भारत-पाकिस्तान हैंडशेक विवाद पर कपिल देव बोले — 'सरकार और बोर्ड कहें तो हाथ नहीं मिलाऊंगा'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने 18 सितंबर 2026 को भारत-पाकिस्तान हैंडशेक विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि वे इस मामले में पूरी तरह सरकार और क्रिकेट बोर्ड की नीति का पालन करेंगे। विमेंस एशिया कप 2026 में भी भारतीय टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया और चैंपियनशिप ट्रॉफी एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से लेने से भी इनकार कर दिया।
मुख्य बयान: कपिल देव की स्पष्ट राय
'7वें होटलियर्स कॉन्क्लेव' कार्यक्रम में बोलते हुए कपिल देव ने कहा, 'मैं इस तरह के मामले में अपनी सरकार और क्रिकेट बोर्ड की पॉलिसी को देखूंगा। अगर मेरा क्रिकेट बोर्ड कहेगा कि मुझे हाथ नहीं मिलाना है, तो मैं हाथ नहीं मिलाऊंगा। अगर बोर्ड कहेगा कि पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलना है, तो मैं नहीं खेलूंगा। हालांकि, अगर मेरी सरकार और बोर्ड कहेंगे कि जाइए पाकिस्तान के खिलाफ खेलिए, तो मैं बिल्कुल खेलूंगा।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'कभी-कभार आपको ऐसी चीजें सरकार के फैसलों पर छोड़ देनी चाहिए। सरकार की पॉलिसी मेरी सोच से कहीं ज्यादा मायने रखती है। मेरे सोचने से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि देश सबसे पहले आता है।'
पहलगाम हमले के बाद से बदला माहौल
गौरतलब है कि पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमें मैदान पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से परहेज कर रही हैं। विमेंस एशिया कप 2026 में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और पूरी टीम ने इस परंपरा को जारी रखा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव अभी भी बना हुआ है।
इमरान खान पर कपिल देव का रुख
कपिल देव उन पूर्व क्रिकेटरों और हस्तियों की सूची में शामिल हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान व पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ बेहतर बर्ताव की अपील करते हुए एक पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तान सरकार की नीति से कोई सरोकार नहीं है — वे केवल यह चाहते हैं कि इमरान को बुनियादी सुविधाएं मिलें।
कपिल ने कहा, 'कुछ तौर-तरीके होते हैं, जिनका पालन किया जाना चाहिए। उनकी हालत देखकर दुख होता है, क्योंकि वह हमारे साथ खेले हैं और उन्होंने अपने देश को गर्व महसूस कराया है।'
विवाद का व्यापक संदर्भ
भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध वर्षों से राजनीतिक घटनाक्रमों की छाया में रहे हैं। पहलगाम हमले के बाद यह विवाद एक नए स्तर पर पहुँच गया है, जहाँ मैदान के बाहर की घटनाएँ मैदान के भीतर के आचरण को सीधे प्रभावित कर रही हैं। कपिल देव का बयान इस मायने में अहम है कि वे न केवल खिलाड़ियों के मौजूदा रवैये का समर्थन करते हैं, बल्कि इसे राष्ट्रीय जिम्मेदारी के व्यापक ढाँचे से जोड़ते हैं।
आगे क्या
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अभी तक हैंडशेक मुद्दे पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, खिलाड़ियों का व्यवहार स्पष्ट रूप से एक सामूहिक निर्णय की ओर इशारा करता है जो सरकारी और खेल प्रशासनिक नीति दोनों के अनुरूप प्रतीत होता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक द्विपक्षीय संबंधों में सुधार नहीं होता, यह रुख जारी रह सकता है।