था। उन्होंने दावा किया कि हिंदू देवी-देवताओं के बारे में सांसद की 'विवादास्पद टिप्पणियों' के विरोध में हुए प्रदर्शन ने लोगों में तीव्र आक्रोश पैदा किया, और 16 सितंबर की घटना उसी 'सहज जन आक्रोश' की अभिव्यक्ति थी।
मोइत्रा की प्रतिक्रिया
मोइत्रा ने इस प्रकरण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की हालिया टिप्पणी का हवाला दिया। उनके अनुसार न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा था कि जब स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियों का सामना किया, तो राजनेताओं को अंडे फेंकने की घटनाओं से अत्यधिक चिंतित नहीं होना चाहिए। मोइत्रा ने इस सोच से सहमति जताते हुए कहा कि वह भी उसी भावना के साथ इस परिस्थिति का सामना करती हैं।
सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि यह जनता का नहीं, बल्कि BJP पदाधिकारियों का काम था, जिन्होंने उनकी बैठक को घेरकर काफिले पर अंडे फेंके।
पुलिस समन्वय पर विवाद
मोइत्रा ने तेहट्टा पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी की भी आलोचना की, जिन्होंने कथित तौर पर दावा किया कि उन्हें सांसद की यात्रा की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। तेहट्टा के पुलिस आयुक्त सुप्रिया रंजन माजी ने कैमरे पर कहा कि उन्हें मोइत्रा की तेहट्टा यात्रा के बारे में किसी ने सूचित नहीं किया था। हालाँकि, मोइत्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि नदिया के जिला पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारी को एक पत्र भेजा था, जिसमें उनकी तेहट्टा यात्रा का स्पष्ट उल्लेख था। यह अंतर्विरोध जाँच के दायरे में आ सकता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह
गौरतलब है कि कृष्णानगर और आसपास के नदिया जिले में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव पहले से बना हुआ है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में विपक्षी नेताओं पर हमले और जवाबी आरोपों का सिलसिला जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।