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भरतपुर मेयर चुनाव: गहलोत का आरोप — निर्दलीय विचित्र सिंह को धमकाकर नामांकन वापस करवाया, BJP उम्मीदवार निर्विरोध

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भरतपुर मेयर चुनाव: गहलोत का आरोप — निर्दलीय विचित्र सिंह को धमकाकर नामांकन वापस करवाया, BJP उम्मीदवार निर्विरोध

सारांश

भरतपुर नगर निगम के मेयर चुनाव में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार विचित्र सिंह के नामांकन वापस लेने से BJP की अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर बनने की कगार पर हैं। गहलोत और डोटासरा ने आरोप लगाया कि राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने दो घंटे की बैठक में उम्मीदवार पर दबाव बनाया — जबकि BJP के पास 65 में से सिर्फ 20 सीटें थीं।

मुख्य बातें

निर्दलीय उम्मीदवार विचित्र सिंह ने 18 सितंबर 2026 को भरतपुर मेयर पद से नामांकन वापस लिया; BJP की अनुराधा सिंह निर्विरोध निर्वाचन की ओर।
अशोक गहलोत का आरोप: प्रशासन ने विचित्र सिंह को उनके व्यावसायिक परिसर में धमकाया; गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने करीब दो घंटे बैठक की।
BJP भरतपुर नगर निगम की 65 पार्षद सीटों में से केवल 20 जीती थी — बहुमत से काफी दूर।
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने BJP पर 'सत्ता और पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग' का आरोप लगाया।
विचित्र सिंह ने कहा कि उन्होंने भरतपुर के विकास के लिए यह निर्णय लिया, लेकिन कांग्रेस वापसी की परिस्थितियों पर सवाल उठा रही है।

भरतपुर नगर निगम के मेयर चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार विचित्र सिंह द्वारा 18 सितंबर 2026 को अपना नामांकन वापस लिए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इस कदम से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार अनुराधा सिंह के भरतपुर की मेयर पद पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने इस घटनाक्रम को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय' करार दिया है और आरोप लगाया है कि विचित्र सिंह को डरा-धमकाकर नामांकन वापस लेने पर मजबूर किया गया।

घटनाक्रम: क्या हुआ भरतपुर में

कथित तौर पर नामांकन वापसी से एक दिन पहले राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने विचित्र सिंह के साथ लगभग दो घंटे की बैठक की। रिपोर्टों के अनुसार, इसके बाद बेढम ने विचित्र सिंह के पति और भरतपुर के पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट से भी मुलाकात की।

गहलोत ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने नामांकन वापस लेने से एक दिन पहले विचित्र सिंह को उनके व्यावसायिक परिसर में धमकाया था। उनके अनुसार, इसके बाद ही राज्य मंत्री बेढम उनसे मिले और नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई।

कांग्रेस के आरोप: लोकतंत्र की हत्या

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी एक्स पर पोस्ट कर BJP और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार पर तीखा हमला बोला। डोटासरा ने आरोप लगाया कि भरतपुर में मतदाताओं द्वारा नकारे जाने के बाद BJP ने 'सत्ता और पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग' से लोकतंत्र की हत्या की।

गौरतलब है कि कांग्रेस का दावा है कि विचित्र सिंह के पास पार्षदों का स्पष्ट संख्या बल था और उनका मेयर चुना जाना लगभग तय माना जा रहा था। डोटासरा ने यह भी कहा कि चुनावी जनादेश का सम्मान करने के बजाय मुख्यमंत्री ने एक सरकारी मंत्री को निर्दलीय उम्मीदवार पर दबाव बनाने के लिए भेजा।

BJP का पार्षद बल और विवाद की जड़

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, BJP भरतपुर नगर निगम की 65 पार्षद सीटों में से केवल 20 सीटें ही जीत पाई थी — यानी उसके पास बहुमत नहीं था। इसके बावजूद BJP उम्मीदवार के मेयर बनाने की कोशिशें की गईं, जिसे कांग्रेस जनादेश का अपमान बता रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार और विपक्षी कांग्रेस के बीच पहले से ही स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर तनाव बना हुआ था। भरतपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला है, जो इस मामले को राजनीतिक रूप से और संवेदनशील बनाता है।

विचित्र सिंह का पक्ष

नामांकन वापस लेने के बाद विचित्र सिंह ने कहा कि वह भरतपुर के विकास में अहम भूमिका निभाना चाहती हैं और उन्होंने इसी मकसद से यह फैसला किया। हालांकि, उनके इस बयान को कांग्रेस ने पर्याप्त नहीं माना और पूछा कि वास्तव में किन परिस्थितियों में यह निर्णय लिया गया।

आगे क्या होगा

विचित्र सिंह के हटने के बाद अनुराधा सिंह भरतपुर मेयर पद की एकमात्र दावेदार बची हैं और उनका निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय है। कांग्रेस ने मांग की है कि BJP सरकार लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करे और नामांकन वापसी की परिस्थितियों की जाँच हो। यह विवाद राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब नामांकन वापसी किन परिस्थितियों में हुई — यह एक ऐसी जाँच की माँग करता है जो न तो BJP कर रही है और न ही राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी तक कोई संज्ञान लिया है। विचित्र सिंह का 'विकास के लिए फैसला' वाला बयान उन परिस्थितियों की व्याख्या नहीं करता जिनमें एक राज्य मंत्री ने दो घंटे की बैठक की — यह खाई पाटे बिना यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे नहीं जाएगा।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरतपुर मेयर चुनाव विवाद क्या है?
भरतपुर नगर निगम के मेयर चुनाव में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार विचित्र सिंह ने 18 सितंबर 2026 को अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे BJP उम्मीदवार अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर बनने की स्थिति में आ गईं। कांग्रेस का आरोप है कि यह वापसी दबाव और धमकी के तहत हुई।
अशोक गहलोत ने क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने नामांकन वापसी से एक दिन पहले विचित्र सिंह को उनके व्यावसायिक परिसर में धमकाया था। इसके बाद राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने करीब दो घंटे उनसे बैठक की और फिर नामांकन वापसी हुई।
भरतपुर नगर निगम में BJP की सीटों की क्या स्थिति है?
भरतपुर नगर निगम की 65 पार्षद सीटों में से BJP केवल 20 सीटें जीत पाई थी, जो बहुमत से काफी कम है। कांग्रेस का कहना है कि इसके बावजूद BJP ने मेयर पद हासिल करने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया।
विचित्र सिंह ने नामांकन वापस लेने पर क्या कहा?
विचित्र सिंह ने कहा कि उन्होंने भरतपुर के विकास में अहम भूमिका निभाने के लिए यह फैसला किया। हालांकि, कांग्रेस इस बयान को अपर्याप्त मानते हुए नामांकन वापसी की असली परिस्थितियों की जाँच की माँग कर रही है।
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मामले में क्या कहा?
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने BJP पर 'सत्ता और पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग' से लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक सरकारी मंत्री को निर्दलीय उम्मीदवार पर दबाव बनाने के लिए भेजा, जिससे भरतपुर के मतदाताओं के जनादेश को पलटा गया।
राष्ट्र प्रेस
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