राहुल गांधी को इतिहास पढ़ना चाहिए, कांग्रेस ही 'भस्मासुर' है: किरेन रिजिजू का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक्स पोस्ट पर तीखा पलटवार किया। रिजिजू ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) खुद एक 'भस्मासुर' की तरह है — जो भी पार्टी उसके संपर्क में आती है, वह टूट जाती है — और राहुल गांधी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर उंगली उठाने से पहले अपना इतिहास पढ़ना चाहिए।
राहुल गांधी के आरोप और रिजिजू का जवाब
राहुल गांधी ने अपने एक्स पोस्ट में भाजपा पर शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को तोड़ने का आरोप लगाया था। इस पर रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा, 'कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी भाजपा पर ऐसी बातें मढ़ रहे हैं जो असल में उन पर लागू होनी चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि TMC और NCP — दोनों ही मूल रूप से कांग्रेस से अलग होकर बनी हैं, इसलिए इन पार्टियों के टूटने का इल्ज़ाम भाजपा पर नहीं लगाया जा सकता।
ऐतिहासिक उदाहरणों से साधा निशाना
रिजिजू ने दशकों पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों की लंबी सूची गिनाई। उन्होंने 1963 की घटना का उल्लेख किया, जब कांग्रेस ने कथित तौर पर अशोक मेहता को योजना आयोग का उपाध्यक्ष पद देकर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी को तोड़ा था। इसके अलावा, उन्होंने प्रोफेसर एन.जी. रंगा और राजगोपालाचारी का ज़िक्र करते हुए बताया कि 1959 में कांग्रेस से अलग होकर उन्होंने एक समाजवादी समूह बनाया था।
रिजिजू ने तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के संस्थापक एन. टी. रामा राव को कांग्रेस द्वारा परेशान किए जाने और अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) के कथित दुरुपयोग से राज्य सरकारों को अस्थिर करने के उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा, 'वे तो सरकारों को पूरी तरह से खत्म ही कर देते थे।'
तीसरे मोर्चे और गठबंधन सरकारों का संदर्भ
मंत्री ने 1989 की घटनाओं का उल्लेख किया, जब वी. पी. सिंह कांग्रेस से अलग होकर प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले चंद्र शेखर का समर्थन करने का दिखावा किया, वी. पी. सिंह की सरकार गिराई, और फिर कुछ ही महीनों में चंद्र शेखर की सरकार भी गिरा दी। 1997-98 के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पहले एच. डी. देवेगौड़ा और बाद में आई. के. गुजराल की सरकार को भी कांग्रेस ने समर्थन देने के बाद गिरा दिया।
रिजिजू ने शरद पवार का उदाहरण भी दिया — जो कांग्रेस के बड़े नेता थे, किंतु सोनिया गांधी के विदेशी मूल पर सवाल उठाने के बाद पार्टी से बाहर हो गए। उन्होंने कहा कि पवार को तोड़ने की कोशिश में बाद में सुरेश कलमाडी का किस तरह इस्तेमाल किया गया, 'यह कहानी सब जानते हैं।'
भाजपा की छवि पर रिजिजू का दावा
रिजिजू ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है और यह विस्तार कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत का परिणाम है, न कि किसी 'गंदी चाल' का। उन्होंने भाजपा को 'परिवार की पार्टी' नहीं, बल्कि योग्यता और दूरदर्शिता पर आधारित लोकतांत्रिक दल बताया।
आगे क्या होगा
रिजिजू का यह पलटवार ऐसे समय में आया है जब संसद सत्र के बाहर भी भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाज़ी जारी है। गौरतलब है कि राहुल गांधी की एक्स पोस्ट पर यह प्रतिक्रिया सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर एकता का संदेश देने और विपक्षी 'INDIA गठबंधन' की आंतरिक कमज़ोरियों को उजागर करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज़ होने की संभावना है।