18 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-साइप्रस द्विपक्षीय संबंध: निकोसिया में उच्चायुक्त मनीष ने वरिष्ठ अधिकारियों से की व्यापक समीक्षा बैठक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-साइप्रस द्विपक्षीय संबंध: निकोसिया में उच्चायुक्त मनीष ने वरिष्ठ अधिकारियों से की व्यापक समीक्षा बैठक

सारांश

साइप्रस में भारत के उच्चायुक्त मनीष ने निकोसिया में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा की। मई 2026 में राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडिस की मोदी से मुलाकात के बाद प्रवासन समझौते और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

मुख्य बातें

साइप्रस में भारत के उच्चायुक्त मनीष ने 18 सितंबर 2026 को निकोसिया में साइप्रस के वरिष्ठ अधिकारियों से द्विपक्षीय एजेंडे की व्यापक समीक्षा की।
बैठक में उप राजनीतिक निदेशक पॉली इओआन्नू , डेमेट्रिस असोस और एशिया एवं ओशिनिया विभाग के प्रमुख जॉर्जियोस जॉर्जियो शामिल हुए।
भारत-साइप्रस प्रवासन और मोबिलिटी समझौते को समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप देने पर सहमति जताई गई।
साइप्रस में भारतीय कामगारों के कल्याण, सुरक्षा और उचित व्यवहार के मुद्दे उठाए गए।
मई 2026 में राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडिस की भारत यात्रा के दौरान PM मोदी से हुई बैठक में बनी सहमति के अनुरूप रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

साइप्रस में भारत के उच्चायुक्त मनीष ने 18 सितंबर 2026 को निकोसिया में साइप्रस के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और भारत-साइप्रस द्विपक्षीय एजेंडे की व्यापक समीक्षा की। दोनों पक्षों ने सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में हुई प्रगति का आकलन करते हुए दोनों देशों के नेताओं के विज़न को ठोस परिणामों में बदलने की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में कौन-कौन शामिल रहे

भारतीय उच्चायोग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, उच्चायुक्त मनीष ने तीन वरिष्ठ साइप्रस अधिकारियों से मुलाकात की — विदेश मंत्रालय की उप राजनीतिक निदेशक पॉली इओआन्नू, राष्ट्रपति के राजनयिक कार्यालय में अधिकारी डेमेट्रिस असोस, तथा एशिया एवं ओशिनिया विभाग के प्रमुख जॉर्जियोस जॉर्जियो। उच्चायुक्त ने तीनों अधिकारियों को उनकी नई नियुक्तियों पर बधाई दी।

बैठक में प्राथमिकता वाले सहयोग-क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ करीबी समन्वय बनाए रखने और द्विपक्षीय साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर सहमति जताई गई।

प्रवासन एवं श्रमिक मोबिलिटी समझौते पर चर्चा

पिछले महीने उच्चायुक्त मनीष ने साइप्रस के प्रवासन एवं अंतरराष्ट्रीय संरक्षण मामलों के उप मंत्री निकोलस ए. लोआनिडेस से अलग बैठक की थी। उस बैठक में भारत-साइप्रस प्रवासन और मोबिलिटी समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में हुई प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई थी।

बैठक में साइप्रस की अर्थव्यवस्था और समाज में भारतीय पेशेवरों तथा कामगारों के योगदान को रेखांकित किया गया। उच्चायुक्त ने कुछ भारतीय कर्मचारियों के कल्याण, उचित व्यवहार और सुरक्षा से जुड़े मामले उठाए और सुरक्षित, कानूनी तथा कौशल आधारित श्रमिक मोबिलिटी को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया। लोआनिडेस ने इन मुद्दों के समाधान में उप मंत्रालय की ओर से निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया था।

मई 2026 की शिखर बैठक की पृष्ठभूमि

यह राजनयिक गतिविधियाँ उस उच्चस्तरीय यात्रा की अनुवर्ती कार्रवाई का हिस्सा हैं जो मई 2026 में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडिस ने भारत की थी। उस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत-साइप्रस संबंधों को रणनीतिक स्तर तक उठाने तथा रक्षा और परिवहन संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी।

गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत अपने यूरोपीय भागीदारों के साथ संरचनात्मक द्विपक्षीय ढाँचे को व्यापक रूप से मज़बूत कर रहा है। प्रवासन और मोबिलिटी समझौता इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

आगे की राह

दोनों पक्षों ने प्रवासन एवं मोबिलिटी समझौते को समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। यह समझौता मई 2026 की शिखर बैठक में बनी आपसी सहमति के अनुरूप है और लोगों की आवाजाही के लिए एक कानूनी एवं पूर्वानुमान योग्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। करीबी समन्वय के साथ दोनों देश इस साझेदारी को ठोस नतीजों की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तब तक इसकी सार्थकता सीमित रहेगी जब तक समझौते को औपचारिक रूप न दे दिया जाए।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-साइप्रस प्रवासन और मोबिलिटी समझौता क्या है?
यह भारत और साइप्रस के बीच एक प्रस्तावित द्विपक्षीय समझौता है जो दोनों देशों के बीच लोगों की कानूनी, सुरक्षित और कौशल आधारित आवाजाही के लिए एक संरचित ढाँचा तैयार करेगा। यह समझौता मई 2026 में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडिस की भारत यात्रा के दौरान PM मोदी से हुई बैठक में बनी सहमति के अनुरूप है।
18 सितंबर की निकोसिया बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में भारत-साइप्रस द्विपक्षीय एजेंडे की व्यापक समीक्षा, प्रवासन एवं मोबिलिटी समझौते की प्रगति, और साइप्रस में भारतीय कामगारों के कल्याण व सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने करीबी समन्वय बनाए रखने और नेताओं के विज़न को ठोस परिणामों में बदलने की प्रतिबद्धता दोहराई।
साइप्रस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा का क्या महत्व था?
मई 2026 में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडिस ने भारत की यात्रा की और PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-साइप्रस संबंधों को रणनीतिक स्तर तक उठाने और रक्षा तथा परिवहन संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
साइप्रस में भारतीय कामगारों की क्या स्थिति है?
साइप्रस में भारतीय पेशेवर और कामगार अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उच्चायुक्त मनीष ने कुछ भारतीय कर्मचारियों से संबंधित कल्याण और सुरक्षा के मामले उठाए, और साइप्रस के उप मंत्री लोआनिडेस ने इन मुद्दों के समाधान में निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।
भारत-साइप्रस संबंधों में आगे क्या होने वाला है?
दोनों पक्षों ने प्रवासन और मोबिलिटी समझौते को समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप देने पर ज़ोर दिया है। इसके अलावा रक्षा और परिवहन संपर्क सहित अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों में भी सहयोग को आगे बढ़ाने की योजना है, जो मई 2026 की शिखर बैठक में तय की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले