18 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भरतपुर नगर निगम: भाजपा की अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर, निर्दलीय विचित्र सिंह ने नामांकन वापस लिया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भरतपुर नगर निगम: भाजपा की अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर, निर्दलीय विचित्र सिंह ने नामांकन वापस लिया

सारांश

भरतपुर में निर्दलीय उम्मीदवार विचित्र सिंह के नामांकन वापस लेने से भाजपा की अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर बनने की राह साफ हो गई। यह राजस्थान के लगभग 18 नगर निकायों में भाजपा के निर्विरोध जीत की बड़ी कड़ी है।

मुख्य बातें

निर्दलीय उम्मीदवार विचित्र सिंह ने 18 सितंबर 2026 को नामांकन वापस लिया, अनुराधा सिंह एकमात्र उम्मीदवार बचीं।
भाजपा की अनुराधा सिंह भरतपुर नगर निगम की निर्विरोध मेयर बनने जा रही हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राजस्थान के लगभग 18 नगर निकायों में पार्टी की निर्विरोध जीत का दावा किया।
राजस्थान मंत्री जवाहर सिंह बेढम नामांकन वापसी के समय उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार की नीतियों में विश्वास को भाजपा ने इस समर्थन की वजह बताया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार अनुराधा सिंह भरतपुर नगर निगम की निर्विरोध मेयर बनने जा रही हैं। 18 सितंबर 2026 को राजस्थान सरकार के मंत्री जवाहर सिंह बेढम की उपस्थिति में निर्दलीय उम्मीदवार विचित्र सिंह ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे अनुराधा सिंह मेयर पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार बच गई हैं।

क्या है पूरा घटनाक्रम

विचित्र सिंह के नामांकन वापसी के साथ ही मेयर पद के लिए कोई अन्य दावेदार नहीं रहा, जिससे अनुराधा सिंह का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब राजस्थान में नगर निकाय चुनावों की प्रक्रिया चल रही है और भाजपा के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने अनुराधा सिंह को बधाई देते हुए कहा कि पार्टी में जनता का भरोसा और विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह समर्थन न केवल भरतपुर में, बल्कि राजस्थान के लगभग 18 नगर निकायों में भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध मेयर और चेयरपर्सन बनने से स्पष्ट होता है।

राठौड़ ने यह भी कहा कि भरतपुर में निर्दलीय पार्षदों ने क्षेत्र के विकास के लिए भाजपा में शामिल होने का निर्णय किया है और उन्होंने पार्टी की विचारधारा तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों में विश्वास जताया है।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि राजस्थान के कई नगर निकायों में भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध चुनाव एक उल्लेखनीय प्रवृत्ति है। राठौड़ के अनुसार, कुछ स्थानों पर विपक्षी उम्मीदवारों ने नामांकन ही दाखिल नहीं किया, जबकि अन्य जगहों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने नाम वापस लेकर भाजपा को समर्थन दिया। यह स्थिति राज्य स्तर पर भाजपा की राजनीतिक पकड़ को दर्शाती है, हालाँकि विपक्षी दलों की ओर से इस पर स्वतंत्र प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।

यह ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जन-कल्याण और विकास की नीतियों को आगे बढ़ाने का दावा कर रही है। भाजपा का कहना है कि निर्दलीय पार्षदों और उम्मीदवारों का पार्टी के साथ आना यह दिखाता है कि वे क्षेत्रीय विकास के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।

आम जनता पर असर

अनुराधा सिंह के निर्विरोध मेयर बनने से भरतपुर के नागरिकों को उम्मीद है कि स्थानीय प्रशासन में निरंतरता बनी रहेगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी। राठौड़ ने कहा कि भाजपा 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना से जनहित में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

आगे क्या होगा

नामांकन वापसी की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद अनुराधा सिंह का औपचारिक रूप से निर्विरोध निर्वाचित होना तय माना जा रहा है। भरतपुर नगर निगम के अगले मेयर के रूप में उनकी भूमिका शहर के बुनियादी ढाँचे और नागरिक सुविधाओं के विकास की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या यह वास्तविक जनसमर्थन है या राजनीतिक दबाव का नतीजा — क्योंकि विपक्षी और निर्दलीय उम्मीदवारों द्वारा मैदान छोड़ना हमेशा स्वैच्छिक नहीं होता। स्थानीय निकाय चुनावों में प्रतिस्पर्धा का अभाव लोकतांत्रिक जवाबदेही को कमज़ोर कर सकता है, भले ही सत्तारूढ़ दल इसे लोकप्रियता का प्रमाण बताए। भरतपुर की जनता के लिए असली परीक्षा यह होगी कि निर्विरोध चुनी गई मेयर शहर के बुनियादी ढाँचे और नागरिक सेवाओं में किस हद तक सुधार ला पाती हैं।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरतपुर नगर निगम में निर्विरोध मेयर कौन बनेंगी?
भाजपा की उम्मीदवार अनुराधा सिंह भरतपुर नगर निगम की निर्विरोध मेयर बनेंगी। 18 सितंबर 2026 को निर्दलीय उम्मीदवार विचित्र सिंह के नामांकन वापस लेने के बाद वे एकमात्र उम्मीदवार रह गई हैं।
विचित्र सिंह ने नामांकन क्यों वापस लिया?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विचित्र सिंह ने राजस्थान सरकार के मंत्री जवाहर सिंह बेढम की मौजूदगी में अपना नामांकन वापस लिया। भाजपा का दावा है कि निर्दलीय उम्मीदवारों और पार्षदों ने क्षेत्रीय विकास के लिए पार्टी को समर्थन देने का निर्णय किया है।
राजस्थान में कितने नगर निकायों में भाजपा निर्विरोध जीती?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के अनुसार, राजस्थान के लगभग 18 नगर निकायों में भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध मेयर और चेयरपर्सन बने हैं। कुछ जगहों पर विपक्षी उम्मीदवारों ने नामांकन नहीं दाखिल किया, तो कुछ जगहों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया।
भरतपुर नगर निगम के मेयर चुनाव में भाजपा की जीत का क्या महत्त्व है?
यह जीत भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार के लिए स्थानीय निकाय स्तर पर राजनीतिक पकड़ को मजबूत करती है। भाजपा इसे अपनी जन-कल्याणकारी नीतियों के प्रति जनविश्वास के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
भरतपुर नगर निगम के नए मेयर की आगे क्या भूमिका होगी?
निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद अनुराधा सिंह भरतपुर नगर निगम के प्रशासन का नेतृत्व करेंगी। उनकी प्राथमिकता शहर के बुनियादी ढाँचे और नागरिक सुविधाओं के विकास पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले