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राज्यसभा चुनाव: भाजपा उम्मीदवार सतीश पूनिया और अलका गुर्जर ने जयपुर में दाखिल किया नामांकन

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राज्यसभा चुनाव: भाजपा उम्मीदवार सतीश पूनिया और अलका गुर्जर ने जयपुर में दाखिल किया नामांकन

सारांश

भाजपा ने राजस्थान से राज्यसभा के लिए जाट नेता सतीश पूनिया और गुर्जर चेहरा अलका गुर्जर को मैदान में उतारा है — एक ऐसा सामाजिक समीकरण जो 18 जून के चुनाव से आगे 2028 के विधानसभा चुनावों की नींव भी रखता है।

मुख्य बातें

अलका गुर्जर ने 8 जून को जयपुर में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया।
दोनों उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की जगह आए हैं, जिनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त होगा।
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान; भाजपा को दो सीटें मिलने की उम्मीद।
यह चयन जाट और गुर्जर समुदायों में भाजपा की पकड़ मज़बूत करने की रणनीतिक कोशिश माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने दोनों उम्मीदवारों की प्रशंसा की।

राजस्थान से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा उम्मीदवार डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर ने सोमवार, 8 जून को जयपुर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल किया। राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है, और मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर भाजपा को इनमें से दो सीटें मिलने की उम्मीद है।

उम्मीदवारी की पृष्ठभूमि

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने पूनिया और गुर्जर को केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की जगह उम्मीदवार घोषित किया है, जिनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। यह घोषणा अलग-अलग राज्यों के 11 उम्मीदवारों की व्यापक सूची का हिस्सा है।

गौरतलब है कि डॉ. पूनिया राजस्थान में एक प्रमुख जाट नेता के रूप में जाने जाते हैं, जबकि डॉ. गुर्जर का गुर्जर समुदाय में मज़बूत जनाधार है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह चयन राजस्थान के चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण इन दोनों समुदायों के बीच पार्टी की पकड़ को और मज़बूत करने की एक सुविचारित रणनीति है।

नेताओं की प्रतिक्रिया

राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने दोनों उम्मीदवारों की नामांकन प्रक्रिया को पार्टी के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने संगठन के लिए निरंतर कार्य किया है और ऊपरी सदन के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर योगदान देने का अवसर मिलेगा। राठौड़ ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क तेज़ करने और सरकारी योजनाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का आह्वान भी किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूनिया और गुर्जर दोनों ने संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और राज्यसभा में उनकी उपस्थिति से राजस्थान को व्यापक लाभ होगा।

उम्मीदवारों के विचार

डॉ. सतीश पूनिया ने कहा कि भाजपा का संगठन परिश्रम और समर्पण का सम्मान करता है। उन्होंने कहा, 'मैंने एक आम कार्यकर्ता के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी और संगठन ने मुझे हर कदम पर सम्मान और अवसर दिए हैं।' उन्होंने शीर्ष नेतृत्व, राज्य नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

डॉ. अलका गुर्जर ने कहा कि यह महत्वपूर्ण अवसर पार्टी कार्यकर्ताओं के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने संकल्प जताया कि वे सभी मिलकर 'डबल-इंजन' सरकार और राजस्थान के विकास के लिए काम करेंगे।

सामाजिक समीकरण और राजनीतिक महत्व

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जाट और गुर्जर समुदाय राजस्थान के कई विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। भाजपा का यह उम्मीदवार चयन इन समुदायों में कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं के मुकाबले पार्टी की स्थिति को मज़बूत करने का प्रयास माना जा रहा है।

यह सामाजिक संतुलन 2028 के राजस्थान विधानसभा चुनावों की तैयारी के नज़रिए से भी अहम है। यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा राज्य में अपनी सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने की मुहिम चला रही है।

आगे क्या होगा

राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। वर्तमान विधानसभा संख्या बल के अनुसार भाजपा को दो और कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना जताई जा रही है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी की नज़रें मतदान की तारीख पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और 2023 में सत्ता में आने के बाद भाजपा इन समुदायों में अपनी जड़ें और गहरी करना चाहती है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्यसभा की सीट देना इन समुदायों की ज़मीनी आकांक्षाओं — रोज़गार, आरक्षण, कृषि नीति — का विकल्प बन सकती है, जो अक्सर चुनावी वादों में पीछे छूट जाती हैं। 2028 के विधानसभा चुनाव इस रणनीति की असली परीक्षा होंगे।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को राज्यसभा उम्मीदवार क्यों बनाया गया?
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने दोनों को केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की जगह उम्मीदवार घोषित किया, जिनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जाट नेता पूनिया और गुर्जर समुदाय की प्रतिनिधि गुर्जर का चयन राजस्थान में इन दोनों प्रभावशाली समुदायों में पार्टी का समर्थन मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
राजस्थान राज्यसभा चुनाव 2025 में मतदान कब होगा?
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून 2025 को मतदान होगा। वर्तमान विधानसभा संख्या बल के आधार पर भाजपा को दो और कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना जताई जा रही है।
डॉ. सतीश पूनिया कौन हैं?
डॉ. सतीश पूनिया राजस्थान के एक वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रमुख जाट चेहरा हैं। वे पार्टी संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और राजस्थान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
राज्यसभा उम्मीदवारी का 2028 के राजस्थान चुनावों से क्या संबंध है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जाट और गुर्जर समुदायों को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देकर भाजपा 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए इन समुदायों में अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश कर रही है। ये दोनों समुदाय राजस्थान के कई विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
भाजपा के 11 राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में और कौन शामिल हैं?
पूनिया और गुर्जर की उम्मीदवारी भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा घोषित अलग-अलग राज्यों के 11 उम्मीदवारों की व्यापक सूची का हिस्सा है। हालाँकि, अन्य राज्यों के उम्मीदवारों का विवरण इस घोषणा में अलग से उल्लिखित नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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