राजस्थान राज्यसभा चुनाव: नामांकन शुरू, भाजपा-कांग्रेस ने अभी तक उम्मीदवार नहीं किए घोषित
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 2 जून 2026 (सोमवार) से शुरू हो गई, लेकिन पहले दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) में से किसी भी दल ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की। नामांकन के पहले दिन कोई भी पर्चा दाखिल नहीं हुआ, जो दर्शाता है कि दोनों प्रमुख दलों में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया अभी जारी है।
मुख्य चुनावी कार्यक्रम
राजस्थान विधानसभा के प्रधान सचिव भरत भूषण शर्मा को इन चुनावों का रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। नामांकन पत्र राजस्थान विधानसभा के कमरा नंबर 106 में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच उम्मीदवार या उनके किसी एक प्रस्तावक द्वारा दाखिल किए जा सकते हैं। नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून, कागजों की जाँच 9 जून, नाम वापसी की आखिरी तारीख 11 जून और मतदान 18 जून को निर्धारित है।
किन सीटों पर होगा चुनाव
राजस्थान से राज्यसभा के तीन सदस्यों — राजेंद्र गहलोत, रवनीत सिंह बिट्टू और नीरज डांगी — का कार्यकाल 20 जून 2026 को समाप्त होने वाला है। इनमें से गहलोत और बिट्टू BJP के सांसद हैं, जबकि डांगी कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हैं। गौरतलब है कि यह चुनाव उन 10 राज्यों में हो रहे हैं जहाँ राज्यसभा की कुल 24 सीटें रिक्त हो रही हैं।
भाजपा की तैयारी
BJP ने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने के लिए विचार-विमर्श तेज कर दिया है। नई दिल्ली में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के बाद BJP के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने उन राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों से चर्चा की जहाँ राज्यसभा चुनाव होने हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, संभावित उम्मीदवारों पर विस्तार से मंथन चल रहा है और पार्टी की कोर कमेटी भी इस परामर्श प्रक्रिया में शामिल है। 200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में BJP की मौजूदा संख्या बल इतनी मजबूत है कि वह तीन में से दो सीटें आसानी से जीत सकती है।
कांग्रेस में हलचल
BJP के विपरीत, राजस्थान कांग्रेस में उम्मीदवार चयन को लेकर कोई विशेष सार्वजनिक हलचल नहीं दिखी। पार्टी नेताओं का कहना है कि अंतिम निर्णय नई दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान ही लेगा। पुष्कर में जिला अध्यक्षों के लिए आयोजित 10-दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन के बाद अब राज्यसभा चुनावों पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। पार्टी अधिकारियों के अनुसार, पार्टी के भीतर यह माँग उठ रही है कि नामांकन में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अल्पसंख्यक समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। वरिष्ठ नेता भी अपनी दावेदारी के लिए लॉबिंग कर रहे हैं, क्योंकि पार्टी अपनी विधानसभा संख्या बल के आधार पर जीत सकने वाली एकमात्र सीट के लिए प्रत्याशी तय करने की तैयारी में है।
आगे क्या
दोनों दलों के उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उम्मीदवारों के नाम अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होने की संभावना है। यह चुनाव राजस्थान में BJP और कांग्रेस दोनों के लिए अपनी-अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं और सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने की परीक्षा भी है।