फिलीपींस: साउथ कोटाबाटो के स्कूल में गोलीबारी, 3 की मौत और 6 घायल; संदिग्ध हमलावर छात्र
सारांश
मुख्य बातें
फिलीपींस के साउथ कोटाबाटो प्रांत के बांगा स्थित बांगा नेशनल हाई स्कूल में 18 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को हुई गोलीबारी में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार संदिग्ध हमलावर स्वयं भी घायल है और प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक वह एक छात्र बताया जा रहा है।
क्या हुआ घटनास्थल पर
साउथ कोटाबाटो के गवर्नर रेनाल्ड तमायो ने हताहतों की आधिकारिक पुष्टि की है। फिलस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के तत्काल बाद फिलीपींस रेड क्रॉस ने अपनी आपातकालीन टीमें मौके पर रवाना कर दीं। रेड क्रॉस ने बताया कि छह घायलों को डैंटम डॉक्टर्स हॉस्पिटल और साउथ कोटाबाटो प्रोविंशियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
रेड क्रॉस और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
फिलीपींस रेड क्रॉस के चेयरमैन एवं सीईओ रिचर्ड जे. गॉर्डन ने स्कूल समुदाय के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी टीमें मौके पर मौजूद हैं ताकि पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। उन्होंने समुदाय से धैर्य बनाए रखने की अपील की।
शिक्षा विभाग का बयान
फिलीपींस के शिक्षा विभाग ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और नागरिकों से अपुष्ट जानकारी साझा न करने की अपील की। विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक छात्र और स्कूल समुदाय के सदस्य की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग ने बताया कि वह स्कूल डिविजन कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय, स्थानीय प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय कर घटना की परिस्थितियों की पुष्टि कर रहा है।
शिक्षा विभाग ने यह भी कहा कि प्रभावित लोगों को मनोवैज्ञानिक प्राथमिक सहायता एवं मानसिक स्वास्थ्य और मनोसामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
फिलीपींस में स्कूल गोलीबारी की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि फिलीपींस में हाल के महीनों में स्कूल परिसरों में गोलीबारी की घटनाएँ बढ़ी हैं। पिछले महीने एटेनियो डी जाम्बोआंगा विश्वविद्यालय के जूनियर हाई स्कूल भवन में एक छात्र ने दो पिस्तौलों से गोलीबारी कर अपने सहपाठी की हत्या कर दी थी। इससे पहले 22 जून को टैक्लोबन शहर के सैन जोस नेशनल हाई स्कूल में दो छात्रों द्वारा की गई गोलीबारी में कम से कम तीन छात्र और 20 अन्य लोग घायल हो गए थे।
यह ऐसे समय में आया है जब फिलीपींस में स्कूलों में हथियारों की उपलब्धता और छात्र हिंसा को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है। जाँच एजेंसियाँ घटना के कारणों की पड़ताल कर रही हैं।