28 जुलाई 2026
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राजस्थान से राज्यसभा: भाजपा की अलका गुर्जर व सतीश पूनिया और कांग्रेस के नीरज डांगी निर्विरोध निर्वाचित

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राजस्थान से राज्यसभा: भाजपा की अलका गुर्जर व सतीश पूनिया और कांग्रेस के नीरज डांगी निर्विरोध निर्वाचित

सारांश

राजस्थान में राज्यसभा की तीनों सीटें बिना मतदान के तय हो गईं — भाजपा को दो और कांग्रेस को एक। सतीश पूनिया का उच्च सदन पहुँचना भाजपा की ओबीसी रणनीति को दर्शाता है, जबकि नीरज डांगी का पुनर्निर्वाचन राजस्थान में कांग्रेस की संसदीय उपस्थिति को बनाए रखता है।

मुख्य बातें

11 जून 2026 को राजस्थान से राज्यसभा की तीनों सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।
भाजपा की अलका गुर्जर और सतीश पूनिया ने 2 सीटें जीतीं; कांग्रेस के नीरज डांगी ने 1 सीट जीती।
उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर होने से मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी।
रिटर्निंग ऑफिसर भारत भूषण शर्मा ने नामांकन वापसी की समय-सीमा के बाद परिणाम घोषित किए।
सतीश पूनिया का निर्वाचन भाजपा की ओबीसी समुदाय को उच्च सदन में प्रतिनिधित्व देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

राजस्थान से राज्यसभा की तीनों सीटों पर 11 जून 2026 को उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार अलका गुर्जर और सतीश पूनिया तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के उम्मीदवार नीरज डांगी को जयपुर स्थित राजस्थान विधानसभा में निर्वाचन अधिकारी ने आधिकारिक रूप से विजयी घोषित किया। उपलब्ध सीटों और उम्मीदवारों की संख्या बराबर रहने के कारण मतदान की नौबत ही नहीं आई।

निर्वाचन प्रक्रिया कैसे हुई संपन्न

राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर भारत भूषण शर्मा ने नामांकन वापस लेने की अंतिम समय-सीमा समाप्त होने के तुरंत बाद परिणामों की औपचारिक घोषणा की। इसके पश्चात तीनों नवनिर्वाचित सदस्यों को विधिवत जीत का प्रमाण-पत्र भी सौंपा गया। यह प्रक्रिया राज्यसभा चुनाव नियमों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से पूरी की गई।

राजनीतिक समीकरण और भाजपा की रणनीति

इस चुनावी नतीजे ने राजस्थान विधानसभा में मौजूदा राजनीतिक बलाबल को स्पष्ट रूप से उजागर किया है, जहाँ भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास स्पष्ट बहुमत है। इसी बहुमत के आधार पर भाजपा ने तीन में से दो सीटें अपने नाम कीं।

पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और ओबीसी समुदाय के प्रमुख नेता सतीश पूनिया का राज्यसभा पहुँचना पार्टी के लिए एक महत्त्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा उच्च सदन में अपनी उपस्थिति और प्रभाव को और सुदृढ़ करना चाहती है। वहीं, अलका गुर्जर को राज्यसभा भेजे जाने को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक आधार को व्यापक करने की भाजपा की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

कांग्रेस के लिए नीरज डांगी का पुनर्निर्वाचन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नीरज डांगी का दोबारा राज्यसभा पहुँचना पार्टी के लिए भी अहम माना जा रहा है। डांगी लंबे समय से संसद के उच्च सदन में कांग्रेस की ओर से सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं और राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। उनके पुनर्निर्वाचन से राज्यसभा में राजस्थान से कांग्रेस की आवाज़ निरंतर बनी रहेगी।

नवनिर्वाचित सांसद सतीश पूनिया का बयान

नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं इस जिम्मेदारी को पूरी प्रतिबद्धता और संकल्प के साथ स्वीकार करता हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा सदस्य के रूप में वे संसद में जनहित और लोककल्याण से जुड़े मुद्दों को मज़बूती और तार्किक ढंग से उठाएंगे।

आगे क्या होगा

आने वाले हफ्तों में तीनों नवनिर्वाचित सदस्य शपथ लेकर अपनी नई जिम्मेदारियाँ संभालेंगे। चुनाव के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं ने विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि वे संसद में राजस्थान के मुद्दों और जनता की आकांक्षाओं को प्रभावी ढंग से उठाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

हालाँकि नीरज डांगी जैसे अनुभवी सांसद की वापसी से विपक्ष की संसदीय आवाज़ कुछ हद तक बनी रहेगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान से राज्यसभा चुनाव 2026 में कौन निर्वाचित हुए?
भाजपा की अलका गुर्जर और सतीश पूनिया तथा कांग्रेस के नीरज डांगी — तीनों उम्मीदवार 11 जून 2026 को राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।
राजस्थान राज्यसभा चुनाव में मतदान क्यों नहीं हुआ?
चुनाव में उपलब्ध सीटों की संख्या और उम्मीदवारों की संख्या बराबर थी, इसलिए निर्वाचन नियमों के अनुसार मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी और सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए।
सतीश पूनिया का राज्यसभा जाना राजनीतिक रूप से क्यों महत्त्वपूर्ण है?
सतीश पूनिया पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और ओबीसी समुदाय के प्रमुख नेता हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उनका उच्च सदन में पहुँचना भाजपा की ओबीसी समुदाय को प्रतिनिधित्व देने और संसद में अपनी मौजूदगी मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
नीरज डांगी कौन हैं और उनका पुनर्निर्वाचन कांग्रेस के लिए क्यों अहम है?
नीरज डांगी राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं जो लंबे समय से राज्यसभा में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके पुनर्निर्वाचन से संसद के उच्च सदन में राजस्थान से कांग्रेस की निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित होगी।
तीनों नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद कब शपथ लेंगे?
रिपोर्टों के अनुसार, तीनों नवनिर्वाचित सदस्य आने वाले हफ्तों में शपथ लेकर अपनी नई जिम्मेदारियाँ संभालेंगे। शपथ की सटीक तिथि अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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